फूल उल्फ़त का दिया है आज फ़िर
फूल उल्फ़त का दिया है आज फ़िर फूल उल्फ़त का दिया है आज फ़िर! कोई अपना कर गया है आज फ़िर छेड़कर नग्मात दिल के प्यार में कोई दिल रुला गया है आज फ़िर छोड़ जो मुझको गया था भीड़ में वो मुझे अब ढूंढ़ता है आज फ़िर याद आयी…
फूल उल्फ़त का दिया है आज फ़िर फूल उल्फ़त का दिया है आज फ़िर! कोई अपना कर गया है आज फ़िर छेड़कर नग्मात दिल के प्यार में कोई दिल रुला गया है आज फ़िर छोड़ जो मुझको गया था भीड़ में वो मुझे अब ढूंढ़ता है आज फ़िर याद आयी…
यहां तो जिंदगी में ग़म रहा है यहां तो जिंदगी में ग़म रहा है ख़ुशी का कब यहां आलम रहा है वफ़ा के नाम पत्थर मारे उसनें निगाहें करता मेरी नम रहा है ख़ुशी का होता फ़िर अहसास कैसे ग़मों का सिलसिला कब कम रहा है खिलेंगे गुल मुहब्बत के…
श्रीगंगा-स्तुति (गंगा दशहरे के शुभ अवसर पर) जगत् पावनी जय गंगे। चारों युग त्रिलोक वाहनी त्रिकाल-विहारिणी जय गंगे।। महा वेगवति, निर्मल धारा, सुधा तरंगिनी जय गंगे। महातीर्था, तीर्थ माता , सर्व मानिनी जय गंगे।। अपारा, अनंता, अक्षुण्ण शक्ति, अघ-हारिणी जय गंगे। पुण्य-मोक्ष-इष्ट प्रदायिनि, भव-तारिणी जय गंगे।। “कुमार”मन पावन करो ,शिव जटा…
वो हक़ीक़त में रूठे थे और रूठे ख़्वाब में वो हक़ीक़त में रूठे थे और रूठे ख़्वाब में कर गये है वो गिले कल रात ऐसे ख़्वाब में भूल जाता मैं उसे दिल से हमेशा के लिये वो अगर मेरे नहीं जो दोस्त होते ख़्वाब में जिंदगी भर जो नहीं मेरे…
जानें कब आएंगे अपने अच्छे दिन! ******** गरीबों तुमने.. बहुत कुछ झेला है! बहुत कुछ झेलना बाकी है, इतिहास इसका साक्षी है। अभी महामारी और कोरोना का दौर है, गरीबों के लिए यहां भी नहीं कोई ठौर है। सरकारों की प्राथमिकता में अभी कुछ और है, सेवा सहानुभूति का नहीं यह दौर है। धनवान निर्धन…
जब से तेरी पायल छनक गयी ( Jab se teri payal chhanak gayi ) जब से तेरी पायल छनक गयी! प्यार में धड़कन ये बहक गयी हो गया प्यार में दिल पागल वो निगाहें ऐसी मटक गयी कर गयी है असर प्यार का चूड़ी उसकी ऐसी छनक गयी नींद आऐ…
रहा हौंसला हर मुसीबत में भारी ( Raha Hausala Har Musibat Me Bhari ) रहा हौंसला हर मुसीबत में भारी। न टूटी दुःखों में भी हिम्मत हमारी।। मिटे दिल के अरमां रहे सोच के चुप। किसी रोज होगी हमारी भी बारी।। लिखा हाथ की जो लकीरों में रब ने। वो छीनेगी…
तुझको दिल देख बहल जाता है तुझको दिल देख बहल जाता है। इक तेरा साथ हमें भाता है।। डाल के आंखें तेरा आंखों में। यूं मुस्काना ग़ज़ब सा ढ़ाता है।। पास में आना कोई बहाना कर। दिल में अरमां कई जगाता है।। बस ख्यालों में तेरे खो जाउं। ख्याल ये…
क्या कहूं! ये इश्क नहीं आसां ******** साजिश की बू आ रही है घड़ी घड़ी उसकी याद आ रही है इंतजार करके थक गया हूं फिर भी नहीं आ रही है। क्या ऐसा करके मुझे सता रही है? क्या कहूं ? साजिश की बू आ रही है यूं ही तो नहीं मुझे तड़पा रही है…
आज आंखों में नमी है देखिए आज आंखों में नमी है देखिए! जीस्त में उसकी कमी है देखिए लौट आ तेरे बिना ए सनम कितनी तन्हा जिंदगी है देखिए शहर में कोई नहीं है अपना ही हर कोई तो अजनबी है देखिए देख ले तू प्यार से ही इक नज़र…