• मेरा घर मर रहा है

    ये है वह दरवाजा जो कि माँ और बाबूजी के हाथों सैकड़ो बार खुला बन्द हुआ.. ये जो रंग लगा है न यह मेरे हाथों से ही लगा हुआ है.. एक कमरे का घर था वो। छोटा सा कमरा मगर बहुत बड़े मन के माता पिता और बहुत प्यारे प्यारे भाई बहनों की शरारतों ओर…

  • सुनो तो | Suno to

    सुनो तो आज आ रही है हिचकियां सुबह से न जाने क्यों,कल से ही दोनों नयन फड़क रहे हैं न जाने क्यों।दोनों नयन फड़कता है समझ में नहीं आता मेरे,मन मेरा कह रहा है वह आएगी न जाने क्यों।। दब गई है चिट्टियां मोबाइल के इस दौर में,प्यार भी तो घट गया मोबाइल के इस…

  • देखते है | Dekhte Hain

    ( ऐसे तो कितने ही सारे अतुल सुभाष है जिन्हें कोई जानते नहीं है, उनमें से कुछ दुनिया में आज भी मौजूद है कुछ इस दुनिया से जा चुके हैं!! ) देखते है देखते है अब कौन हो हल्ला करेगा।देखते है अब कौन कैंडल जलाएगा। निर्दोष पुरुष बेमौत मरा है यह देखो,कौन जो खिलाफ आवाज़…

  • यहाँ चंचल नयन वाली कहाँ है

    यहाँ चंचल नयन वाली कहाँ है दिखाओ वह घटा काली कहाँ हैयहाँ चंचल नयन वाली कहाँ है जुबाँ उसकी सुनों काली कहाँ हैदरख्तों की झुकी डाली कहाँ है गुजारा किस तरह हो आदमी काजमीं पर अब जगह खाली कहाँ है जिसे हम चाहते दिल जान से अबहमारी वो हँसी साली कहाँ है मिलन अब हो…

  • बदलने से | Badalne se

    बदलने से हमको परहेज़ है साहब कहाँ बदलने से।कुछ न बदलेगा मगर बस यहाँ बदलने से। बात कोई नहींं करता वहाँ बदलने कीहम बदल सकते हैं सचमुच जहाँ बदलने से। न दिल, न जज़्बा, न लहजा, न नज़रिया, न नज़रकुछ बदलता नहीं है चेहरा बदलने से। सर झुकाने के तरीके के सिवा क्या बदलादिल बदलता…

  • शारदे मां का वंदन

    शारदे मां का वंदन ज्ञान की देवी मातु शारदे, मां मैं तुझको प्रणाम करूं,निशदिन तुझे प्रणाम करूं,तेरे चरणों में मैं शीश धरुं।जग का भाग्य बनाने वाली मां,मेरा भी जग नाम करो,इतनी बुद्धि दे देना मां शारदे,आठों पहर तेर नाम धरूं।। मां मेरी अभिलाष यही,जग में ज्ञान की ज्योति जगाऊं मैं,तेरे आशीर्वाद से मां बस जग…

  • घर आबाद रखना | Ghar Aabaad Rakhna

    घर आबाद रखना मुसलसल दिल को अपने शाद रखनामेरी यादों से घर आबाद रखना गुज़ारी है ग़मों में यूँ भी हँसकरमुझे है प्यार की मरजाद रखना मिलेंगे हम ख़ुशी से फिर यहीं परलबों पर बस यही फ़रियाद रखना वफ़ा के फूल ख़ुद खिलते रहेंगेसदा देते इन्हें तुम खाद रखना बहारें दे रहीं हैं दस्तकें फिरसनम…

  • जागो! मेरे देश के युवा

    जागो! मेरे देश के युवा आओ! हम रचे नवगीत।रचे ऐसा नवगीत, शत्रु भी बन जाए मीत॥ साधु बन घूमते रावणकरने सीता का वरण।आए दिन अब हो रहा,द्रोपदी का चीर-हरण॥करे पापियों का अब नाश, हो अच्छाई की जीत।रचे ऐसा नवगीत, शत्रु भी बन जाए मीत॥ छलावी चालें चल रहेकपटी-काले मन।नित झूठे लूट रहेंसच्चाई का धन॥बन पार्थ…

  • हौसला मेरा अभी है बुलंद

    हौसला मेरा अभी है बुलंद मंजिल को पाना मेरी है पसंदहौसला मेरा अभी है बुलंदमेरा हौसला ही है मेरी मंजिलदुश्मन भी मेरा मुझे क्या मात देमेरे साथ है ईश्वर सदा मेरा साथ देरब साथ है परेशान मेरा क़ातिलभुजाओं में मेरी अब भी जोश हैअभी खोया नहीं मुझे होश हैरखुगां सदा अपना होश राह जटिलसत्य की…

  • बताया गया है

    बताया गया है कि बारिश की तबाही से सौ मरे बताई जाती रही है इसी तरह चीख के गुबार में गायब होती जाड़े और लू से मरने वालों की संख्याएँ। मालिकों ने बताया दासों की मौत के बारे में विषाक्त भोजन खाने वा मिलावटी शराब पीने से मरे। हंटरों-जूतों-लातों और बलात्कारों के बारे में कोई…