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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • याद करते थे भुलाने में लगे
    शेरो-शायरी

    याद करते थे भुलाने में लगे

    ByAdmin October 20, 2020December 30, 2020

    याद करते थे भुलाने में लगे     याद करते थे भुलाने में लगे! वो पराया अब बनाने में लगे   सच बताकर वो ही सबसे झूठ को दाग दामन से मिटाने में लगे   दोष क्या दूँ मैं औरो को देखिए घर मेरा अपनें ही जलाने में लगे   दिल दुखाकर वो वफ़ा में…

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  • जो बीत गयी वो बात नहीं
    शेरो-शायरी

    जो बीत गयी वो बात नहीं

    ByAdmin October 20, 2020December 30, 2020

    जो बीत गयी वो बात नहीं   जो बीत गयी वो बात नहीं जो गुजर चुकी वो रात नहीं   मैं खाली हूँ अपनें पन से क्यों इश्क़ करुं मैं बेमन से   मैं टूट रहा लम्हा लम्हा हाँ जीता रहूंगा मैं तन्हा   अब तू भी नहीं तेरा साथ नहीं अब दर्द नहीं ज़ज्बात…

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  • दिल में किसी की याद इतनी भर गई
    शेरो-शायरी

    दिल में किसी की याद इतनी भर गई

    ByAdmin October 19, 2020December 30, 2020

    दिल में किसी की याद इतनी भर गई     दिल में किसी की याद इतनी भर गई। चाहा मिटाना लाख फिर से उभर गई।।   उनको हमारी याद आती जरूर है। शामो-सहर अपने वो मेरे नाम कर गई।।   हम पर असर यादों का ऐसा कुछ हुआ। वीरान सारी जिंदगी गुजर गई।।   दिल…

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  • करोगे प्यार तो (गीत )
    शेरो-शायरी

    करोगे प्यार तो (गीत )

    ByAdmin October 19, 2020December 30, 2020

    करोगे प्यार तो (गीत )   करोगे प्यार तो दुनिया ये दिल दुःखाएगी। वफ़ा के नाम पर धौखे तुझे खिलाएगी।।   खुशी की चाह में ग़म से ही सामना होगा। उदास जिंदगी यहीं आके ठहर जाएगी।।   वीरान राह में भटकते रहोगे शामो-सहर। बहार दूर तलक कहीं भी नज़र ना आएगी।   थे साथ गुज़रे…

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  • लक्ष्य
    कविताएँ

    लक्ष्य

    ByAdmin October 19, 2020December 30, 2020

    लक्ष्य   है दुनिया में ऐसा कौन? जिसका कोई लक्ष्य न हो।   तृण वटवृक्ष सिकोया धरा धरणीपुत्र गगन हो।   प्रकृति सभी को संजोया कण तन मन और धन हो।   खग जल दिवा-रजनी बाल वृद्ध जन व पवन हो।। है दुनिया ०   सब संसाधन यहीं हैं,सही है, कहां दौड़ते ऐ विकल मन…

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  • अपना भारत फिर महान हो जाता
    कविताएँ

    अपना भारत फिर महान हो जाता

    ByAdmin October 19, 2020December 30, 2020

    अपना भारत फिर महान हो जाता ********   ऊंची मीनारों में रहने वालों जरा रहकर इक व्रत देख लेते एहसास हो है जाता  भूख होती है क्या? मजलूम मजदूरों का निवाला  छीन कर खाने वालों, एहसास हो है जाता भूख से बिलखते बच्चों की भूख होती  है क्या? इन बच्चों में जो देख लेते  अपना…

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  • न कर फरियाद दुनिया से
    शेरो-शायरी

    न कर फरियाद दुनिया से

    ByAdmin October 19, 2020December 30, 2020

    न कर फरियाद दुनिया से   न कर फरियाद दुनिया से सहारे भी नहीं मिलते। कभी मझधार में आकर किनारे भी नहीं मिलते।।   गुलो-गुलजार की पहले सी वो रौनक कहां है अब ? यूं मौसम ए ख़िजां में अब बहारें भी नहीं मिलते ।।   यहां जीवन सभी का ही हमें वीरां बहुत लगता।…

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  • उसकी यादें के आंसू है आंख में
    शेरो-शायरी

    उसकी यादें के आंसू है आंख में

    ByAdmin October 19, 2020December 30, 2020

    उसकी यादें के आंसू है आंख में     उसकी यादें के आंसू है आंख में! आ गयी लाली ग़मों की आंख में   देखता हूँ आईना आती नजर क़ैद सूरत हो गयी वो आंख में   दें गया वो  बेवफ़ाई के आंसू छोड़ गया ग़म ए असर वो आंख में   आंख से क्या…

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  • बरसाती मेंढक
    कविताएँ

    बरसाती मेंढक!

    ByAdmin October 18, 2020December 30, 2020

    बरसाती मेंढक! *** माह श्रावण शुरू होते ही- दिखते टर्र टर्र करते, जाने कहां से एकाएक प्रकट होते? उधम मचाते, उछल कूद करते। कभी जल में तैरते, कभी निकल सूखे पर हैं धूप सेंकते। माह दो माह खूब होती इनकी धमाचौकड़ी, लोल फुला फुला निकालते कर्कश ध्वनि। इन्हें देख बच्चे खुश होते, तो कभी हैं…

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  • दिल लगाने की यहां सबको सजा मिलती है
    शेरो-शायरी

    दिल लगाने की यहां सबको सजा मिलती है

    ByAdmin October 18, 2020December 30, 2020

    दिल लगाने की यहां सबको सजा मिलती है     दिल लगाने की यहां सबको सजा मिलती  है। दिल लरज़ता है कभी रूह भी यहां तङफती है ।।   कौन रूसवा ना हुआ आकर यहां गलियों में। पंक में ही तो मुहब्बत की कली खिलती है।।   नाम थकने का न लेती है ज़माने में…

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