Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • बटवारा
    कविताएँ

    बटवारा

    ByAdmin December 4, 2020December 29, 2020

    बटवारा   बूढ़े बरगद के चबूतरे पर घनेरी छांव में। देखो फिर एक आज बंटवारा हुआ है गांव में।। कुछ नये सरपंच तो कुछ पुराने आये, कुछ बुझाने तो कुछ आग लगाने आये। बहुत चालाक था बूढ़ा कभी न हाथ लगा, पुराने दुश्मनों के जैसे आज भाग्य जगा। पानी कब तक उलचें रिसती नाव में।।…

    Read More बटवाराContinue

  • तिरंगा
    कविताएँ

    तिरंगा | Tiranga par kavita

    ByAdmin December 3, 2020December 7, 2022

    तिरंगा ( Tiranga )    वीर शहीदों की कुर्बानी याद दिलाता है तिरंगा। भारतवासी के सीने में जोश जगाता है तिरंगा।।   मुश्किल चाहे हो रस्ता या मंजिल तेरी हो दूर बहुत। ग़र जज़्बा हो तो पा सकते हैं हमें सिखलाता है तिरंगा।।   रातें हो चाहे गहरी -लंबी ढ़ल तो वो भी जाती है।…

    Read More तिरंगा | Tiranga par kavitaContinue

  • मैं तुम्हारे प्रेम में
    कविताएँ

    मैं तुम्हारे प्रेम में

    ByAdmin December 3, 2020December 29, 2020

    मैं तुम्हारे प्रेम में     मैं तुम्हारे प्रेम में तुम्हारे हाथ की मेहंदी होना चाहता हूं जो तुम्हारे हाथों को भी महकाए और मेरे दिल को भी बहकाए…..!   तुम्हारे प्रेम में मैं तुम्हारे हथेली में बने गहरे लाल सुर्ख़ टीके का रंग होना चाहता हूँ जो अपने प्रेम को ओर भी गहरा बनाए…….!…

    Read More मैं तुम्हारे प्रेम मेंContinue

  • डॉ राजेन्द्र प्रसाद का जन्मदिन
    कविताएँ

    डॉ राजेन्द्र प्रसाद का जन्मदिन

    ByAdmin December 3, 2020December 29, 2020

    डॉ राजेन्द्र प्रसाद का जन्मदिन ******** आज जन्मदिन है बाबू राजेंद्र की उपलक्ष्य में इनके मन रही है मेधा दिवस भी। शत् प्रतिशत अंक यही लाए थे परीक्षक को भी चौंकाए थे परीक्षार्थी परीक्षक से है उत्तम इसलिए अंक दे रहा हूं महत्तम ये टिप्पणी थी परीक्षक की उन्हें भी लोहा माननी पड़ी बाबू राजेंद्र…

    Read More डॉ राजेन्द्र प्रसाद का जन्मदिनContinue

  • जिंदगी में कुछ पल मेरी ठहरी ख़ुशी
    शेरो-शायरी

    जिंदगी में कुछ पल मेरी ठहरी ख़ुशी

    ByAdmin December 3, 2020December 29, 2020

    जिंदगी में कुछ पल मेरी ठहरी ख़ुशी     जिंदगी में कुछ पल मेरी ठहरी ख़ुशी कर गया है ग़म मेरी हर जख़्मी ख़ुशी !   दिन उदासी भरे फ़िर गुजरते नहीं जिंदगी से नहीं दूर होती ख़ुशी   कोई हँसता कोई रोता है जहां में हर किसी को नहीं दोस्त मिलती ख़ुशी   पर…

    Read More जिंदगी में कुछ पल मेरी ठहरी ख़ुशीContinue

  • पौधा संरक्षण है जरूरी
    कविताएँ

    पौधा संरक्षण है जरूरी

    ByAdmin December 2, 2020December 29, 2020

    पौधा संरक्षण है जरूरी ****** आओ मिलकर ठान लें पौधों की न जान लें महत्त्व उसकी पहचान लें अपना साथी मान लें वायु प्राण का है दाता फल फूल बीज दे जाता जीवन भर प्राणी उसे है खाता आश्रय भी है पाता फिर भी उसकी रक्षा करने से है कतराता जिस दिन नष्ट हो जाएगा…

    Read More पौधा संरक्षण है जरूरीContinue

  • अदब से वो यूं पेश आने लगे है
    शेरो-शायरी

    अदब से वो यूं पेश आने लगे है

    ByAdmin December 2, 2020December 29, 2020

    अदब से वो यूं पेश आने लगे है     अदब से वो यूं पेश आने लगे है। कपट में सभी कुछ छुपाने लगे है।।   गए थे समझ झूठ पलभर में उनका। नहीं जान पाए जताने लगे है।।   बहुत बार झेला फ़रेबों को उनके। मुसीबत में फिर आजमाने लगे है।।   छुपाने वो…

    Read More अदब से वो यूं पेश आने लगे हैContinue

  • उल्फ़त का कभी अच्छा अंजाम नहीं होता
    शेरो-शायरी

    उल्फ़त का कभी अच्छा अंजाम नहीं होता

    ByAdmin December 2, 2020December 29, 2020

    उल्फ़त का कभी अच्छा अंजाम नहीं होता     उल्फ़त का कभी अच्छा अंजाम नहीं होता इससे बड़ा कोई भी बदनाम नहीं होता   मैं बात नही कह  पाता दिल की कभी उससे पीने को अगर हाथों में  जाम नहीं होता   हर व़क्त घेरे है यादें दिल को बहुत मेरे हाँ यादों से ही…

    Read More उल्फ़त का कभी अच्छा अंजाम नहीं होताContinue

  • जब भी मिला तो आँख मिलाकर नहीं मिला
    शेरो-शायरी

    जब भी मिला तो आँख मिलाकर नहीं मिला

    ByAdmin December 1, 2020December 29, 2020

    जब भी मिला तो आँख मिलाकर नहीं मिला     जब भी मिला तो आँख मिलाकर नहीं मिला दुश्मन भी मेरे कद के बराबर नहीं मिला   घर उसका मिल गया है, वो घर पर नहीं मिला यानी पता तो मिल गया नंबर नहीं मिला   लड़की को पूरी छूट मिली भी तो घर ही…

    Read More जब भी मिला तो आँख मिलाकर नहीं मिलाContinue

  • गृहशिल्पी
    कहानियां

    गृहशिल्पी

    ByAdmin December 1, 2020December 29, 2020

    जब शिल्पी की शादी हुई तब उसकी उम्र 24 वर्ष थी।वह भी अन्य लड़कियों की तरह अपने जीवनसाथी की अर्धांगिनी बन उसके सुख-दुख बांटने ससुराल आ गयी। वह पढ़ी लिखी तो थी ही सुलझी और समझदार भी थी वरना पढ़ाई बीच मे छोड़कर अपने बूढ़े पिता का मान रखने की खातिर शादी के लिए बिना…

    Read More गृहशिल्पीContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 759 760 761 762 763 … 835 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search