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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • उठ गये थे वो क़दम जो बेख़ुदी में
    शेरो-शायरी

    उठ गये थे वो क़दम जो बेख़ुदी में

    ByAdmin October 18, 2020December 30, 2020

    उठ गये थे वो क़दम जो बेख़ुदी में     उठ गये थे वो क़दम जो बेख़ुदी में! चोट खायी प्यार में ही इसलिए है   होश आया तो ये जाना जीवन क्या है वरना डूबा था मुहब्बत के नशे में   जिंदगी में दुख बहुत देखें ख़ुदाया चाहता हूँ मैं ख़ुदा ये ही ख़ुशी…

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  • वो दिलों में फासला
    शेरो-शायरी

    वो दिलों में फासला हरदम यूं लाते ही रहे

    ByAdmin October 18, 2020December 30, 2020

    वो दिलों में फासला हरदम यूं लाते ही रहे     वो दिलों में फासला हरदम यूं लाते ही रहे । तोङ सारे ख्वाब दिल के रोज ढाते ही रहे।।   दिल में बैठाया हमेशा ही यकीं हमने किया। गैर के जैसे सदा वो पेश आते ही रहे ।।   प्यार की बातों को मेरा…

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  • कब ख़ुशी की यहां जली बीड़ी!
    शेरो-शायरी

    कब ख़ुशी की यहां जली बीड़ी!

    ByAdmin October 18, 2020December 30, 2020

    कब ख़ुशी की यहां जली बीड़ी!     कब  ख़ुशी की यहां जली बीड़ी! रोज ग़म की जलती रही बीड़ी   बुझ जाती है जलने से पहले ही जो जलाता  हूँ प्यार की बीड़ी   नफ़रतों की जली यहां ऐसी सब ख़ुशी  ख़ाक कर गयी  बीड़ी   छोड़ दें  पीना दोस्त इसको तू कर रही …

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  • रक्षक
    कविताएँ

    रक्षक

    ByAdmin October 18, 2020December 30, 2020

    रक्षक जन्म लेकर जब वह आंख खोलती है देख कर दुनिया जाने क्या सोचती है   भरकर बाहों में है प्यार से उठाता शायद इसे ही मां कहा जाता   चारों तरफ है लोगों की भीड़ किससे कौन सा रिश्ता नाता   कोई भाई, चाचा कोई तो कोई मेरा पिता कहलाता मैं तो ढूंढूं उसे…

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  • नशा सिगरेट का
    शेरो-शायरी

    नशा सिगरेट का

    ByAdmin October 18, 2020December 30, 2020

    नशा सिगरेट का     इस तरह घर जाऊं अपनें ऐ यारों चढ़ गया मुझको नशा सिगरेट का   जिंदगी कर देगी तेरी ख़ाक ये मत रख लब पे सिलसिला सिगरेट का   जिस्म ये बेजार कर देगी तेरा छोड़ दें तू रास्ता सिगरेट का   जल गये यादों भरे ख़त मेज पे कल कागज…

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  • ज़माने की चालों से तुम बचके चलना
    शेरो-शायरी

    ज़माने की चालों से तुम बचके चलना

    ByAdmin October 17, 2020December 30, 2020

    ज़माने की चालों से तुम बचके चलना     ज़माने की चालों से तुम बचके चलना। सिखाएंगे तुमको सदा रँग बदलना।।   हमें दिल लगाने की दौलत मिली  है । कि सारी उमर फिर पड़ा ग़म में जलना।।   यहां बेवफाई का आलम न पूछो। मिटा दिल के अरमां पड़ा है तङफना।।   ये हसरत…

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  • कान मेरे उसकी चूडियां खनक गयी
    शेरो-शायरी

    कान मेरे उसकी चूडियां खनक गयी

    ByAdmin October 17, 2020December 30, 2020

    कान मेरे उसकी चूडियां खनक गयी     कान मेरे उसकी चूडियां खनक गयी प्यार में उसके दिल की धड़कन बहक गयी   आख़री थी निशानी उसकी पास में हाथ से वो भी तो अंगुठी छनक गयी   आ रही है सदा जिंदगी में ग़म की सूली पे ही ख़ुशी अपनी सब लटक गयी  …

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  • प्यार के किस्से पुराने हो गए
    शेरो-शायरी

    प्यार के किस्से पुराने हो गए

    ByAdmin October 17, 2020December 30, 2020

    प्यार के किस्से पुराने हो गए     प्यार के किस्से पुराने हो गए। वक्त के हम भी निशाने हो गए ।।   जिंदगी भर साथ रहना था हमें। दूर रहते अब ज़माने हो गए।।   किस तरफ तक़दीर लेकर आ गई। लुट चुके से हम खजाने हो गए।।   क्या सुनाएं जिंदगी की दास्तां।…

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  • दर्द ग़म (हाइकु )
    हाइकु

    दर्द ग़म

    ByAdmin October 17, 2020December 12, 2023

    दर्द ग़म (हाइकु )   1 दिल मेरा बेज़ार है जिंदगी से ही ख़ुशी आजकल दरकार है    2 नींद लूटी इश्क़ ने ऐसी मेरी देखिए  आंखें अब  बेदार है   3 थी जहां हर रोज बस प्यार की बातें ही प्यार अब वो खार है 4   फूलों की मानिंद हर पल मुस्काता  था…

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  • निद्रा
    कविताएँ

    निद्रा

    ByAdmin October 17, 2020December 30, 2020

    निद्रा     शांत क्लांत सुखांत सी पुरजोर निद्रा। धरती हो या गगन हो हर ओर निद्रा।।   विरह निद्रा मिलन निद्रा सृष्टि निद्रा प्रलय निद्रा, गद्य निद्रा पद्य निद्रा पृथक निद्रा विलय निद्रा, आलसी को दिखती है चहुंओर निद्रा।।धरती०   सुख भी सोवे दुख भी सोवै सोना जग का सार है, सोना ही तो…

    Read More निद्राContinue

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