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कर गया बात वो अजनबी की तरह | Kar gaya baat woh ajnabi ki tarah | Ghazal
ByAdminकर गया बात वो अजनबी की तरह ( Kar gaya baat woh ajnabi ki tarah ) कर गया बात वो अजनबी की तरह बन गया और वो अब सभी की तरह और वो कर रहा है दग़ा प्यार में अपना माना उसे जिंदगी की तरह दोस्ती में दरार फ़िर न आती मगर…

गोवर्धन गिरधारी | Govardhan Girdhari
ByAdminगोवर्धन गिरधारी ( Govardhan girdhari ) पूज रहा है आपको आज सारा-संसार, मौज और मस्ती संग मना रहा त्योंहार। कभी बनकर आये थें आप राम-श्याम, कई देत्य-दुष्टो का आपने किया संहार।। पहना रहे है आपको हम फूलो के हार, जीवन में भर दो हमारे खुशियां अपार। रघुकुल नंदन आप है गिरधारी गोपाल घर-घर में…

कृष्णा | Krishna par Kavita
ByAdminकृष्णा ( Krishna ) कारावास में जन्म लिए जो था उन्हीं का वंश कर्मों का फल भोगने को विवश था कृष्ण और कंश । बालापन में खूब खेलते करते थे खूब शरारत उम्र के साथ सीखाए करना रासलीला और महाभारत । राधा के पीछे खूब भागते वो था ना चरित्र हीन अदृश्य होकर लाज बचाए…

अधिकार | Chhand adhikar
ByAdminअधिकार ( Adhikar ) जलहरण घनाक्षरी अधिकार पहचानो, कर्तव्य को खुद जानो। परिवार में प्रेम का, करो मधुर संचार। प्रीत रंग झोली भरो, मतभेद मत करो। जीवन में उन्नति को, स्वप्न करें साकार। अपने अधिकारों की, धीरज धर्म नारों की। यश कीर्ति चहूंओर, बहाइये रसधार। मान सम्मान वैभव, मिलते जो अधिकार।…

किसान | Kisan par Kavita
ByAdminकिसान! ( Kisaan ) ( 3 ) हर तरफ होता किसान हि किसान है फिर भी किसान हि क्यों बेपहचान है गर्मी हो या ठंडी गुजर रही सब खेतों में हर मौसम में जूझ रहा वही नादान है दाना दाना चुगकर करता जीवन यापन तब हि हर महलों में पहुँच रहा राशन है जीवन प्यासा…

न्याय की पुकार
ByAdminन्याय की पुकार उपेक्षित को आज तक न्याय नहीं मिला,अपेक्षित को आज तक न्याय नहीं मिला। सालों से होते ज़ुल्मो सितम ग़रीबों से,ग़रीब को आज तक न्याय नहीं मिला। सुनते नहीं पुकार कानों में ठोंसा कपास,शोषित को आज तक न्याय नहीं मिला। बहिन बेटियों से होते बलात्कार सरे आम,अछूत को आज तक न्याय नहीं मिला।…

