Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • बंदर मामा
    व्यंग्य

    बंदर मामा | Poem bandar mama

    ByAdmin August 30, 2020August 8, 2022

    बंदर मामा ( Bandar mama ) ***** बंदर मामा बंदर मामा, कब तक पहनोगे पैजामा? बचपन से पढ़ते आए हैं, रट रट किस्से सुनाए है। अब तुम भी बदलो अपना जामा, बंदर मामा बंदर मामा। जिंस टाॅप सिलवाओ, एक मोबाइल खरीद लाओ। इंटरनेट कनेक्शन पाकर- दिन-रात उसे चलाओ, अब झट से तुम भी , स्मार्ट…

    Read More बंदर मामा | Poem bandar mamaContinue

  • बेटी को न परेशान करो 
    शेरो-शायरी

    बेटी को न परेशान करो | Poem on beti

    ByAdmin August 30, 2020August 8, 2022

    बेटी को न परेशान करो  ( Beti ko na pareshan karo )     बेटी को न परेशान करो हर नारी का सम्मान करो   पढ़ने दो है जान वतन की शिक्षा से न उसको वीरान करो   दादी है नानी है मां है हां नारी का सम्मान करो   उल्फ़त से सीचो धरती मां…

    Read More बेटी को न परेशान करो | Poem on betiContinue

  • अज़ान
    कविताएँ

    अज़ान | Poem on Azaan in Hindi

    ByAdmin August 30, 2020August 8, 2022

    अज़ान ( Azaan ) *****   मोमिनों की शान खुदा का फरमान बुलावे की कलाम होती पांच वक्त अज़ान। जब हो जाए नमाज़-ए-वक्त, मुअज्जिन लगाते- आवाज़ -ए- हक़। सुन नमाज़ी दौड़ पड़ते- मस्जिदों की ओर, कुछ नहीं भी पढ़ते दिखाकर अपनी बीमारी कामों की फेहरिस्त और व्यस्तताओं का हवाला दे करते हैं इग्नोर । अभी…

    Read More अज़ान | Poem on Azaan in HindiContinue

  • सुण पागली
    कविताएँ

    सुण पगली | Poem soon pagli

    ByAdmin August 30, 2020August 8, 2022

    सुण पगली ( Soon pagli )     सुण पागली…..! तनै तो कुछेक दिनां म्हे ही मेरा क़रार लूट लिया तेरी नजरां नै मेरा चैन छीन लिया तेरी मीठी मीठी बातां नै मेरे दिल का सुकून ले लिया……..   तनै तो इसकी ख़बर भी कोन्या पागल कि मैं तनै अपणा ईब मानण लाग गया……….! तनै…

    Read More सुण पगली | Poem soon pagliContinue

  • ऐसा जहां में देखो हुस्ने शबाब उतरा
    शेरो-शायरी

    ऐसा जहां में देखो हुस्ने शबाब उतरा | Ghazal India

    ByAdmin August 29, 2020August 8, 2022

    ऐसा जहां में देखो हुस्ने शबाब उतरा ( Aisa jahan mein dekho husne shabab utra )   ऐसा जहां में देखो हुस्ने शबाब उतरा जैसे जमीं पे ए यारों आफ़ताब उतरा   जिसकी महक ने ही दीवाना बना दिया है दिल में मगर ऐसा वो मेरे गुलाब उतरा   उल्फ़त फ़ना दिलों से अब हो…

    Read More ऐसा जहां में देखो हुस्ने शबाब उतरा | Ghazal IndiaContinue

  • दी ग्रेट कपिल शर्मा
    कविताएँ

    दी ग्रेट कपिल शर्मा | Kapil Sharma par kavita

    ByAdmin August 29, 2020August 8, 2022

    दी ग्रेट कपिल शर्मा ( The great Kapil Sharma )   –> कपिल कपिल नहीं, हंसी का फब्बारा है |?| 1.दी कपिल शर्मा टी.वी.शो, लाफिंग गैस का गुब्बारा है | आता शनि रविबार रात सोनी पर, ठहाकों का फब्बारा है | हंसना-हांसना खुशियाँ फैलाना, सोनी टी.वी.की पहचान है | कपिल कपिल नहीं रहा अब, करोडों…

    Read More दी ग्रेट कपिल शर्मा | Kapil Sharma par kavitaContinue

  • था वो हुस्नो  शबाब से पानी
    शेरो-शायरी

    था वो हुस्नो शबाब से पानी | New ghazal

    ByAdmin August 29, 2020August 7, 2022

    था वो हुस्नो शबाब से पानी   था वो हुस्ने  शबाब से पानी ख़ूब महका गुलाब से पानी   उतरेगा प्यार का नशा कैसे पी न ऐसे शराब से पानी   लें आया वो शराब पीने को जब मांगा है ज़नाब से पानी   रो पड़ा कोई शब्द यादों का यार छलका किताब से पानी…

    Read More था वो हुस्नो शबाब से पानी | New ghazalContinue

  • शिंजो अबे का इस्तीफा
    कविताएँ

    शिंजो अबे का इस्तीफा

    ByAdmin August 29, 2020August 7, 2022

    शिंजो अबे का इस्तीफा *****   कोरोना के बीच जापानी प्रधानमंत्री ने इस्तीफे की घोषणा की है, सुन जापानियों में एक हलचल सी मची है। शेयर बाजार धराशाई हो गया, एक स्थिर सरकार का यूं विदाई हो गया। महामारी के बीच नया संकट पैदा हुआ है अभी आबे का कार्यकाल, एक वर्ष बचा हुआ है।…

    Read More शिंजो अबे का इस्तीफाContinue

  • याद आज़म को बहुत ही आ रही है आपकी
    शेरो-शायरी

    याद आज़म को बहुत ही आ रही है आपकी | Ghazal yaad aap ki

    ByAdmin August 29, 2020August 7, 2022

    याद आज़म को बहुत ही आ रही है आपकी ( Yaad azam ko bahut hi aa rahi hai aapki )     याद आज़म को बहुत ही आ रही है आपकी ज़िन्दगी में रोज़ ही लगती  कमी है आपकी   इसलिये तो हम चले आये नगर मिलने तुम्हें की ख़बर कुछ भी नहीं हमदम मिली…

    Read More याद आज़म को बहुत ही आ रही है आपकी | Ghazal yaad aap kiContinue

  • आओ पेड़ लगाएं हम
    कविताएँ

    आओ पेड़ लगाएं हम | Paryawaran par kavita

    ByAdmin August 28, 2020August 7, 2022

    आओ पेड़ लगाएं हम ***** आओ पेड़ लगाएं हम, चहुंओर दिखे वन ही वन। निखर जाए वातावरण, स्वच्छ हो जाए पर्यावरण। बहें नदियां निर्मल कल-कल, बेहतर हो जाए वायुमंडल। नाचे मयूर होकर मगन, झूमे धरती और गगन। मंद मंद बहे मदमस्त पवन, शतायु हो जाए मानव जीवन। बगिया महके बचपन चहके, खिला खिला रूप यौवन…

    Read More आओ पेड़ लगाएं हम | Paryawaran par kavitaContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 807 808 809 810 811 … 832 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search