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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • हिंदी भारतीय साहित्य में नया प्रयोग ‘3020 ई.’
    पुस्तक समीक्षा

    Book Review | हिंदी भारतीय साहित्य में नया प्रयोग ‘3020 ई.’

    ByAdmin July 17, 2021July 17, 2021

    राकेश शंकर भारती का उपन्यास 3020 ई. सम्भवत: हिंदी साहित्य का ऐसा पहला उपन्यास है जिसकी कल्पना का आधार विज्ञान है। आज से पूर्व हमने जितने उपन्यास पढ़े हैं वह एक परिपाटी से बंधे दिखायी देते हैं। एक कहानी जो आरंभ, उत्कर्ष, पराकाष्ठा से गुज़रती हुई फल को प्राप्त करती है। इसके अंतर्गत प्रेम कथाएँ,…

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  • छात्रों के लिए शिक्षा का महत्व
    निबंध

    छात्रों के लिए शिक्षा का महत्व | Essay In Hindi

    ByAdmin July 17, 2021

    निबंध – छात्रों के लिए शिक्षा का महत्व ( Importance of education for students : Essay In Hindi ) शिक्षा महत्वपूर्ण है लेकिन यह सिर्फ एक अल्पमत है। शिक्षा किसी के जीवन को बेहतर बनाने का एक हथियार है। यह शायद किसी के जीवन को बदलने का सबसे महत्वपूर्ण साधन है। बच्चे की शिक्षा घर…

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  • फिजाओं में जहर घोला जा रहा है
    कविताएँ

    फिजाओं में जहर घोला जा रहा है | Kavita

    ByAdmin July 14, 2021October 26, 2022

    फिजाओं में जहर घोला जा रहा है ( Fizaon mein jahar ghola ja raha hai )     हवाओं में  जहर घोला जा रहा है जंगलों को जड़ से काटा जा रहा है शहरों में ऑक्सीजन है नहीं फिर भी आलीशां महल बनाया जा रहा है।   हम भला इंसाफ अब क्या करेंगे लगा के…

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  • सशक्त बनो हे नारी तुम
    कविताएँ

    सशक्त बनो हे नारी तुम | Kavita

    ByAdmin July 14, 2021

    सशक्त बनो हे नारी तुम ( Sashakt bano he nari tum )   उठो नारी आंसू पौंछो खुद की कीमत पहचानो लाज का घूंघट ढाल बना लो अहंकार का तिलक लगा लो स्वाभिमान की तान के चादर खुद में खुद को सुदृढ बना लो उठो नारी आंसू पौंछो खुद की कीमत पहचानो ?☘️ अपनी शक्ति…

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  • मेघा
    कविताएँ

    मेघा | Kavita

    ByAdmin July 13, 2021

    मेघा ( Megha )   बरस रे टूट कर मेघा, हृदय की गाद बह जाए। सूक्ष्म से जो दरारे है, गाद बह साफ हो जाए। बरस इतना तपन तन मन का मेरे शान्त हो जाए, नये रंग रुप यौवन सब निखर कर सामने आए।   दिलों पे जम गयी है गर्द जो, उसको बहा देना।…

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  • इस महफिल में न यादों की खुशबू आती है
    कविताएँ

    इस महफिल में न यादों की खुशबू आती है | Kavita

    ByAdmin July 13, 2021

    इस महफिल में न यादों की खुशबू आती है ( Is mehfil mein na yaadon ki khushboo aati hai )   ना पुराने इश्क पर चर्चा होती है। ना अब किसी की टांग खींची जाती है। ए मेरे दोस्त लगता है सब जिम्मो तले छोटी सी झपकी लेने चली जाती है। आओ ना यारों फिर…

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  • बरसो मेघा प्यारे
    कविताएँ

    बरसो मेघा प्यारे | Kavita

    ByAdmin July 13, 2021

    बरसो मेघा प्यारे ( Barso megha pyare )   तपती रही दोपहरी जेठ की आया आषाढ़ का महीना धरा तपन से रही झूलसती सबको आ रहा पसीना   कारे कजरारे बादल सारे घिर कर बरसो मेघा प्यारे क्षितिज व्योम में छा जाओ उमड़ घुमड़ कर आ जाओ   मूसलाधार गरज कर बरसो रिमझिम बरस झड़ी…

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  • हाँ खायी जीस्त में ठोकर बहुत है
    शेरो-शायरी

    हाँ खायी जीस्त में ठोकर बहुत है | Sad Shayari

    ByAdmin July 12, 2021July 13, 2021

    हाँ खायी जीस्त में ठोकर बहुत है ( Haan khayi jeest mein thokar bahut hai )   हाँ खायी  जीस्त में ठोकर बहुत है जिग़र पे इसलिए  नश्तर बहुत है   मुहब्बत का अपनें ने कब दिया गुल नफ़रत के ही मारे पत्थर बहुत है !   किसी को प्यार क्या  देगे भला वो  मुहब्बत…

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  • पर्वत प्रदेश में पावस
    कविताएँ

    पर्वत प्रदेश में पावस | Kavita

    ByAdmin July 12, 2021October 26, 2022

    पर्वत प्रदेश में पावस ( Parvat Pradesh Mein Pavas )   पावसी बूंदे पड़ते ही पर्वत झूमने है लगते.. पेड़  पौधे  फूल  सभी  मुस्कुराने  है लगते .. चट्टानों पर छा जाती है चाहुओर हरियाली मानो उपवन में कोई मोर नाचने है लगते।   रिमझिम बूंदें है गाती  भीगती है चोटियां… छनन छनन खलल खलल गाती…

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  • कलम की आवाज
    कविताएँ

    कलम की आवाज | Kavita

    ByAdmin July 12, 2021July 13, 2021

    कलम की आवाज ( Kalam ki aawaj ) ( मेरी कलम की आवाज सर्वश्रेष्ठ अभिनेता दिलीप साहब जी को समर्पित करती हूं ) “संघर्षों से जूझता रहा मगर हार न मानी, करता रहा कोशिश मगर जुबां पर कभी न आई दर्द की कहानी”। कुल्हाड़ी में लकड़ी का दस्ता न होता तो लकड़ी के काटने का…

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