• तुम न जाओ

    तुम न जाओ   सूने उपवन में गहन घन प्रीति गाओ तुम न जाओ।। मेरे अन्तर्मन अभी तुम रुक भी जाओ तुम जाओ।।   स्वाती बिन प्यासा पपीहा देखा होगा, रात भर जगती चकोरी सुना होगा, मैं तना हूं तुम लता बन लिपट जाओ तुम न जाओ।।तुम न०   प्रेम तो एक हवा का झोंका…

  • ढ़ल गये जिंदगी से ख़ुशी के दिन सब

    ढ़ल गये जिंदगी से ख़ुशी के दिन सब     ढ़ल गये जिंदगी से ख़ुशी के दिन सब रह गये है ग़मों के दिन तक़दीर में   मांगता हूँ ख़ुदा से दुआ रोज़ जो फ़िर भी होती नहीं है दुआ वो क़बूल   ढूंढ़ता हूँ चेहरा शहर में वो मैं तो दें हमेशा वफ़ा जो…

  • घर जाने की उसके ही जरूरत नहीं

    घर जाने की उसके ही जरूरत नहीं     घर जाने की उसके ही जरूरत नहीं जब रही उसको तुझसे मुहब्बत नहीं   प्यार से कैसे महकेगी सांसे मेरी फूलों में ख़ुशबू की वो नज़ारत नहीं   इसलिए छोड़ दिया साथ उसका मैंनें दोस्त उसकी लगी अच्छी आदत नहीं   कर गया है मुझे ग़ैर…

  • हे राम | Hey Ram

    हे राम! ** कर जोड़ करूं तेरा वंदन, हे रघुनंदन ! हे रघुनंदन। दशरथ-कौशल्या के नंदन, तीनों लोक करे तेरा वंदन; महादेव इन्द्र ब्रह्मा भी करें पूजन। अतातायियों के हो संहारक, सतपथ के हो सृजन कारक। दुष्ट पापियों के हो काल, दशानन के हमने देखें हैं हाल। लंका जलाकर खाक किए, विभीषण राज्य स्थापित किए।…

  • छौङ दो नफरतों को करो प्यार तुम

    छौङ दो नफरतों को करो प्यार तुम   छौङ दो नफरतों को करो प्यार तुम। यार बनके दिखाओ समझदार तुम।।   चाहते  हो अगर  फूल  तुमको मिले। चुन ही लेना किसी राह से ख़ार तुम।।   मान अहसान  उसका मददगार जो। सर झुका करके रहना वफादार तुम।   सब सुखों में समझ साथ दुख में…

  • उम्मीद

    उम्मीद   शांत सी जिंदगी में फिर से शोर होगा इस अंधेरी दुनिया में फिर कोई भोर होगा। इसी उम्मीद में देखो कितनी बड़ी हो गयी मैं थोड़ी मासूम तो थोड़ी नकचढ़ी हो गयी मैं। कुछ अपनों को जाते देखा तो परायों को आते देखा। जिंदगी क्या है, लोगों से सुनते देखा पर असल जिंदगी…

  • सड़क

    सड़क   पहुंच सुदूर क्षितिज धरा तक सुंदर रेखा मात्र दिखती हूं, श्याम वर्णी स्वस्थ सलोने गात दिन रात अटखेलियां खेलती हूं, पकड़ पगडंडी की राह पाया चतुर्भुज रूप चंचला आगे बढ़ती,संवरती हूं अनुपम अवतरित छटा, अव्यवस्थित पर अति आर्द्र शीत की उष्णता में तपती हूं।। अवस्थापन से हर्षातिरोक्ति हुयी कब जब मेरे कतरों की…

  • डर के आगे जीत है (दोहे)

    डर के आगे जीत है (दोहे) **** (मंजूर के दोहे) ****** १) डर से हम डरते नहीं , ना इसकी पहचान। डराओ ना जग मुझको, मैं भी अब शैतान ।। २) डर कर जीया अभी तक,पकड़ लिया अब कान। जैसे को तैसा करूं,देख जगत हैरान।। ३) डरोना कभी किसी से,अक्ल से लो तुम काम। डराने…

  • अपने मिलते अनजानों में

    अपने मिलते अनजानों में     अपने   मिलते  अनजानों में।। गुल भी  खिलते  वीरानों  में।।   कोई   दिल  को भाने वाला ।    मिल  जाता   है  बेग़ानो  में।।   टुकड़े कर दे जो इस दिल के।    कैसे    रहता   अरमानों   में।।   देखी   जीवों    में   मोहब्बत।  नफ़रत  केवल    ईंसानों  में।।   दिल दुःखाकर   क्या पाओगे!…

  • दिल का करार ले गए है मुस्कुरा के वो

    दिल का करार ले गए है मुस्कुरा के वो     दिल   का   करार  ले    गए   है   मुस्कुरा  के   वो। जान   ले   चले  है  शरम  से  नज़र  झुका के वो।।   जब  मिले कभी है बींध कर ही दिल को चल दिए। तीर  सी नज़र  से खींच कर निशाना लगा  के वो।।   शिद्त   से   …