दिल जब ग़म से पूर हुआ है
दिल जब ग़म से पूर हुआ है दिल जब ग़म से पूर हुआ है। हिम्मत से भरपूर हुआ है।। आग से ग़म की जो भी गुजरा। कुंदन जैसा नूर हुआ है।। ग़म को जो वरदान समझता। यश फैला मशहूर हुआ है।। फैला जीवन में उजियारा। तम सारा फिर दूर हुआ है।।…
दिल जब ग़म से पूर हुआ है दिल जब ग़म से पूर हुआ है। हिम्मत से भरपूर हुआ है।। आग से ग़म की जो भी गुजरा। कुंदन जैसा नूर हुआ है।। ग़म को जो वरदान समझता। यश फैला मशहूर हुआ है।। फैला जीवन में उजियारा। तम सारा फिर दूर हुआ है।।…
हमेशा ही मुहब्बत से वो सारे काम लेते है हमेशा ही मुहब्बत से वो सारे काम लेते है। मिटाने को सभी झगड़े वो सर इल्ज़ाम लेते है।। रहे न्यारे ज़माने से खुदा ही आसरा अपना। सहारे छौङ के सारे उसी का नाम लेते है।। सदा मस्ती चढी रहती उसी की याद…
नफ़रतों की हम दीवारें तोड़ते है नफ़रतों की हम दीवारें तोड़ते है! प्यार से दिल को दिल से हम जोड़ते है़ वो नज़ाजत सी दिखाता है़ बहुत ही रोज़ जिसको आंख भरके देखते है़ ख़्वाबों में डूबे उसके हम रात भर अब मीठी से बातें जो हमसे बोलते है़ जिंदगी में…
खिलता हुआ गुलाब या कोई शराब हो खिलता हुआ गुलाब या कोई शराब हो। कितना हसीन तुमको कहूं बेहिसाब हो।। मचले है जिसको देख के मस्ती भरा ये दिल। चढती हुई उमर का वो चढता शबाब हो।। देखे हसीन चहरे बहुत से खुदा कसम। तेरा नहीं जवाब कोई लाजवाब हो।। ख्वाबों…
उनको हम लगते बेग़ाने उनको हम लगते बेग़ाने। ग़ैर लगे अब उनको भाने।। तोङ दिये पलभर में उसने। नाते- रिश्ते आज पुराने।। हरदम मेरे दिल से खेला। करके झूठे रोज बहाने।। भूल हुई क्या ऐसी हमसे। जो वो लगे हमसे कतराने।। ढल जाएगी सूरत प्यारी। जिसको देख लगे इतराने।।…
कोई ऐसा मुझे चेहरा नहीं मिलता कोई ऐसा मुझे चेहरा नहीं मिलता! निभाएं साथ जो ऐसा नहीं मिलता दुखाने दिल आते है लोग मेरा तो वफ़ा से ही भरा रिश्ता नहीं मिलता खोया हूँ नफ़रतों की भीड़ में मैं तो मुहब्बत का मगर रस्ता नहीं मिलता यहां खोये है अपनें…
आ जा कि दिल उदास है ( Aaja ki dil udas hai ) ☘️☘️ तुझसे बिछड़ के बहुत दूर हुऐ जा रहें हैं हम तेरे नजदीक आने का कोई रास्ता हो तो बता ☘️☘️ तेरी आंखों की बेसबब तल्खीयों से आहत हूं मेरी रुह को आगोश में लेने का ख्वाब तो सजा ☘️☘️…
उठे जब भी कलम ***** लिखेंगे सच सच हम, खाएं सब कसम! लाज साहित्य की बचायेंगे, किसी प्रलोभन में न आयेंगे। न बेचेंगे अपनी कलम, लेखनी से जनांदोलन छेड़ेंगे हम। उठाएंगे बेबस मजदूरों की आवाज, चाहे महिलाओं की मान सम्मान की हो बात। भ्रष्टाचार रूपी दानव को- लेखनी के दम पर हराएंगे, किसानों की बात…
दिल्ली की सड़क पे किसान है़ दिल्ली की सड़क पे किसान है़! यहां हर तरफ़ ये उफान है़ सुनी रहनुमा ने नहीं ज़बां क़िस्मत के मारे किसान है़ करो मान इनका ए लोगों तुम ये तो मुल्क के जय जवान है़ पुकारें सुन लो भी किसानों की डूबी दर्द में…