यादों की तानी रजाई!
यादों की तानी रजाई!

यादों की तानी रजाई!

 

यादों की तानी रजाई!

लम्बी रातें है  तन्हाई

 

ख़्वाब में आता नहीं वो

हाँ उदासी दिल पे छाई

 

चैन नहीं है रात भर अब

याद जब से उसकी आई

 

सोच में डूबा दिल उसकी

चोट दिल पे ऐसी खाई

 

हो चुका वो ग़ैर आज़म

ये बताये अब पुरवाई

 

️✍️शायर: आज़म नैय्यर

(सहारनपुर )

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