Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • अगर रिश्ता निभाना हो वफाएं काम आती है
    शेरो-शायरी

    अगर रिश्ता निभाना हो वफाएं काम आती है

    ByAdmin January 9, 2021January 12, 2021

    अगर रिश्ता निभाना हो वफाएं काम आती है   अगर रिश्ता निभाना हो वफाएं काम आती है। नहीं जब साथ दे किस्मत दुआएं काम आती है।।   बहारें रूठ जाती है चमन से जब कभी यारो। खिलाने को गुलों को तब खिज़ाएं काम आती है।।   कहो कब नेक होती है सभी ईंसान की फितरत।…

    Read More अगर रिश्ता निभाना हो वफाएं काम आती हैContinue

  • यादों की तानी रजाई!
    शेरो-शायरी

    यादों की तानी रजाई!

    ByAdmin January 9, 2021January 12, 2021

    यादों की तानी रजाई!   यादों की तानी रजाई! लम्बी रातें है  तन्हाई   ख़्वाब में आता नहीं वो हाँ उदासी दिल पे छाई   चैन नहीं है रात भर अब याद जब से उसकी आई   सोच में डूबा दिल उसकी चोट दिल पे ऐसी खाई   हो चुका वो ग़ैर आज़म ये बताये…

    Read More यादों की तानी रजाई!Continue

  • America Me Yah Kya Ho Gaya
    कविताएँ

    अमेरिका में यह क्या हो गया?

    ByAdmin January 9, 2021January 12, 2021

    अमेरिका में यह क्या हो गया? *********   एक झटके में खो दिया प्रतिष्ठा पुरानी, याद करो सन् 1489 वाली लोकतंत्र की कहानी। जार्ज वाशिंगटन ने रखी थी जिसकी नींव, जड़ें जिसकी गहरी थीं अतीव। जनतंत्र का पोषक वह! नाम पर इसके, न जाने कितने देशों को डराया धमकाया; परिवर्तन सत्ता का कराया? कालचक्र में…

    Read More अमेरिका में यह क्या हो गया?Continue

  • चुहिया की शादी
    कहानियां

    चुहिया की शादी

    ByAdmin January 9, 2021January 16, 2021

    चुहिया की शादी ( पंचतंत्र की कहानी )   गंगा के तट पर तपस्वियों का एक समूह रहता था। जहां पर बहुत सारे सन्यासी/तपस्वी गंगा के तट पर तप किया करते थे। उनमें से एक सन्यासी थे – याज्ञवलक्य। एक बार महाऋषि गंगा नदी में खड़े होकर प्रार्थना कर रहे थे, तो अचानक से एक…

    Read More चुहिया की शादीContinue

  • दिल हुआ दीवाना मेरा एक मुखड़ा देखकर
    शेरो-शायरी

    दिल हुआ दीवाना मेरा एक मुखड़ा देखकर

    ByAdmin January 9, 2021January 12, 2021

    दिल हुआ दीवाना मेरा एक मुखड़ा देखकर     दिल हुआ दीवाना मेरा एक  मुखड़ा देखकर! राह में पहले न हुआ था दोस्त ऐसा देखकर   प्यार क़ा ऐसा नशा उसका चढ़ा मुझको मगर मैं गवा बैठा किसी को होश अपना देखकर   दिल मचले है उसका ही अपना बनाने को मेरा उस हंसी का…

    Read More दिल हुआ दीवाना मेरा एक मुखड़ा देखकरContinue

  • इधर भी उधर भी
    कविताएँ

    इधर भी उधर भी

    ByAdmin January 9, 2021January 16, 2021

    इधर भी उधर भी ****** सब सम सा हो रहा है, लिए पताका कोई व्हाइट हाउस- तो कोई मस्जिद पर चढ़ रहा है। देता था जो दुनिया को जनतंत्र की दुहाई, चंद सिरफिरों ने उसकी करा दी जगहंसायी। देखो तो कैसे कैपिटल सिटी में? धमाके हो रहे हैं, मशालें लिए उस ऐतिहासिक इमारत पर- चढ़…

    Read More इधर भी उधर भीContinue

  • हर रहनुमा यहां झूठा निकला
    शेरो-शायरी

    हर रहनुमा यहां झूठा निकला

    ByAdmin January 7, 2021January 16, 2021

    हर रहनुमा यहां झूठा निकला   हर रहनुमा यहां झूठा निकला! कोरा-कागज़ उसका वादा निकला!   सियासत की हर बिसात पे रक्खा, अवाम का ज़ख्म ताज़ा निकला!   रोए बहुत वो मैय्यत में आ -कर, उनकी गली से जनाज़ा निकला!   उलझा कर रंगी नारों में जनता को, मसीहा उड़न खटोले में बैठा निकला!  …

    Read More हर रहनुमा यहां झूठा निकलाContinue

  • गया जो हाथ खाली था सिकंदर जानता होगा
    शेरो-शायरी

    गया जो हाथ खाली था सिकंदर जानता होगा

    ByAdmin January 7, 2021February 25, 2021

    गया जो हाथ खाली था सिकंदर जानता होगा ( Gaya Jo Hath Khali Tha Sikandar Janta Hoga )   यहीं सब छौङ  के जाते बशर हर जानता होगा। गया जो हाथ खाली था सिकंदर जानता होगा।।   जुबां ही जब नहीं खोली समझते बात फिर कैसे। छुपे क्या राज़ सीने में वो खंजर जानता होगा।।…

    Read More गया जो हाथ खाली था सिकंदर जानता होगाContinue

  • कलम का जादू चलाओ
    कविताएँ

    कलम का जादू चलाओ

    ByAdmin January 7, 2021January 16, 2021

    कलम का जादू चलाओ लिखने वालों कलम उठाओ लो तेरी सख्त जरूरत है बदलनी देश की सूरत है गर रहे अभी मौन सोचो आगे संभालेगा कौन? नवजवानों किसानों आमजन की खातिर लिखो, कुछ दो सुझाव, जो उनके हक की है बताओ , समझाओ। करो रहनुमाई, क्या है इस बदलती आबो-हवा की दवाई? कैसे पटरी पर…

    Read More कलम का जादू चलाओContinue

  • कभी यूँ ही अपने मिजाज बदला कीजिए
    कविताएँ

    कभी यूँ ही अपने मिजाज बदला कीजिए

    ByAdmin January 7, 2021January 12, 2021

    कभी यूँ ही अपने मिजाज बदला कीजिए कभी यूं ही अपने मिजाज बदला कीजिये  दिल मांगे आपका तो जाँ निसार कीजिये हंसते हसते जिन्दगी  की शाम हो जायेगी बीती रात की सुबह का इन्तजार कीजिए   आकाश सूना दिखे तारे हो खामोश जहाँ धीमे से मध्यम झरनों सी रागनी सुना फूल गुलिस्ता में खिलखिलाकर जब…

    Read More कभी यूँ ही अपने मिजाज बदला कीजिएContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 747 748 749 750 751 … 836 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search