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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • हम जीतेंगे...हम जरूर जीतेंगे
    विवेचना

    हम जीतेंगे | Hum jeetenge

    ByAdmin March 25, 2020October 25, 2022

    अंततः अगले 21 दिनों (14 Apr ) तक पूरे देश मे लॉकडाउन (एक तरह से कर्फ्यू) लगा दिया गया।इस महामारी को देखते हुए सरकार का यह कदम स्वागतयोग्य है। अगले 21 दिनों तक निश्चित ही हम लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा लेकिन यह देश के लिए, हमारे लिए बहुत जरूरी है। मैं सोचता…

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  • अगर हिंदी का परचम दुनिया में लहराएगा, तभी तो भारत विश्व गुरु कहलायेगा
    निबंध

    हिंदी भाषा और मैं

    ByAdmin March 23, 2020November 10, 2021

    हिंदी भाषा और मैं , एक बहोत ही अच्छा शीर्षक है। विभिन्न लेखक इसको अपने-अपने विचारों के अनुसार विश्लेषित करेंगे किन्तु मेरे बिचारों का आधार इस शीर्षक के लिए राष्ट्रप्रेम तथा हिंदी भाषा के प्रति प्रेम है । अर्थात इस शीर्षक में दिए मैं को किसी एक बयक्ति से संभंधित न करते हुए, मैं इसे…

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  • कोरोना का रोना है ,हाँ हाँ कार मची है दुनियां मे
    कविताएँ

    कोरोना का रोना | Corona ke upar kavita

    ByAdmin March 21, 2020November 10, 2021

    कोरोना का रोना ( Corona ka rona ) –> कोरोना का रोना है , हाँ हाँ कार मची है दुनियां मे || 1.कोरोना वायरस फैल रहा,जाने कैसी बीमारी है | रोका नहीं गया इसको तो,आगे चल के महामारी है | इसके बारे मे कुछ पता नहीं,अभी ये बन्द अलमारी है | हमको ही मिलकर लडना…

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  • हम भी हैं इसी मुल्क के
    कविताएँ

    हम भी हैं इसी मुल्क के | Poem on communalism in Hindi

    ByAdmin March 21, 2020November 10, 2021

    हम भी हैं इसी मुल्क के ( Ham bhi hain isi mulk ke )     हम भी हैं इसी मुल्क के,  गद्दार नहीं है । मजहब ये मुसलमान सितमगर नहीं है ।   अपने लहू का कतरा भी कुर्बान करें हम कहते हो हमको हम वफादार नहीं हैं   हम भी हैं इसी मुल्क…

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  • ये वादे तो रोज करते हैं, मगर फिर भूल जाते हैं ।
    शेरो-शायरी

    आजकल के नेता | Political shayari

    ByAdmin March 20, 2020November 9, 2021

    आजकल के नेता ( Aajkal ke neta )   ये वादे तो रोज करते हैं, मगर फिर भूल जाते हैं ।    ये ऐसे दोस्त हैं जो पीठ पर खंजर चुभाते हैं !   करेंगे  सब  की  सेवा देश को आगे बढ़ाएंगे,   इलेक्शन जीतने के बाद ये  सब  भूल  जाते  हैं   हमीं वादों…

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  • हिंदी सिनेमा के शुरुआती दौर की अभिनेत्रियां और उनकी संघर्ष गाथा
    सिनेमा

    हिंदी सिनेमा के शुरुआती दौर की अभिनेत्रियां और उनकी संघर्ष गाथा

    ByAdmin March 15, 2020January 4, 2021

    भारत के हिंदी सिनेमा को बॉलीवुड के नाम से बुलाते हैं । बॉलीवुड को पॉपुलर बनाने और यहाँ तक पहुचाने में महिलाओं का भी काफी योगदान रहा है । उस समय महिलाएं सामाजिक बंधनों को तोड़कर हिंदी सिनेमा में और इस मुकाम पर पहुचाया । अगर वो आगे उस वक्त न आती तो बॉलीवुड में…

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  • हिम्मत रख मुश्किलों का सामना करते जाओ
    कविताएँ

    हिम्मत रख मुश्किलों का सामना करते जाओ

    ByAdmin March 14, 2020January 4, 2021

    हिम्मत रख मुश्किलों का सामना करते जाओ   हिम्मत और हौसले के दम से कुछ भी मुमkकिन हो जाता है  जरूरत बस हिम्मत के साथ दो कदम बढ़ाने की होती है ।  मिलेगी असफलता राहों में, लेकिन डंटकर बने रहना है थोड़ा सा धैर्य रखते हुए, बस आगे कदम बढ़ाते जाना है। ये मुमकिन है…

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  • योग शक्ती
    कविताएँ

    योग शक्ती | Yoga kavita

    ByAdmin March 13, 2020November 11, 2021

     योग शक्ती  ( Yoga shakti )   –>योग रोग की,बिना नोट की, स्वस्थ शरीर की दबा अचूक || ==>>हिन्दुस्तान की देन दबा ये,राम-वाण सी चले अचूक ||   1. योग करो दुख दूर करो,बीमारियों को चूर करो | पेट रोग और मोटापे को,योगा से ही दूर करो | रक्त चाप,दिल का दौरा भी,योगा से कंट्रोल…

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  • बेटियां-दुर्भाग्य या सौभाग्य
    विवेचना

    बेटियां – दुर्भाग्य या सौभाग्य ???

    ByAdmin March 11, 2020January 4, 2021

    बेटियां – दुर्भाग्य या सौभाग्य ??? राजेश के जब दूसरी बेटी हुई वह उदास थे।वह रो रहे थे इसलिए नही कि उनके एक के बाद दूसरी भी बेटी ही हुई बल्कि इसलिए क्योंकि उनके पास उन्हें पालने-पोसने के लिए कुछ नही था। वह बेहद मुफ़लिसी के दौर से गुजर रहे थे..वक्त उनका चारो तरफ से…

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  • भारत की लचर ज्युडिशियल और पुलिसिंग
    विवेचना

    भारत की लचर ज्युडिशियल और पुलिसिंग

    ByAdmin March 10, 2020January 4, 2021

    हमारे देश के ज्युडिशियल और पुलिस व्यवस्था को लेकर हमेशा से सवाल उठते रहे हैं । वजह यह है कि कई बार देखा गया है कि गंभीर से गंभीर आरोप लगने के बाद भी आरोपियों को छोड़ दिया जाता है । चलिए जानते हैं भारत के सिस्टम के उन लूपहोल्स के बारे में जिसकी वजह…

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