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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • फूल उल्फ़त का दिया है आज फ़िर
    शेरो-शायरी

    फूल उल्फ़त का दिया है आज फ़िर

    ByAdmin December 1, 2020December 29, 2020

    फूल उल्फ़त का दिया है आज फ़िर     फूल उल्फ़त का दिया है आज फ़िर! कोई अपना कर गया है आज फ़िर   छेड़कर नग्मात दिल के प्यार में कोई दिल रुला गया है आज फ़िर   छोड़ जो मुझको गया था भीड़ में वो मुझे अब ढूंढ़ता है आज फ़िर   याद आयी…

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  • यहां तो जिंदगी में ग़म रहा है
    शेरो-शायरी

    यहां तो जिंदगी में ग़म रहा है

    ByAdmin November 30, 2020December 29, 2020

    यहां तो जिंदगी में ग़म रहा है     यहां तो जिंदगी में ग़म रहा है ख़ुशी का कब यहां आलम रहा है   वफ़ा के नाम पत्थर मारे उसनें निगाहें करता मेरी नम रहा है   ख़ुशी का होता फ़िर अहसास कैसे ग़मों का सिलसिला कब कम रहा है   खिलेंगे गुल मुहब्बत के…

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  • श्रीगंगा-स्तुति
    कविताएँ

    श्रीगंगा-स्तुति

    ByAdmin November 30, 2020December 29, 2020

    श्रीगंगा-स्तुति (गंगा दशहरे के शुभ अवसर पर)   जगत् पावनी जय गंगे। चारों युग त्रिलोक वाहनी त्रिकाल-विहारिणी जय गंगे।।   महा वेगवति, निर्मल धारा, सुधा तरंगिनी जय गंगे। महातीर्था, तीर्थ माता , सर्व मानिनी जय गंगे।।   अपारा, अनंता, अक्षुण्ण शक्ति, अघ-हारिणी जय गंगे। पुण्य-मोक्ष-इष्ट प्रदायिनि, भव-तारिणी जय गंगे।।   “कुमार”मन पावन करो ,शिव जटा…

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  • वो हक़ीक़त में रूठे थे और रूठे ख़्वाब में
    शेरो-शायरी

    वो हक़ीक़त में रूठे थे और रूठे ख़्वाब में

    ByAdmin November 30, 2020December 29, 2020

    वो हक़ीक़त में रूठे थे और रूठे ख़्वाब में     वो हक़ीक़त में रूठे थे और रूठे ख़्वाब में कर गये है वो गिले कल रात ऐसे ख़्वाब में   भूल जाता मैं उसे दिल से हमेशा के लिये वो अगर मेरे नहीं जो दोस्त होते ख़्वाब में   जिंदगी भर जो नहीं मेरे…

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  • जानें कब आएंगे अपने अच्छे दिन!
    कविताएँ

    जानें कब आएंगे अपने अच्छे दिन!

    ByAdmin November 29, 2020December 29, 2020

    जानें कब आएंगे अपने अच्छे दिन! ******** गरीबों तुमने.. बहुत कुछ झेला है! बहुत कुछ झेलना बाकी है, इतिहास इसका साक्षी है। अभी महामारी और कोरोना का दौर है, गरीबों के लिए यहां भी नहीं कोई ठौर है। सरकारों की प्राथमिकता में अभी कुछ और है, सेवा सहानुभूति का नहीं यह दौर है। धनवान निर्धन…

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  • जब से तेरी पायल छनक गयी
    शेरो-शायरी

    जब से तेरी पायल छनक गयी | Payal shayari

    ByAdmin November 29, 2020December 11, 2022

    जब से तेरी पायल छनक गयी ( Jab se teri payal chhanak gayi )      जब से तेरी  पायल छनक गयी! प्यार में धड़कन ये बहक गयी   हो गया प्यार में दिल पागल वो निगाहें ऐसी  मटक गयी   कर गयी है असर प्यार का चूड़ी उसकी ऐसी छनक गयी   नींद आऐ…

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  • रहा हौंसला हर मुसीबत में भारी
    शेरो-शायरी

    Ghazal | रहा हौंसला हर मुसीबत में भारी

    ByAdmin November 29, 2020March 11, 2021

    रहा हौंसला हर मुसीबत में भारी  ( Raha Hausala Har Musibat Me Bhari )     रहा  हौंसला  हर  मुसीबत  में भारी। न टूटी दुःखों में भी हिम्मत हमारी।।   मिटे दिल के अरमां रहे सोच के चुप। किसी रोज होगी हमारी भी बारी।।   लिखा हाथ की जो लकीरों में रब ने। वो छीनेगी…

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  • तुझको दिल देख बहल जाता है
    शेरो-शायरी

    तुझको दिल देख बहल जाता है

    ByAdmin November 28, 2020December 29, 2020

    तुझको दिल देख बहल जाता है     तुझको दिल देख बहल जाता है। इक तेरा साथ हमें भाता है।।   डाल के आंखें तेरा आंखों में। यूं मुस्काना ग़ज़ब सा ढ़ाता है।।   पास में आना कोई बहाना कर। दिल में अरमां कई जगाता है।।   बस ख्यालों में तेरे खो जाउं। ख्याल ये…

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  • क्या कहूं! ये इश्क नहीं आसां
    कविताएँ

    क्या कहूं! ये इश्क नहीं आसां

    ByAdmin November 28, 2020December 20, 2024

    क्या कहूं! ये इश्क नहीं आसां ******** साजिश की बू आ रही है घड़ी घड़ी उसकी याद आ रही है इंतजार करके थक गया हूं फिर भी नहीं आ रही है। क्या ऐसा करके मुझे सता रही है? क्या कहूं ? साजिश की बू आ रही है यूं ही तो नहीं मुझे तड़पा रही है…

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  • आज आंखों में नमी है देखिए
    शेरो-शायरी

    आज आंखों में नमी है देखिए

    ByAdmin November 28, 2020December 29, 2020

    आज आंखों में नमी है देखिए     आज आंखों में नमी है देखिए! जीस्त में उसकी कमी है देखिए   लौट आ तेरे बिना ए सनम कितनी तन्हा जिंदगी है देखिए   शहर में कोई नहीं है अपना ही हर कोई तो अजनबी है देखिए   देख ले तू प्यार से ही इक नज़र…

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