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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • व़क्त तन्हा यहां मेरा कटता नहीं
    शेरो-शायरी

    Hindi poem on time| व़क्त तन्हा यहां मेरा कटता नहीं

    ByAdmin April 10, 2021April 12, 2021

    व़क्त तन्हा यहां मेरा कटता नहीं ( Waqt tanha yahan mera katata nahin )   व़क्त तन्हा यहां मेरा कटता नहीं! जिंदगी में हंसी कोई लम्हा नहीं   सिलसिला फ़िर न होता मनाने का ही वो  अगर  मुझसे  नाराज़  होता नहीं   टूट गया है जुड़ने से पहले ही रिश्ता जुड़ा  कोई  उससे  मेरा  रिश्ता…

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  • इक रोज़ हवा बनकर
    शेरो-शायरी

    Hindi poem on love | इक रोज़ हवा बनकर, तेरी गली में आ जाऊंगा

    ByAdmin April 10, 2021April 12, 2021

    इक रोज़ हवा बनकर, तेरी गली में आ जाऊंगा ( Ek Roz Hawa Banke Teri Gali Mein Aa Jaunga )   इक रोज़ हवा बनकर, तेरी गली में आ जाऊंगा। मैं  तेरी  जुल्फें  तेरा  आंचल,  लहरा जाऊंगा।।   तेरी  अदा तेरी हंसी, लजबाव है। बोल इतना खुश,क्यूं तू आज है।।   यूं  मुस्कुरा  कर, जान…

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  • नक्सली हिंसा और भारत
    निबंध

    Essay In Hindi | नक्सली हिंसा और भारत

    ByAdmin April 10, 2021April 13, 2021

    निबंध : नक्सली हिंसा और भारत (Naxalite violence and India : Essay In Hindi)   भूमिका: (Introduction) : – नक्सली हिंसा की चुनौती से आज पूरा देश जूझ रहा है। भारतीय नक्सली हिंसा भारत की आंतरिक सुरक्षा पर प्रश्न खड़ा करता है। लाल गलियारे का विस्तार दिन-ब-दिन बढ़ रहा है। जिससे नक्सलियों का जाल मजबूत…

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  • समझदार हुए बच्चे:हम कच्चे के कच्चे
    कविताएँ

    Hindi poem on child | समझदार हुए बच्चे:हम कच्चे के कच्चे

    ByAdmin April 10, 2021April 12, 2021

    समझदार हुए बच्चे:हम कच्चे के कच्चे ( Samajhdar Hue Bache : Hum kache ke Kache )   वह खेल रहा था खेले ही जा रहा था सांप हिरण शेर हाथी और जिब्रा से बिना डरे बिना थके बिना रूके कभी उनके लिए घर बनाता तो कभी छत पर चढ़ाता कभी झूला झुलाता कभी गिराता उठाता…

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  • सहारे छोड़ के सारे लिया उसका सहारा है
    शेरो-शायरी

    Best hindi ghazal| सहारे छोड़ के सारे लिया उसका सहारा है

    ByAdmin April 10, 2021April 12, 2021

    सहारे छोड़ के सारे लिया उसका सहारा है (Sahare Chhod Ke Sare Liya Uska Sahara Hai)   सहारे  छोड़  के  सारे  लिया  उसका  सहारा है। जहां के साथ में हरग़िज नहीं अपना गुजारा है।।   बिना  मांगे  हमें  देता  वही जो चाहिए हमको। बशर से मांगना हमको नहीं हरगिज़ गवारा है।।   सुखों  को  तू …

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  • कसम तोड़ दी हमने
    कहानियां

    Kahani | कसम तोड़ दी हमने

    ByAdmin April 9, 2021April 12, 2021

    कसम तोड़ दी हमने ( Kasam Tod Di Humne )   आज फिर कैलेंडर में 12 तारीख देखकर ओवैस की आंखों में नमी उतर आई, उसके हाथ फिर खत लिखने को मचल उठी और वह खत लिखने बैठ गया लेकिन किसे ? सोचते – सोचते उसका ज़हन अतीत के गहरे कुएं में उतर गया, उंगलियां…

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  • मुहब्बत की ख़ुशबू से मन भरा है
    शेरो-शायरी

    Hindi Ghazal on love | मुहब्बत की ख़ुशबू से मन भरा है

    ByAdmin April 9, 2021April 15, 2021

    मुहब्बत की ख़ुशबू से मन भरा है ( Muhabbat KI  Khushboo Se Man Bhara Hai )     मुहब्बत की ख़ुशबू से मन भरा है! गुलाबी फ़ूल मन में खिल रहा है   मुहब्बत में हुआ घायल मैं ऐसा किसी की तीर आंखों का चला है   रहा वो ग़ैर बनकर रोज़ मुझसे हंसी चेहरा…

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  • डोर
    कविताएँ

    डोर | hindi poem on life

    ByAdmin April 9, 2021April 12, 2021

    डोर ( Dor ) रंग बिरंगी पतंग सरीखी, उड़ना चाहूं मैं आकाश। डोर प्रिये तुम थामे रखना, जग पर नहीं है अब विश्वास।।   समय कठिन चहुं ओर अंधेरा, घात लगाए बैठा बाज़। दिनकर दिया दिखाये फिर भी, खुलता नहीं निशा का राज।।   रंगे सियार सरीखे ओढ़े, चम चम चमके मैली चादर। पा जायें…

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  • सीख दे गई
    कविताएँ

    सीख दे गई | Kavita Seekh

    ByAdmin April 9, 2021February 9, 2023

    सीख दे गई (Seekh De Gayi ) सूखी टहनी उड़ आई मेरे पास थी उसे कुछ कहनी बोली मुझे न काटा कर जरूरत भर मांग लिया कर मैं खुशी खुशी दे दूंगी नहीं हूं बहरी गूंगी सुनती हूं सब कुछ देखती हूं तेरे व्यवहार सहकर तेरे अत्याचार भी कुछ कहती नहीं इसका क्या मतलब दोगे…

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  • शीशा-ए-दिल पे जमी है धूल शायद
    शेरो-शायरी

    शीशा-ए-दिल पे जमी है धूल शायद | Ghazal on love

    ByAdmin April 8, 2021April 12, 2021

    शीशा-ए-दिल पे जमी है धूल शायद ( Shisha-e-Dil Pe Jami Hai Dhool Shayad )   शीशा-ए-दिल पे जमी है धूल शायद। देखने  में  हो  रही  है  भूल शायद।।   आरजू होती नहीं सब दिल की पूरी। हर दुआ होती नहीं मक़बूल शायद।।   एक साया-सा नज़र आया है हम को। दूर  अब  तो  है नही…

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