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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • दिल  तुझे   देख  बहल जाता  है
    शेरो-शायरी

    दिल तुझे देख बहल जाता है

    ByAdmin October 13, 2020December 30, 2020

    दिल तुझे देख बहल जाता है     दिल  तुझे   देख  बहल जाता  है। साथ  तेरा  ही  अब तो भाता है।।   तेरा   नज़रें   झुका  के  मुस्काना। मुझको   तेरे   क़रीब  लाता   है।।   पास    आना    तेरा   बहाने  से । दिल  में अरमां  कई  जगाता है।।   डूब    जाऊँ   तेरे   तसव्वुर   में । रोज  ये   ही …

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  • तुम जो यूं नज़रें मिला रहे हो
    शेरो-शायरी

    तुम जो यूं नज़रें मिला रहे हो

    ByAdmin October 12, 2020December 30, 2020

    तुम जो यूं नज़रें मिला रहे हो     तुम  जो   यूं नज़रें   मिला  रहे हो। जिगर  पे   नश्तर  चला  रहे  हो।।   जो    जैसा   है   वैसा   ही  रहेगा। क्यों अपने दिल को जला रहे हो।।   बहुत    है   अहसान  ये  तुम्हारा । नज़र  से  जो  मय  पिला रहे हो।।   हरेक  पल   तुम  यूँ …

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  • कुछ दिन पहले
    कविताएँ

    कुछ दिन पहले

    ByAdmin October 12, 2020December 30, 2020

    कुछ दिन पहले     कुछ दिन पहले मैं आकर्षित हो गया था उसके गौर वर्ण पर उसके मदहोश करते लफ़्ज़ों पर उसके उभरे उरोजों पर……   उसने कहा था-   तुम भी मुझे अच्छे लगते हो मैं जुड़ तो सकती हूं पर…… कैसे तेरे साथ आ सकती हूं.? शंकाओं ने घेरा हुआ है आऊँ…

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  • परीक्षा मंत्र
    कविताएँ

    परीक्षा मंत्र

    ByAdmin October 12, 2020December 30, 2020

    परीक्षा मंत्र   सुनो, तुम्हे सुनाने आया हूं। जागो, तुम्हें जगाने आया हूं। देखो, तुम्हें दिखाने आया हूं। बोलो तुम्हे बुलाने आया हूं।। पढ़ी पुस्तके पलटो, उत्तर मिल जायेगा, वर्ष भर लिखी नोट्स को देखो, उत्तर मिल जायेंगे। बस मेरी इक बात मानो ध्यान से पढ़ो ध्यान से सुनो, तुम्हे अपने जीवन के एक-एक मार्ग…

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  • किताबों से सदा वो आ रही थी
    शेरो-शायरी

    किताबों से सदा वो आ रही थी

    ByAdmin October 12, 2020December 30, 2020

    किताबों से सदा वो आ रही थी     किताबों से सदा वो आ रही थी ग़ज़ल यादों की कोई रो पड़ी थी   दयारें आ रही थी नफ़रतों की मुहब्बत की कली मुरझा रही थी   खबर दिल को नहीं थी बेवफ़ा है वफ़ा की सोचकर राहें चुनी थी   वो आंखें देखती है…

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  • आँखों की नमी मुहब्बत को जाहिर कर देता है
    शेरो-शायरी

    आँखों की नमी मुहब्बत को जाहिर कर देता है

    ByAdmin October 12, 2020December 30, 2020

    आँखों की नमी मुहब्बत को जाहिर कर देता है     आँखों की नमी मुहब्बत को जाहिर कर देता है इंसान को मुहब्बत भी ज़रा कायर कर देता है   यह नहीं है की में तुझसे बात करना नहीं चाहता बात बात पर तेरी आँखें मुझको बाहिर कर देता है   तेरे साथ, तुझ से…

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  • प्रेम में पड़ कर
    कविताएँ

    प्रेम में पड़ कर

    ByAdmin October 12, 2020December 30, 2020

    प्रेम में पड़ कर   अक्सर प्रेम से ओत प्रोत पुरूष समर्पित कर देता है पत्नी के हिस्से का प्रेम अपनी प्रेमिका को खुद के अस्तित्व को स्वयं ही नष्ट कर लेता है और….. ढूँढता है अपना अस्तित्व प्रेमिका के अंदर अस्तित्वहीन पुरूष स्वयं ही खत्म कर लेता है अपना महत्व और……… महत्वहीन पुरूष नहीं…

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  • दुख की घङियां सुखों में यूं ढल जाती है
    शेरो-शायरी

    दुख की घङियां सुखों में यूं ढल जाती है

    ByAdmin October 11, 2020December 30, 2020

    दुख की घङियां सुखों में यूं ढल जाती है     दुख की घङियां सुखों में यूं ढल जाती है। जैसे  फूलों  में  कलियां  बदल जाती है ।।   आँधियों में   अग़र  वो खुदा  चाहे   तो। फिर  से  बुझती  हुई  लौ भी जल जाती है।।   हैं   नादां चाहे जो  शोहरत  को   वो   । फूल …

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  • कलह ( हाइकु )
    हाइकु

    कलह ( हाइकु )

    ByAdmin October 11, 2020December 12, 2023

    कलह ( हाइकु ) *** १) कलह करे घर संकट भरे- बेमौत मरे । २) कलह कांटा जिस आंगन उगे- नाश ही करे। ३) कलह विष नहीं हों आवेशित- घर दूषित। ४) कलह बुरा परिवार बिखरे- नहीं निखरे। ५) सुलह हल कलह है गरल- संकट प्राण। ६) कलह बांटे छिन्न भिन्न संबंधी- विकास रूके। ७)…

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  • सादगी तेरी और तेरी जवानी
    शेरो-शायरी

    सादगी तेरी और तेरी जवानी

    ByAdmin October 11, 2020December 30, 2020

    सादगी तेरी और तेरी जवानी     सादगी तेरी और तेरी जवानी। है दिलों को लगती ये कितनी सुहानी।।   यूं ही रूठ जाना खुद ही फिर मान जाना। उम्र होती मासूम सी ये दीवानी ।।   ख्वाब यूं ही बुनती किसी की ना सुनती। खूं में है इसके कुछ अज़ब सी रवानी।।   अंखियों…

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