• आया मौसम बसंत का

    आया मौसम बसंत का (बंसत-पंचमी पर विशेष )   शीतल-मंद बयार बहाता आया मौसम बसंत का। अपनी खुशबू से महकाता आया मौसम बसंत का।।   कङकङाती-ठण्ड का भी अंत जैसे हो गया। कुदरत का श्रृंगार करता आया मौसम बसंत का।।   रंग-बिरंगे फूलों के संग रंग-बिरंगी तितलियां। भ्रमर कलियों पर मंडराता आया मौसम बसंत का।।…

  • देख रहे सब चीरहरण

     देख रहे सब चीरहरण     बैठे धृष्टराज की अंधी सभा में  देख रहे सब चीरहरण , कुछ लगाते ठहाका  ,  द्रोणाचार्य ,विदुर ज्ञानी हैं बैठे मौन , बोल न पाता है कोई न्याय वहां?    दुष्शासन के दुस्साहस को दे रहे ताल वहां, द्रोपदी भरी सभा में मांग रही  इज्जत की भीख वहां?  सुन…

  • ग़म के साये में पल रही दिल्ली

    ग़म के साये में पल रही दिल्ली   ग़म के साये में पल रही दिल्ली हाल पे अपनें रो उठी दिल्ली   हर तरफ़ देखो आग के शोले है दुश्मन से कब  सुरक्षित रही दिल्ली   प्यार की बारिशें नही होती नफ़रतों में हर पल  जली दिल्ली   क्या ख़ुशी से अब मुस्कुरायेगी हर चेहरे…

  • घूंघट

    घूंघट सतरंगी रश्मियों सा आकाश होगा। घूंघट का पट खुलेगा तो प्रकाश होगा।। मीन जल के बीच करत कलोल जो है, नैन के गोलक अमोलक लोल जो हैं, कनक कामिनि अचिद मिथ्याभास होगा।। घूंघट ० सप्तफेरी हुयी तब घूंघट मिली है, कितने झंझावात आये न हिली है, घूंघट के पट झीन न कर नाश होगा।।…

  • बड़े मामले में विफल होती सीबीआई!

    बड़े मामले में विफल होती सीबीआई! ****** हाईप्रोफाइल मामलों में विफल होती सीबीआई, यह बात कुछ हजम नहीं होती भाई ! बोफोर्स तोप घोटाला, 2 जी स्पेक्ट्रम घोटाला। कर्नाटक खनन घोटाला- जिसमें मुख्यमंत्री येदियुरप्पा थे अभियुक्त, या आरूषि हत्याकांड जिसमें सीबीआई थी नियुक्त; जांच नहीं कर पायी युक्तियुक्त। मस्जिद ढ़ांचा विध्वंस मामले में भी- सीबीआई…

  • मौसम गर्मी का

    ?मौसम गर्मी का ?   अब तो तैयारी कर लो मौसम है आया गर्मी का। देखो त्याग कर दिया है इस धूप ने भी नर्मी का।।   कहां बूंद शबनमी के वो मंज़र सुहाने कोहरे के! ना ही सर्द वो हवाएं ना नामो-निशां नमी का।।   मंजर हुए सुनहरे खेतों तालाबों झील के। ज्यूं श्रृंगार…

  • बाइज्जत बरी | Kavita Baijjat Bari

    बाइज्जत बरी ! ( Baijjat bari ) बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में, सीबीआई की विशेष अदालत ने- फैसला दिया है; सभी 32 आरोपियों को बरी किया है। आडवाणी , जोशी साफ बच गए? इनके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिला- जज साहब कह गए! तो सवाल है मस्जिद तोड़ी किसने? क्या भूत पिसाच या भूकंप ने…

  • ठंड का कहर | Thand par Kavita

    ठंड का कहर ( Thand ka kahar )    देखो  ठंड  ढा  रही  है  कहर  सर्दी  की। चीर  रही  तन  को  शीत-लहर  सर्दी  की।।   कभी   ऐसा  बेरहम  मौसम  नहीं  देखा। मार  डालेगी  ये  शामो-सहर  सर्दी की।।   ठंड से  बेहाल है  शहर, कस्बे, गांव  सब। बर्फ-बारी  पहाङो  पर  है  गदर  सर्दी  की।।   कोहरे …

  • गुल्ली डंडा देखो गांव में | Poem on Gulli Danda

     गुल्ली डंडा देखो गांव में ! ( Gulli Danda dekho gaon mein )     चल रहा है खेल गुल्ली डंडा देखो गांव में ! शहर से चल देखने को तू गुल्ली डंडा गांव में   आ गया है याद दिल को अपना बचपन दोस्तो देखकर के गुल्ली डंडा बच्चों का ही गांव में  …

  • बरखा | Barakha par Kavita

    बरखा ( Barakha )   छम-छम करती आ पहुंची, फुहार बरखा की। कितनी प्यारी लगती है, झंकार बरखा की।।   हल्की-फुल्की धूप के मंजर थे यहां कल तलक। टपा-टप पङी बूंदे बेशुमार बरखा की।।   पानी का गहना पहने है , खेत, पर्वत, रास्ते। करके श्रृंगार छाई है , बहार बरखा की।।   झींगुर, मोर,…