बाइज्जत बरी !

बाइज्जत बरी | Kavita Baijjat Bari

बाइज्जत बरी !

( Baijjat bari )

बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में,
सीबीआई की विशेष अदालत ने-
फैसला दिया है;
सभी 32 आरोपियों को बरी किया है।
आडवाणी , जोशी साफ बच गए?
इनके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिला-
जज साहब कह गए!
तो सवाल है मस्जिद तोड़ी किसने?
क्या भूत पिसाच या भूकंप ने थी गिराई!
सीबीआई जांच ही क्या कर क्या पाई?
28 साल की कड़ी मेहनत से जो उसने साक्ष्य जुटाई!
कोर्ट में पल भर न टिक पाई;
यह तो बहुत कुछ कहती है भाई।
सबूतों के आधार पर-
कोर्ट फैसला साफ करता है,
आरोपितों को एक लाईन से बरी करता है।
इस फैसले से कुछ निकल नहीं पाता है,
मामला जहां का तहां रह जाता है।
कोर्ट ने कहा आरोपियों ने साजिश नहीं की,
उल्टे बचाने की कोशिश थी की !
तो तोड़ने वाले हैं कौन ?
गुंबद पर लिए हथौड़े चढ़े हैं कौन ?
इन सबके सबूत ही हैं गौण।
सीबीआई ने जो साक्ष्य किए थे पेश,
उनमें निकले हजारों छेद।
वीडियो कैसेट को सबूत नहीं माना जाता,
अखबारों के कटिंग में डेट नहीं था डाला!
फोटो थे तो निगेटिव नहीं थे,
क्या इसी कार्य में 28 वर्ष लगे थे?
एक चींटी को भी सजा नहीं हो पाई,
लगता है भूकंप ने ही मस्जिद थी गिराई।
जो ‘एक्ट आॅफ गाॅड’ में आएगा!
फिर कोई कैसे दोषी हो जाएगा?
अब मामला उच्च न्यायालय में जाएगा,
वहां भी दस साल तो लग ही जाएगा!
फिर कुछ इसी तरह का फैसला आएगा।
जिसको मामले में नहीं हुआ न्याय-
समझ आएगा-
वह फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया !
मामला चलते फैसला आते सदी बीत जाएगा,
तब तक सभी मुद्दयी मुदालय स्वभाविक मौत ही मर जाएगा!
उम्र हो गई है,
सभी आरोपी वयोवृद्ध ही हैं।
तब कोर्ट का फैसला आकर ही क्या कर जाएगा???
जब आरोपित दुनिया में ही नहीं रह जाएगा!

 

नवाब मंजूर

लेखकमो.मंजूर आलम उर्फ नवाब मंजूर

सलेमपुर, छपरा, बिहार ।

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संसार | Sansar par Kavita

 

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