फिजाओं में जहर घोला जा रहा है

फिजाओं में जहर घोला जा रहा है | Kavita

फिजाओं में जहर घोला जा रहा है

( Fizaon mein jahar ghola ja raha hai )

 

 

हवाओं में  जहर घोला जा रहा है

जंगलों को जड़ से काटा जा रहा है

शहरों में ऑक्सीजन है नहीं फिर भी

आलीशां महल बनाया जा रहा है।

 

हम भला इंसाफ अब क्या करेंगे

लगा के वृक्ष भला हम क्या करेंगे

वृक्ष काटकर वो जहर पिलाते रहे

हम सींच अमृत से भला क्या करेंगे।

 

वृक्ष काट करके वो जहर पिलाते रहे

सीचे हम अमृत से वो शजर बेचते रहे

 अंदर से दफन हो रही अब इंसानियत

घूस लेकर वनाधिकारी जहर खिलाते रहे।

 

?

Dheerendra

लेखक– धीरेंद्र सिंह नागा

(ग्राम -जवई,  पोस्ट-तिल्हापुर, जिला- कौशांबी )

उत्तर प्रदेश : Pin-212218

यह भी पढ़ें : –

24+ Desh Bhakti Kavita in Hindi देश भक्ति कविता हिंदी में

Similar Posts

  • मैं आऊंगा दोबारा | Kavita Main Aaunga Dobara

    मैं आऊंगा दोबारा ( Main Aaunga Dobara )     ये गांव ये चौबारा मैं आऊंगा दुबारा चाहे सरहद पे रहुं या कहीं भी रहूं पहन के रंग बसन्ती केसरिया या तिरंगी पगड़ियां मैं आऊंगा दुबारा के देश मेरा है प्यारा   सिर मेरे कफ़न दिल में है वतन लाज इसकी बचाने हो जाऊंगा हवन…

  • अंतर्मन | Antarman

    अंतर्मन ( Antarman )   टूट भी जाए अगर, तो जुड़ जाती है डोर एक गांठ ही है जो कभी, खत्म नहीं होती मन की मैल तो होती है, दबी चिंगारी जैसे जलने भी नही देती, बुझने भी नही देती रोता है अंतर्मन, मुस्कान तो सिर्फ बहाना है मजबूरी है जिंदा रहना, यही अब जमाना…

  • आओ हम सब मतदान करें

    मतदान करें आओ हम सब मतदान करें नव भारत का निर्माण करें दो ऐसा मत सेना का मान बढ़े था विश्व गुरु हमारा भारत देश फिर से वही गौरवमय इतिहास बनें ना बटें आपस में पाखंड के नाम पर आदेश और सर्वधर्म की रक्षा करें आओ हम सब मतदान करें नवभारत का निर्माण करें अब…

  • करूं भी तो क्या | Karoon Bhi to Kya

    करूं भी तो क्या हम सबकी जिंदगी भी एक सर्किल की तरह है,इसी में हम सब उलझें और घूमते रहते हैं हरदम।लाइन पर सीधा चलना तुम भी भूले और हम भी,अपने ही कामों में उलझे रहते हैं अब तो हरदम।। हम सबका था रंगीन जीवन अब बेरंग हो गया है,कलर प्लेट में है,या प्लेट कलर…

  • आज का सवाल हैं | Aaj ka Sawal hai

    आज का सवाल हैं ( Aaj ka sawal hai )   आज का सवाल हैं मचा हुआ बवाल हैं इसका क्या हाल हैं उसका क्या हाल हैं नियति जो निर्धारण करें , उसका ही तो कार्यकाल हैं ! लोग पूछते एक ही सवाल हैं ?? इसका क्या हाल हैं, उसका क्या हाल हैं। । देते…

  • हम तुम्हारे है सनम | Hum Tumhare Hain Sanam

    हम तुम्हारे है सनम ( Hum Tumhare Hain Sanam )   मन में कभी तुम ना लाना प्रियवर ऐसा ये विचार, छोड़ जायेगी हमको ऐसे कर देगी जीवन बेकार। सात-वचन से बंधकर आयी मैं पतिव्रता यह नार, साथ रहूॅंगी पूरी उम्रभर मैं भरती हूॅं ऐसी हूॅंकार।। एक तेरे ही खातिर छोड़ आई हूॅं मैं सारा…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *