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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • चीख
    कविताएँ

    चीख | Cheekh par kavita

    ByAdmin September 24, 2020December 4, 2022

    चीख ( Cheekh )    चीरती नीले गगन को हृदय विदारक चीख सी है। ले लिया सब कुछ हमारा देता हमको भीख सी है।‌।   छोड़कर घर द्वार तेरे पास आयी यहां मैं, सगे सम्बन्धी सब छूटे अब बता जाऊं कहां मैं‌, दो रोटी के बदले देता लम्बी लम्बी सीख सी है।।ले लिया ०  …

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  • खो गया कहीं 
    शेरो-शायरी

    खो गया कहीं | Ghazal kho gaya kahin

    ByAdmin September 24, 2020December 1, 2022

    खो गया कहीं  ( Kho gaya kahin )    खो गया कहीं खुशियों का ही रास्ता मेरा जीस्त का सफ़र ये कुछ ऐसा कटा मेरा   कर यकीन मैं तुझसे ही वफ़ा निभाऊंगा दिल कभी न होगा ये यार बेवफ़ा मेरा   जंग जीत लूंगा मैं तो कभी मुहब्बत की दिल का ही कभी टूटेगा…

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  • आसमाँ को वही चूम पाया कभी
    शेरो-शायरी

    आसमाँ को वही चूम पाया कभी | Hausala shayari

    ByAdmin September 23, 2020December 1, 2022

    आसमाँ को वही चूम पाया कभी   आसमाँ को वही चूम पाया कभी। पांव पीछे न जिसने हटाया कभी।।   आज ऐसा ज़माने में कोई नहीं। बौझ ग़म का न जिसने उठाया कभी।।   चैन से रह ना पाया ज़माने में वो। दिल किसी भी बशर का दुखाया कभी।   वो खुशी भी उसे दिल…

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  • बावफ़ा मिलता नहीं
    शेरो-शायरी

    बावफ़ा मिलता नहीं | Bawafa shayari

    ByAdmin September 23, 2020December 1, 2022

    बावफ़ा मिलता नहीं ( Bawafa milta nahin )    इस नगर में ही कोई भी बावफ़ा मिलता नहीं हम सफ़र कोई भी ऐसा आशना मिलता नहीं   हर तरफ अब तो दिलों में नफ़रतें पल रही आदमी में देखिए अब देवता मिलता नहीं   उम्रभर ये जिंदगी मैं नाम कर दूं आपके प्यार का ही…

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  • छपरा में का # बा# ?
    व्यंग्य

    छपरा में का बा | Bhojpuri Vyang Geet

    ByAdmin September 23, 2020November 24, 2022

    छपरा में का बा ?  ( Chapra me ka ba ) तीन तीन गो बावे नदिया- बावे तीन तीन गो कारखाना! फिर भी भैय्या लड़िकन के नइखे- कवनो रोजगार के ठिकाना। कारखाना बा# त# का# ह#? उ नइखे कवनो काम के, सब कर्मचारी बाड़न ओहमें – दोसरे दोसरे धाम के। का# बा# ! छपरा में…

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  • ये शोखियां ये अदाएं
    शेरो-शायरी

    ये शोखियां ये अदाएं | Shokhi shayari

    ByAdmin September 23, 2020November 24, 2022

    ये शोखियां ये अदाएं ( Ye shokhiyan ye adayein )      ये शोखियां ये अदाएं जवां रहे यूं सदा। मदमस्त तेरी निगाहें जवां रहे यूं सदा।।   हुश्नो-जमाल देखकर जो ठिठक जाते अक्सर। जवां दिलों की वो आंहें जवां रहें यूं सदा।।   आतुर रहे अपनी आगोश में लेने के लिए । वो तेरी…

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  • चुनाव आइल बा! ( भोजपुरी गीत)
    कविताएँ

    चुनाव आइल बा | Chunav Par Bhojpuri Geet

    ByAdmin September 23, 2020November 21, 2022

    चुनाव आइल बा ( Chunav aail ba )  आइल चुनाव बा… नेता घुमेलें, भर भर के गड़िया हो.. भर भर के गड़िया! सांझ सबेरे दुपहरिया!! नेता जी, नेता जी आवेले, हमके लुभावेलें। कह कह के बतिया हो, दीहें रोजगार आउर करीहें विकास हो। पूरा हो जाइ अबकी सभन के आस हो, लाचारी भटकी अब कबो#ना…

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  • दोस्त आ शहर से अब चले गांव में
    शेरो-शायरी

    दोस्त आ शहर से अब चले गांव में | Gaon par shayari

    ByAdmin September 23, 2020November 21, 2022

    दोस्त आ शहर से अब चले गांव में ( Dost aa shahar se ab chale gaon mein )      दोस्त आ शहर से अब चले गांव में साथ अपनों के जाकर रहे गांव में   नफ़रतें है यहां शहर में हर तरफ़ प्यार से लोग देखो भरे गांव में   कौन है इस नगर…

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  • शरद वेदना (ककहरा)
    कविताएँ

    शरद वेदना (ककहरा) | Kahkara sharad vedna

    ByAdmin September 23, 2020November 20, 2022

    शरद वेदना (ककहरा) ( Sharad Vedna – Kahkara )    कंगरी सगरी लघु नीर भई बदरी छतरी बनि धावत है।   खटिया मचिया सब ढील भये हथिया बजरी पसरावत है।   गरवा हरवा जस बंध लगे बिछुवा पग चाल बढ़ावत है।   घुंघटा लटका छटका न टिका पवना सर से सरकावत है।।   चमकी चमके…

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  • कौन समझे यहां पर जुबां प्यार की।
    शेरो-शायरी

    कौन समझे यहां पर जुबां प्यार की | Zuban pyar ki shayari

    ByAdmin September 23, 2020November 20, 2022

    कौन समझे यहां पर जुबां प्यार की ( Kaun samjhe yahan par zuban pyar ki )    कौन समझे यहां पर जुबां प्यार की। रौनकें खो गई सारी गुलजार की।।   हर तरफ तल्खियों का है मौसम सदा। छा रही है बहारें यहां ख़ार की।।   छल-कपट से भरा हर बशर है यहां। बात सारे…

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