Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • आ जा कि दिल उदास है
    कविताएँ

    आ जा कि दिल उदास है | Udas poetry

    ByAdmin December 9, 2020June 25, 2023

    आ जा कि दिल उदास है ( Aaja ki dil udas hai )   ☘️☘️   तुझसे बिछड़ के बहुत दूर हुऐ जा रहें हैं हम तेरे नजदीक आने का कोई रास्ता हो तो बता ☘️☘️ तेरी आंखों की बेसबब तल्खीयों से आहत हूं मेरी रुह को आगोश में लेने का ख्वाब तो सजा ☘️☘️…

    Read More आ जा कि दिल उदास है | Udas poetryContinue

  • उठे जब भी कलम
    कविताएँ

    उठे जब भी कलम

    ByAdmin December 8, 2020December 29, 2020

    उठे जब भी कलम ***** लिखेंगे सच सच हम, खाएं सब कसम! लाज साहित्य की बचायेंगे, किसी प्रलोभन में न आयेंगे। न बेचेंगे अपनी कलम, लेखनी से जनांदोलन छेड़ेंगे हम। उठाएंगे बेबस मजदूरों की आवाज, चाहे महिलाओं की मान सम्मान की हो बात। भ्रष्टाचार रूपी दानव को- लेखनी के दम पर हराएंगे, किसानों की बात…

    Read More उठे जब भी कलमContinue

  • दिल्ली की सड़क पे किसान है़
    शेरो-शायरी

    दिल्ली की सड़क पे किसान है़

    ByAdmin December 8, 2020December 29, 2020

    दिल्ली की सड़क पे किसान है़     दिल्ली की सड़क पे किसान है़! यहां हर तरफ़ ये उफान है़   सुनी रहनुमा ने नहीं ज़बां क़िस्मत के मारे किसान है़   करो मान इनका ए लोगों तुम ये तो मुल्क के जय जवान है़   पुकारें सुन लो भी किसानों की डूबी दर्द में…

    Read More दिल्ली की सड़क पे किसान है़Continue

  • समय आए तभी होते जहां में काम सारे ही
    शेरो-शायरी

    समय आए तभी होते जहां में काम सारे ही

    ByAdmin December 7, 2020December 29, 2020

    समय आए तभी होते जहां में काम सारे ही   समय आए तभी होते जहां में काम सारे ही। नहीं आया समय तो फिर हुए नाकाम सारे ही।।   सफाई क्या भला देते बुरे जिनकी नज़र में हम। सहे हँस-हँस सदा हमने यहाँ इल्जाम सारे ही।।   हुए मशहूर दुनिया में दिलों को बांटने वाले।…

    Read More समय आए तभी होते जहां में काम सारे हीContinue

  • हम क्या जिंदगी में करे अब
    शेरो-शायरी

    हम क्या जिंदगी में करे अब

    ByAdmin December 7, 2020December 29, 2020

    हम क्या जिंदगी में करे अब     हम क्या जिंदगी में करे अब हाँ बेरोजगारी  हुऐ अब   लूटा अपनों ने सब कुछ मेरा कहां जाकर के हम रहे अब   बातें अपनों की मानी मैंनें अपने फ़ैसले ही किये अब   वरना सब्र करते थे दिल में देखो दुश्मनों से लड़े अब  …

    Read More हम क्या जिंदगी में करे अबContinue

  • क्यूं चाहते हो इतना
    कविताएँ

    क्यूं चाहते हो इतना

    ByAdmin December 7, 2020December 29, 2020

    क्यूं चाहते हो इतना     मुझे खूबसूरत पहेली बताता है जो आंखों से नींदे मेरी चुराता है वो   ख्वाबो से हटाकर धूल की परतें रुह को मेरी महकाता है वो   दिन हमेशा खिल जाता है गुलाब सा कांटे सभी दामन से छुडाता है वो   तन्हाईयों की जो लिपटी हुई थी चादरे…

    Read More क्यूं चाहते हो इतनाContinue

  • मैं अक्सर
    कविताएँ

    मैं अक्सर

    ByAdmin December 6, 2020December 29, 2020

    मैं अक्सर   मैं अक्सर गली में बजती तुम्हारी पायल के घुँघरुओं की रुनझुन से समझ लेता हूँ तुम्हारा होना……   बजती है जब-जब सुबह-शाम या दोपहर जगाती है दिल की धड़कन और देखता हूँ झांक कर बार बार दरवाजे से बाहर…….   बहुत बेचैन करती है मुझे छनकती तुम्हारी पायल और खनकती पायल के…

    Read More मैं अक्सरContinue

  • देखकर चलना तू अजनबी राहें है
    शेरो-शायरी

    देखकर चलना तू अजनबी राहें है

    ByAdmin December 6, 2020December 29, 2020

    देखकर चलना तू अजनबी राहें है     देखकर चलना तू अजनबी राहें है! हर क़दम पे  भरी दुश्मनी राहें है   नफ़रतों की राहों पे खोया हूँ मैं तो खो गयी है मुझसे आशिक़ी राहें है   राहें आती नहीं है कोई प्यार की आ रही है यहां बेरुख़ी राहें है   हम सफ़र…

    Read More देखकर चलना तू अजनबी राहें हैContinue

  • रोज़ चलके देखा उल्फ़त दोस्ती की राह पे
    शेरो-शायरी

    रोज़ चलके देखा उल्फ़त दोस्ती की राह पे

    ByAdmin December 5, 2020December 29, 2020

    रोज़ चलके देखा उल्फ़त दोस्ती की राह पे     रोज़ चलके देखा उल्फ़त दोस्ती की राह पे चोट खाली है वफ़ाओ आशिक़ी की राह पे   उसका चेहरा दर्द ग़म दिल से भुलाने के लिये आ गया हूँ मैं भटकते मयकशी की राह पे   ढूढ़ते ही ढूढ़ते राहें मुहब्बत इश्क़ की चलते चलते…

    Read More रोज़ चलके देखा उल्फ़त दोस्ती की राह पेContinue

  • किसानों की सुन ले सरकार!
    कविताएँ

    किसानों की सुन ले सरकार!

    ByAdmin December 5, 2020December 29, 2020

    किसानों की सुन ले सरकार! ******* आए हैं चलकर दिल्ली तेरे द्वार, यूं न कर उनका तिरस्कार; उन्हीं की बदौलत पाते हम आहार। सर्द भरी रातों में सड़कों पर पड़े हैं, तेरी अत्याचारी जल तोप से लड़ रहे हैं। सड़कों के अवरोध हटा आगे बढ़ रहे हैं, शायद कोई इतिहास नया गढ़ रहे हैं। आखिर…

    Read More किसानों की सुन ले सरकार!Continue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 755 756 757 758 759 … 832 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search