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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • समझें गर जो दोस्ती दुश्मनी नहीं होती
    शेरो-शायरी

    समझें गर जो दोस्ती दुश्मनी नहीं होती

    ByAdmin July 25, 2021

    समझें गर जो दोस्ती दुश्मनी नहीं होती ( Samajhen gar jo dosti dushmani nahi hoti )   समझें गर जो दोस्ती दुश्मनी नहीं होती! मुहब्बत  के ही बिना जिंदगी नहीं होती   करे  चुगली  हर  घड़ी जो सदा आपकी  ही उसको जीवन में  कभी फ़िर ख़ुशी नहीं होती   ख़िलाफ़ वो गर न होता अपना…

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  • शब्द
    कविताएँ

    शब्द | Hindi Poetry

    ByAdmin July 25, 2021

    शब्द ( Shabd )   मेरे शब्दों की दुनिया में, आओं कभी। स्वर में कविता मेरी, गुनगुनाओ कभी। बात दिल की सभी को बता दो अभी।   मेरे शब्दों की दुनिया में…….. ये जो  रचना  मेरी  देगी  जीवन तभी। लय में सुर ताल रिद्धम में बाँधो कभी। अपने भावों को इसमें मिलाओ कभी।   मेरे…

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  • Pratibha Sinha
    सिनेमा

    गुमनाम प्रतिभा | Pratibha Sinha

    ByAdmin July 25, 2021July 25, 2021

    कहते हैं किसी भी इंसान के जीवन में एक वक्त ऐसा जरूर आता है जब उसे महत्वपूर्ण निर्णय लेना होता है। यह निर्णय उसकी जिंदगी बदल देता है। यदि सही निर्णय लिया तो लाइफ बन जाती है वहीं गलत निर्णय आपको पीछे धकेल देता है। यह वैसा ही है जैसे कहीं जाते समय किसी चौराहे…

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  • तुम मेरे हो
    कविताएँ

    तुम मेरे हो | Geet

    ByAdmin July 24, 2021

    तुम मेरे हो ( Tum mere ho )   तुम मेरे हो तुम मेरे हो, सुंदर शाम सवेरे हो। जीवन की बगिया में तुम, खिलते फूल घनेरे हो।   मुस्कानों से मोती झरते, प्रेम उमड़ता सागर सा। महक जाता दिल का कोना, प्रेम भरी इक गागर सा।   मधुबन मन का खिलता जाता, प्रियतम तुम…

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  • रोज़ है इंतजार सावन का
    शेरो-शायरी

    रोज़ है इंतजार सावन का | Sawan par Shayari

    ByAdmin July 24, 2021February 6, 2023

    रोज़ है इंतजार सावन का ( Roz hai intezar sawan ka )   रोज़   है   इंतजार   सावन  का आकर बरसें अब प्यार सावन का   ऐसा बूंदों में  ही बजे सरगम  दिल  करे बेक़रार सावन का   भीगा जाये तन प्यार में इसके हो रहा दिल पे वार सावन का   फ़ूलों की ख़ुशबू सांसों…

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  • गुरु शिष्य का भाग्य संवारते
    कविताएँ

    गुरु शिष्य का भाग्य संवारते | Kavita

    ByAdmin July 24, 2021

    गुरु शिष्य का भाग्य संवारते ( Guru shishya ka bhagya sanwarte )   किस्मत का ताला खुल जाता, गुरु शिष्य का भाग्य विधाता। ज्ञान ज्योति जगा घट घट में, अंतर्मन उजियारा लाता।   शिल्पकार मानव निर्माता, शत शत वंदन हे गुण दाता। बुरे मार्ग से हमें बचाओ, प्रगति का मार्ग दिखलाओ।   गढ़कर नित नये…

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  • रोज़ रब से मैं यारों ख़ुशी मांगता हूँ
    शेरो-शायरी

    रोज़ रब से मैं यारों ख़ुशी मांगता हूँ | Ghazal

    ByAdmin July 24, 2021

    रोज़ रब से मैं यारों ख़ुशी मांगता हूँ ( Roz rab se main yaron khushi mangata hoon )     रोज़ रब से मैं यारों ख़ुशी मांगता हूँ! दूर हो दुख अच्छी जिंदगी मांगता हूँ   उम्रभर  साथ  मेरा  निभाये वफ़ा एक ऐसी  रब से दोस्ती मांगता हूँ   प्यार हो वावफ़ा से भरी हो…

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  • रात भर हम करवटें बदलते है
    शेरो-शायरी

    रात भर हम करवटें बदलते है | Ghazal Raat bhar

    ByAdmin July 23, 2021February 7, 2023

    रात भर हम करवटें बदलते है ( Raat bhar hum karvaten badalte hai )   रात भर हम करवट बदलते है ! याद में उसकी रोज़ जलते है   जिंदगी ग़म भरी है ये  इतनी हाँ ख़ुशी के लिये तड़फतें है   याद आती है साथ गुजरे दिन जब गली से उसकी निकलते है  …

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  • साजन
    छंद

    साजन | Virah

    ByAdmin July 23, 2021February 6, 2023

    साजन (Saajan  ) ( सायली छंद – विरह )   साजन सावन आया प्रेम ऋतु छाया पुरवा बयार हर्षाया   मेरा चंचल मन पिया अब आजा तडपत मनवा मचलत   रतिया कटती नाहीं विरह वेदना जाए याद करे पछताए   घबराए नाही आगे नन्द के लाल मदन गोपाल घनश्याम   कवि :  शेर सिंह हुंकार देवरिया…

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  • फूलों सा मुस्काता चल
    कविताएँ

    फूलों सा मुस्काता चल | Hindi Poetry

    ByAdmin July 22, 2021October 22, 2022

    फूलों सा मुस्काता चल ( Phoolon sa muskata chal )   फूलों सा मुस्काता चल, राही गीत गाता चल। मंजिल  मिलेगी  खुद, कदम  बढ़ाना  है।   आंधी तूफान आए, बाधाएं मुश्किलें आए। लक्ष्य  साध  पथ  पर, बढ़ते  ही जाना है।   नेह मोती बांट चलो, हंस हंस खूब मिलो। अपनापन  रिश्तो  में, हमको  फैलाना है।…

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