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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • मां की वेदना
    कविताएँ

    मां की वेदना

    ByAdmin November 26, 2020December 29, 2020

    मां की वेदना   मां कोख में अपने खून से सींचती रही।   अब तुम बूंद पानी  देने को राजी नहीं।   मां थी भूखी मगर भरपेट खिलाती रही।   अब तुम इक रोटी देने को राजी नहीं।    मां थी जागती रात भर  गोद में सुलाती रही।    अब तुम इक बिस्तर  देने को…

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  • ढ़ल रही धूप है सूरज की देखिए
    शेरो-शायरी

    ढ़ल रही धूप है सूरज की देखिए

    ByAdmin November 26, 2020December 29, 2020

    ढ़ल रही धूप है सूरज की देखिए     ढ़ल रही धूप है  सूरज की देखिए!  है उछल कूद ये  आदमी देखिए   भा गयी है आंखों को सूरज की लाली ख़ूबसूरत बड़ी दिलकशी देखिए    रास्ते मंजिलों के  दिखाने को ही राहों में फ़ैली है रोशनी देखिए   जीतेंगे जंग रख हौसला दुश्मन से…

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  • वक्त रुका ही नहीं कभी किसी के लिए
    कविताएँ

    वक्त रुका ही नहीं कभी किसी के लिए

    ByAdmin November 25, 2020December 29, 2020

    वक्त रुका ही नहीं कभी किसी के लिए     ऊंचे नीचे पथरीले रास्ते का प्रारब्ध सफर कारवां गुजर जाने के बाद धुंधला दिखा   जीवन का बहुमूल्य अंश बीत जाने पर अस्थिर और अविचर सी दशा में रुका   बीते लम्हेंआंखों में कैद कुछ इस तरह हुए डूबे  जैसे दरिया में हम समंदर छोड़कर…

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  • हरे है ज़ख़्म अब तक भी दिलों पे दाग़ है बाकी
    शेरो-शायरी

    हरे है ज़ख़्म अब तक भी दिलों पे दाग़ है बाकी

    ByAdmin November 25, 2020December 29, 2020

    हरे है ज़ख़्म अब तक भी दिलों पे दाग़ है बाकी     हरे है ज़ख़्म अब तक भी दिलों पे दाग़ है बाकी। धुआँ- सा उठ रहा शायद कहीं पे आग है बाकी ।।   नहीं ग़र भूल पाते हो करी कोशिश भुलाने की। बहुत यादें सताती है समझ लो राग है बाकी।।  …

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  • बभ्रुवाहन-एक योद्धा
    कहानियां

    बभ्रुवाहन-एक योद्धा

    ByAdmin November 24, 2020December 29, 2020

     # कहानी_से_पहले_की_कहानी                           ★★  महाभारत के बाद मुनि वेदव्यास और श्री कृष्णजी ने धर्मराज युधिष्ठिर से राज्य के उत्थान हेतु अश्वमेध यज्ञ करने का आह्वान किया। अश्वमेध यज्ञ अर्थात विजय-  पर्व,सुख समृद्धि की कामना और खुद को विजेता घोषित करने का उपक्रम। युधिष्ठिर…

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  • है यकीं ये हम मिलेगे एक दिन
    शेरो-शायरी

    है यकीं ये हम मिलेगे एक दिन

    ByAdmin November 24, 2020December 29, 2020

    है यकीं ये हम मिलेगे एक दिन     है यकीं ये हम मिलेगे एक दिन! साथ में दोनों चलेगे एक दिन   छोड़कर जिद वो नज़ाकत की मगर बात दिल की वो सुनेगे एक दिन   मंजिलें तेरी मिलेगी प्यार की फूलों से रस्ते सजेगे एक दिन   तोड़कर के फ़ासिलों की ही हदें…

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  • गिला- शिकवा नहीं करते कभी ज़ालिम ज़माने से
    शेरो-शायरी

    गिला- शिकवा नहीं करते कभी ज़ालिम ज़माने से

    ByAdmin November 23, 2020December 29, 2020

    गिला- शिकवा नहीं करते कभी ज़ालिम ज़माने से     गिला- शिकवा नहीं करते कभी ज़ालिम ज़माने से। न बेशक बाज़ आता है अभी भी दिल दुखाने से।।   सदा मस्ती में रहते है भुला के ग़म जहां भर के। बहाते अब नहीं आंसू किसी के भी रुलाने से।।   नहीं अब दिल पे लेते…

    Read More गिला- शिकवा नहीं करते कभी ज़ालिम ज़माने सेContinue

  • ढा रहे अपने सितम ये
    शेरो-शायरी

    ढा रहे अपने सितम ये

    ByAdmin November 23, 2020December 29, 2020

    ढा रहे अपने सितम ये     ढा रहे अपनें सितम ये हो गया कैसा  वतन ये   हम मिटा देगे अदूँ को जान से प्यारा वतन ये   सब मिटा देगे जहां से जुल्म को भी है लगन ये   प्यार से सीचो वतन ये कर रहा है अब चमन ये   है क़सम…

    Read More ढा रहे अपने सितम येContinue

  • कुछ रिश्तों की इतनी ही उम्र होती है
    कहानियां

    कुछ रिश्तों की इतनी ही उम्र होती है

    ByAdmin November 22, 2020December 29, 2020

    आज सर्दियों की धुंध भरी शाम है। मैं धीरे-धीरे चलते हुए घर लौट रहा हूँ। सड़क के किनारे लगीं पोल लाइटों से उर्जित प्रकाश कोहरे को नीली चादर की भांति खुद से लपेटे हुए है । अर्पिता के साथ बिताए पल मुझे यूं ही याद आने लगे हैं। वह कोहरे की इस नीली चादर को…

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  • आंखों से मेरी सभी वो आज रूठे ख़्वाब है
    शेरो-शायरी

    आंखों से मेरी सभी वो आज रूठे ख़्वाब है

    ByAdmin November 22, 2020December 29, 2020

    आंखों से मेरी सभी वो आज रूठे ख़्वाब है     आंखों से मेरी सभी वो आज रूठे ख़्वाब है! हो गये है जिंदगी से दूर सारे ख़्वाब है   टूट जाते है मंजिल पे ही पहुचने से पहले प्यार के ही  कब पूरे ए दोस्त होते ख़्वाब है   कब न जाने होगे सच…

    Read More आंखों से मेरी सभी वो आज रूठे ख़्वाब हैContinue

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