Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • जो किया मिलनें का वो वादा बदलती
    शेरो-शायरी

    जो किया मिलनें का वो वादा बदलती

    ByAdmin December 18, 2020December 29, 2020

    जो किया मिलनें का वो वादा बदलती     जो किया मिलनें का वो वादा बदलती दोस्त वो बातें लम्हा लम्हा बदलती   साथ क्या मेरा निभायेंगे जीवन भर देखकर मुझको वही चेहरा बदलती   आदमी इतना बुरा हूँ शक्ल से क्या मैं जो  मुझे वो देखकर  रस्ता बदलती   किस तरह उसपे यकीं कर…

    Read More जो किया मिलनें का वो वादा बदलतीContinue

  • रात पूस की
    कविताएँ

    रात पूस की!

    ByAdmin December 17, 2020December 29, 2020

    रात पूस की! **** पवन पछुआ है बौराया, बढ़ी ठंड अति- हाड़ मांस है गलाया! नहीं है कोई कंबल रजाई, बिस्तर बर्फ हुई है भाई। किट किट किट किट दांत किटकिटा रहे हैं, कांपते शरीर में नींद कहां? निशा जैसे तैसे बिता रहे हैं। चुन बिन कर लाए हैं कुछ लकड़ियां- वहीं सुनगा रहे हैं,…

    Read More रात पूस की!Continue

  • बैठे है सब किसान दिल्ली में
    शेरो-शायरी

    बैठे है सब किसान दिल्ली में

    ByAdmin December 17, 2020December 29, 2020

    बैठे है सब किसान दिल्ली में     बैठे है सब किसान दिल्ली में! चल रहे है बयान दिल्ली में   अपने हक़ के लिये किसानों ने   हाँ लगा दी है जान दिल्ली में   कोई भी  जब बातें  नहीं मानी क्या  किसानों का मान दिल्ली में   सच की आवाज़  से किसानों ने…

    Read More बैठे है सब किसान दिल्ली मेंContinue

  • ग़म भरी अपनी यहां तो जिंदगी है
    शेरो-शायरी

    ग़म भरी अपनी यहां तो जिंदगी है

    ByAdmin December 17, 2020December 29, 2020

    ग़म भरी अपनी यहां तो जिंदगी है     ग़म भरी अपनी यहां तो जिंदगी है! लिक्खी क़िस्मत में नहीं शायद ख़ुशी है   कोई भी अपना नहीं है आशना  ही तन्हाई के रोज़ आंखों में नमी है   हो गया मुझसे पराया उम्रभर वो रोज़ रातें यादों में जिसकी कटी है   हाँ ख़ुशी…

    Read More ग़म भरी अपनी यहां तो जिंदगी हैContinue

  • नज़र का तीर जब उसका जिग़र के पार होता है
    शेरो-शायरी

    नज़र का तीर जब उनका जिग़र के पार होता है

    ByAdmin December 16, 2020December 29, 2020

    नज़र का तीर जब उनका जिग़र के पार होता है     नज़र का तीर जब उनका जिग़र के पार होता है। नहीं तब होश रहता है सभी सुख-चैन खोता है।।   सहे तकलीफ जो पहले है पाते चैन आख़िर में। जो पहले ऐश करता है सदा आख़िर में रोता है।।   वही मिलता उसे…

    Read More नज़र का तीर जब उनका जिग़र के पार होता हैContinue

  • हाँ व़क्त कटता तेरे इंतजार में
    शेरो-शायरी

    हाँ व़क्त कटता तेरे इंतजार में

    ByAdmin December 16, 2020December 29, 2020

    हाँ व़क्त कटता तेरे इंतजार में     हाँ व़क्त कटता तेरे  इंतजार में! तू लौट आ दिल मेरा बेक़रार में   इस बार आऊंगा मैं मिलनें को तुझे छुटटी है दोस्त मेरी इतवार में   वो तल्ख़ बात करता रोज़ है़ मगर लहज़ा नहीं उल्फ़त का मेरे यार में   ख़ुशबू  कैसे महकेगी प्यार…

    Read More हाँ व़क्त कटता तेरे इंतजार मेंContinue

  • स्वतंत्रता
    कविताएँ

    स्वतंत्रता

    ByAdmin December 15, 2020December 29, 2020

    स्वतंत्रता   नभ धरातल रसातल में ढूंढ़ता। कहां हो मेरी प्रिये  स्वतंत्रता।। सृष्टि से पहले भी सृष्टि रही होगी, तभी तो ये बात सारी कहीं होगी, क्रम के आगे नया क्रम फिर आता है, दास्तां की डोर बांध जाता है।। सालती अन्तस अनिर्वचनीयता।।                        …

    Read More स्वतंत्रताContinue

  • जाने कहां चले गए
    कविताएँ

    जाने कहां चले गए ?

    ByAdmin December 15, 2020December 29, 2020

    जाने कहां चले गए ? ****** महंगाई महंगाई का शोर करने वाले, सड़क और संसद पर धरना देने वाले! नहीं दिख रहे आजकल? जो बात बात पर करते थे बंद का आह्वान, प्याज की माला गले में डाल- चलते थे सीना तान। जाने कहां चले गए? सो रहे होंगे शायद? या फिर खो गए होंगे…

    Read More जाने कहां चले गए ?Continue

  • शहर में कोई अपना रहबर नहीं
    शेरो-शायरी

    शहर में कोई अपना रहबर नहीं

    ByAdmin December 15, 2020December 29, 2020

    शहर में कोई अपना रहबर नहीं     दें सहारा मुझे वो मिला घर नहीं शहर में कोई अपना रहबर नहीं   कर लिया प्यार का फ़ूल उसनें क़बूल आज उन हाथों में देखो पत्थर नहीं   क़त्ल कर देता मैं उस दग़ाबाज का हाथ में मेरे ही वरना ख़ंजर नहीं   हर तरफ़ नफ़रतों…

    Read More शहर में कोई अपना रहबर नहींContinue

  • यही सच्चाई है जिंदगी की
    कविताएँ

    यही सच्चाई है जिंदगी की

    ByAdmin December 15, 2020December 29, 2020

    यही सच्चाई है जिंदगी की ———-&&——   कभी दुखों का सैलाब तो  कभी खुशियों की बारिश है जिंदगी  कभी मां-बाप की डांट फटकार, तो कभी लाड ,प्यार का एहसास है जिंदगी कभी भाई बहन का झगड़ना तो कभी प्यार ,हंसी-खुशी है ज़िंदगी, कभी समाज की आलोचनाएं तो कभी मिली प्रोत्साहन है जिंदगी, कभी लोगों से…

    Read More यही सच्चाई है जिंदगी कीContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 755 756 757 758 759 … 835 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search