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TheSahitya – द साहित्य
  • घुंघराले बालों वाले शर्मीले लड़के की प्रेमकहानी, उसी की जुबानी---
    कहानियां

    एक लड़की को देखा तो | Prem kahani

    ByAdmin January 9, 2020November 7, 2021

    एक लड़की को देखा तो… (Ek ladki ko dekha to : Prem kahani )   13 जुलाई 2013 (जब मैंने पहली बार उसे देखा) मैं अपने घर पर था।मैं काफी समय बाद बेंगलुरु से घर आया था ।मैंने आपको बताया या नही मैं बेंगलुरु में जॉब करता हूँ और एक सॉफ्टवेयर कम्पनी(Virgosys software private ltd.) …

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  • बेजुबान की आवाज़
    कविताएँ

    बेजुबान की आवाज़ | Kavita

    ByAdmin January 8, 2020November 7, 2021

    बेजुबान की आवाज़ ( Bezubaan ki awaz )   महाकाल तेरे इश्क़ में, चूर हो गया। ये लिखने पर, मजबूर हो गया। मैं नहीं था बुरा, मुझे तुमने बनाया है। इसलिए मैने भी, ये गाना रचाया है।। समझते क्या है तू, अपने आप को। मैने भी तेरे जैसों, को सिखाया है।। मैं महाकाल का लाल…

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  • मुझे उड़ने दो
    कविताएँ

    मुझे उड़ने दो | Women’s day special kavita

    ByAdmin January 8, 2020November 7, 2021

    मुझे उड़ने दो ( Mujhe udne do : Hindi poem )   मैं तितली हूं.. मुझे उड़ने दो ।  मुझे मत रोको, मुझे मत टोको,  मुझे नील गगन  की सैर करने दो ।। मेरे पंखों को मत कतरो, मेरे हौसलों को मत तोड़ो,  मेरी ख्वाहिशों को हौसला दो  मुझे ऊंचाइयों को छूने दो ।  मैं…

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  • इंसान बनो | Insan bano kavita
    कविताएँ

    इंसान बनो | Insan bano kavita

    ByAdmin January 7, 2020November 7, 2021

    इंसान बनो ( Insan Bano : Kavita )   ये हर तरफ क्या हो गया है, क्यों हर जगह उदासी का मंजर है । लोग छोटी-छोटी बातों पर, क्यों बेवजह लड रहे हैं, हर तरफ द्वेष नफरत ही, क्यों पल रही, बढ़ रही है ।। कहीं रिश्ते में दूरियां आ रही; तो कहीं इंसानियत मर…

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  • प्रकृति से खिलवाड़ मत करो | Poem on prakriti
    कविताएँ

    प्रकृति से खिलवाड़ मत करो | Poem on prakriti

    ByAdmin January 7, 2020September 22, 2021

    प्रकृति से खिलवाड़ मत करो ( Prakriti se khilwar mat karo )   १) प्रकृति से खिलवाड़ मत करो, कुछ सोचो अत्याचार न करो प्रकृति है तो हमारा जीवन है, वरना कुछ भी नहीं I   २) साँस ले तो प्रकृति देती है , साँस दे तो प्रकृति लेती है न होती प्रकृति तो सांसों…

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  • मेरी इच्छा
    कविताएँ

    Hindi kavita : मेरी इच्छा

    ByAdmin January 7, 2020September 21, 2021

    मेरी इच्छा ( Meri ichha : Kavita )    काश हवा में हम भी उड़ते तितलियों से बातें करते नील गगन की सैर करते अपने सपने को सच करते बादलों को हम छू लेते चाँद पर पिकनिक मनाते  मनचाही मंजिल हम पाते पेड़ो पर झट चढ़ कर हम जंगली जानवरों से बातें करते पंछियों से…

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