प्यार की आजम थम गई बारिश
प्यार की आजम थम गई बारिश प्यार की आजम थम गई बारिश! नफ़रतों की होती रही बारिश नफ़रतों के ख़ंजर चले मुझपे प्यार की कब गुलू हुई बारिश नफ़रत की दोस्त धूप निकली है प्यार की जब से ही थमी बारिश नफ़रत की धूप जिससें ढ़ल जाये ऐसी आती नहीं…
प्यार की आजम थम गई बारिश प्यार की आजम थम गई बारिश! नफ़रतों की होती रही बारिश नफ़रतों के ख़ंजर चले मुझपे प्यार की कब गुलू हुई बारिश नफ़रत की दोस्त धूप निकली है प्यार की जब से ही थमी बारिश नफ़रत की धूप जिससें ढ़ल जाये ऐसी आती नहीं…
चुनाव परिणाम बिहार का! ******* चुनाव परिणाम बिहार का रूला रहा है थका रहा है हंसा रहा है धीरे धीरे आ रहा है काफी वक्त लगा रहा है टीवी वाला अपना टीआरपी बढ़ा रहा है उनको मजा भी बहुत आ रहा है चाहते हैं कुछ और लंबा खींचे गणना ताकि उनकी आमदनी होती रहे चुनाव…
वो आंखें जो आज़म इधर होती! वो आंखें जो आज़म इधर होती! प्यार की फ़िर उससे नज़र होती दिल को मेरे क़रार आ जाता हाँ अगर जो उसकी ख़बर होती अंजुमन से चला गया उठकर प्यार की कुछ बातें मगर होती यूं न होते अंधेरे ग़म के फ़िर जीस्त में…
कभी चेहरे पे मत रीझौ दिलों से लोग काले है कभी चेहरे पे मत रीझौ दिलों से लोग काले है। समझ लो ठीक से सारे यहां जो भोले-भाले है।। सभी का बात करने का बता देता हमें लहजा। बङे मगरूर रहते हैं यहां जो हुस्न वाले है।। बहक पाते कदम तब ही…
उदासी में डूबे बहुत ही रहे है! उदासी में डूबे बहुत ही रहे है! निगाहों से ही आंसू मेरी बहे है भुलाने जिसे चाहता हूँ मैं दिल से परेशां यादें रोज़ उसकी करे है ख़ुशी का नहीं पल मिला जिंदगी में जीवन में मुझे ग़म बहुत ही मिले है खेली…
अमेरिका को मिला नया राष्ट्रपति! ****** धन्य अमेरिका, धन्य अमेरिकी जनता.. नफ़रत के ऊपर चुना सद्भावना! कुछ यही है कहता- बाइडेन का चुना जाना। देखिए क्या आगे है होता? 46 लें राष्ट्रपति के रूप में 77 वर्षीय बाइडेन चुने गए हैं, छह बार सिनेटर भी रह चुके हैं। जो डेमोक्रेटिक पार्टी के थे उम्मीदवार, जिनपर…
जब तक हम नहीं सुधरेंगे तब तक एक अच्छे समाज का निर्माण संभव नहीं। जब आप गलत होते हुए भी अच्छा बनने का नाटक करते हैं, तो अगला सब कुछ जानते हुए भी खामोश है । तो इसका मतलब यह नहीं कि वह कुछ नहीं जानता बल्कि वो आपको दूसरों की नजरों में गिराना नहीं…
उसके ख़त का जवाब देना है ( Uske khat ka jawab dena hai ) उसके ख़त का जवाब देना है अब उसे एक गुलाब देना है जान तो नाम कर चुके तेरे और क्या अब जनाब देना है ? इस जहां में तुझे ही बस हमको बावफ़ा का ख़िताब देना है…
मांग में सिंदूर भर दूँ मैं सनम मांग में सिंदूर भर दूँ मैं सनम आ तुझे दुल्हन सी कर दूँ मैं सनम भूल जायेगी दर्द ग़म दिल के सभी प्यार से इतनी तर कर दूँ मैं सनम चुनकर सब कांटो भरे ग़म तेरे ही फूलों से दामन ये भर दूँ मैं…
बैठ जाता हूँ कितना इंतज़ार करता हूँ मैं हर सुबह और शाम इसी आस में कि अभी उसका फ़ोन आएगा और पूछेगी मुझसे मेरा हाल…… आता है जब फ़ोन चार पाँच दिनों के बाद बस दो मिनट भी नहीं कर पाती बात और बिन कहे ही काट देती है कॉल मैं बोलता…