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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • डॉ. मनमोहन सिंह का मान
    कविताएँ

    डॉ. मनमोहन सिंह का मान

    ByAdmin December 27, 2024December 27, 2024

    डॉ. मनमोहन सिंह का मान सादगी का स्वर, ज्ञान का था दीप।जिसने रच दिया, बदलाव का सीप।मनमोहन सिंह, वह नाम है अमर,जिनपर भारत देश को गर्व है प्रखर। गाह(पाक)के गाँव से उठकर चले।विद्या के दीप संग, तम को पले।कैम्ब्रिज,ऑक्सफोर्ड के ज्ञानी प्रणेता,भारत की माटी का वह अमूल्य रचयिता। आर्थिक संकट जब आया करीब।देश को मिला…

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  • धूल को फूल बनाने वाले
    ग़ज़ल

    धूल को फूल बनाने वाले

    ByAdmin December 27, 2024December 27, 2024

    धूल को फूल बनाने वाले धूल को फूल बनाने वालेराग औ रंग सजाने वाले अब नही साथ निभाने वालेलाख कसमें वो उठाने वाले सब खरीद्दार ही निकले देखोरूह तक आज वो जाने वाले कर रहे बात यहां उल्फ़त कीदिल में वो आग लगाने वाले कुछ नही पास हमारे अब हैरंक से आज बताने वाले क्या…

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  • मनमोहन
    ग़ज़ल

    मिस्टर मनमोहन जो थे सबको भाने वाले थे

    ByAdmin December 27, 2024December 27, 2024

    मिस्टर मनमोहन जो थे सबको भाने वाले थे मिस्टर मनमोहन जो थे, सबको भाने वाले थे,सोचा भी नहीं था कल तक, वो भी जाने वाले थे। ध्रुव तारा सा, आसमान में , चमकेंगे, इस कारण भी,अर्थशास्त्र में, ऊंची-ऊंची, डिग्री पाने वाले थे। संकट में भी मुल्क को जब साहस की पड़ी ज़रूरत थी,मौनी बाबा बनकर…

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  • मुझे सिनेमा पसंद है
    सिनेमा

    हा.. मुझे सिनेमा पसंद है..

    ByAdmin December 27, 2024December 27, 2024

    मै कई ऐसे लोगो को जानता हु की जो की सिनेमा के नाम पर नाक भौ सिकोड़ते है.. सिनेमा उनकी दृष्टि में हेय और निंदनीय कृति है.. वे सिनेमा को समाज के पतन का कारण मानते है.. सिनेमा ने ही देश का बंटाधार किया है यह मान्यता उन के जेहन में कही भीतर तक समा…

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  • सबके प्यारे मनमोहन
    कविताएँ

    सबके प्यारे मनमोहन

    ByAdmin December 27, 2024December 27, 2024

    सबके प्यारे मनमोहन भारत को चमकाने वाले,सच्ची राह दिखाने वाले,नस -नस में ईमा को भरकर,मुश्किल से टकराने वाले. करता दिल से खूब नमन, सबके प्यारे मनमोहन,करता दिल से खूब नमन, सबके प्यारे मनमोहन. माता अमृत, पिता गुरूमुख, जन्मे गाह पंजाब में,मगर आग में बंटवारे की, आ गये भारत छाँव में. बी. ए, एम. ए किया…

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  • मुझे गहराई का चस्का लगा था
    ग़ज़ल

    मुझे गहराई का चस्का लगा था

    ByAdmin December 27, 2024December 27, 2024

    मुझे गहराई का चस्का लगा था मुझे गहराई का चस्का लगा थातभी इक झील में डूबा हुआ था हक़ीक़त का मज़ा अपना मज़ा हैमुहब्बत का नशा अपना नशा था हुई जब गुफ़्तुगू ऐसे खुला वोकोई मोती जो सीपी में छिपा था तुम्हारा दिल महक कैसे रहा हैतुम्हारा दिल तो पत्थर का सुना था बता देता…

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  • वो घास हैं
    कविताएँ

    वो घास हैं

    ByAdmin December 26, 2024December 26, 2024

    वो घास हैं पाश हो या सफदर हाशमीया हो फिर भगत सिंहइन तीन नाम में छिपे हैं कई और नामडराया गयाधमकाया गयामारा गयाकोशिश की गई उनके विचारों को मिटाने कीक्या फिर भी मिट पाए ये नाम?क्या नेस्तनाबूद हुए उनके विचार ? वो तो घास हैंहर बार उग आते हैं कहीं ना कहींजो जगह कर दी…

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  • बाल काव्य-सम्मेलन
    साहित्यिक गतिविधि

    वीर बाल-दिवस पर बाल काव्य-सम्मेलन आयोजित

    ByAdmin December 26, 2024December 26, 2024

    एक दर्जन देशों के‌ पंद्रह कवियों नें किया बाल काव्य-पाठ नारनौल। मनुमुक्त ‘मानव’ मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा द्वारा वीर बाल-दिवस के उपलक्ष्य में वर्चुअल अंतरराष्ट्रीय बाल काव्य-सम्मेलन का आयोजन आज किया गया, जिसमें एक दर्जन देशों के पंद्रह कवियों ने बालकाव्य-पाठ किया। डॉ. कांता भारती द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना-गीत के उपरांत प्रगीत कुंअर के कुशल संचालन और…

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  • समझते ही नहीं
    ग़ज़ल

    समझते ही नहीं | Samajhte hi Nahi

    ByAdmin December 26, 2024December 26, 2024

    समझते ही नहीं वो मुहब्बत को मेरी कुछ क्योंकर समझते ही नहींप्यार के वादों पे अब तो वो उछलते ही नहीं एक हम हैं जो उन्हें देखे सँभलते ही नहींऔर वो हैं की हमें देखे पिघलते ही नहीं मिल गये जो राह में हमको कभी चलते हुएइस तरह मुँह फेरते जैसे कि मिलते ही नहीं…

    Read More समझते ही नहीं | Samajhte hi NahiContinue

  • परिवार से विरासत में मिले साहित्य प्रेम और माहौल से बनी लेखिका प्रियंका ‘सौरभ’
    आलेख

    परिवार से विरासत में मिले साहित्य प्रेम और माहौल से बनी लेखिका प्रियंका ‘सौरभ’

    ByAdmin December 26, 2024December 26, 2024

    महामारी के खाली समय में लिखने की आदत डाली, अब बाज़ार में आया निबंध संग्रह ‘समय की रेत पर’ कहते है न कि बच्चों को जैसा माहौल घर में मिलता है, उनके भविष्य में उसकी छाप ज़रूर दिखती है। अगर परिवार में गायन का माहौल है तो बच्चें में गायन के गुण स्वतः आ जाते…

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