Poem ghanta ghar ki char ghadi

घंटाघर की चार घड़ी | Poem ghanta ghar ki char ghadi

घंटाघर की चार घड़ी

( Ghanta ghar ki char ghadi )

 

घंटाघर की चार घड़ी,
चारो में जंजीर पड़ी।
जब वो घंटा बजता था,
रेल का बाबू हंसता था।।

 

हंसता था वो बेधड़क,
आगे देखो नई सड़क।
नई सड़क मे बोया बाजरा,
आगे देखो दिल्ली शाहदरा।।

 

दिल्ली शाहदरा में लग गई आग,
आगे देखो गाजियाबाद।
गाज़ियाबाद में ब्याही सूरी,
आगे देखो डासना मसूरी।।

 

डासना मसूरी में बहती नहर,
आगे देखो पिलखुवा शहर।
पिलखुवा शहर में पड़े थे झापड़,
आगे खाओ हापुड़ के पापड़।।

 

हापुड़ में हो गया था दंगा,
आगे देखो गढ़ की गंगा
गढ़ की गंगा में पड़ गया रोला,
आगे देखो शहर गजरौला।।

 

शहर गजरौला मे गधा खड़ा,
आगे देखो गाव पाक बडा।
पाक बड़े मे मिली न खाद
आगे देखो जिला मुरादाबाद।।

 

रचनाकार : आर के रस्तोगी

 गुरुग्राम ( हरियाणा )

यह भी पढ़ें :-

अभी दिल भरा नहीं | Poem abhi dil bhara nahin

 

Similar Posts

  • मुझे मिल गयी माँ

    मुझे मिल गयी माँ किसी को धरती मिली और,किसी को आकाश। मैं तो सबसे छोटा था तो, मुझे मिल गयी माँ। स्याह में भी टिमटिमाती, पूछती हर ख्वाब। शून्य में भी लग रहा था, पूरा था संसार। चमकता उज्जवल सा माथा, और चेहरा लाल। आंखों मे जितना ही ढूंढो, दिखता था बस प्यार। चेहरे की…

  • बादल कही से आओ ना

    बादल कही से आओ ना ( बाल गीत ) सूरज मामा आसमान परबढ़ती गर्मी तापमान परसुख गईं सब नदियां नालेदादी नहीं लेती एक निवाले यह गर्मी खूब सताती हैतन मन में आग लगाती हैपंखे के नीचे सोते हैंफिर भी गर्मी से रोते हैं गुनगुन कान्हा सोना प्यारेगिनते रहते जाग के तारेनारियल पानी खीरा ककड़ीकुछ नहीं…

  • नवरात्रि (दिकु के इंतज़ार में)

    नवरात्रि (दिकु के इंतज़ार में) तेरे चरणों में माँ, सारा जहाँ झुका है,तेरी ममता से जीवन, हर खुशी से भरा है।अब तेरे आशीर्वाद से, हर दुख दूर करा दे,और कुछ नहीं चाहिए माँ, मेरी बस यही बिगड़ी बना दे। नवरात्रि की हर रात, चलती है माँ तेरे नाम पर,दिकु का इंतजार है, इस दिल के…

  • हार कर हालात से न हार होना चाहिए | Veerta Par Kavita

    हार कर हालात से,न हार होना चाहिए ( Haar kar halat se,na haar hona chahiye )   हार कर हालात से,न हार होना चाहिए कंटकों से पथ भरा,स्वीकार होना चाहिए   क्या करेगी आंधियां,तुफान भी हो सामने हौंसिलों का वेग भर,उड़ान होना चाहिए   संधर्ष से जीवन भरा,हमको सिखाता है यही नाकाम गर हो कोशिशें,प्रयास…

  • चला जायेगा साल तेईस | Chala Jayega 2023

    चला जायेगा साल तेईस ( Chala Jayega 2023 )    चला जायेगा साल तेईस आ गया है दिसंबर दो बातें याद है मुझे एक आपकी शक्ल एक आपका नम्बर चला जायेगा साल तेईस कुछ नहीं हुआ ऐसे बीता जैसे और बीतते थे एक बदलाव आया है मुझे बाप जैसा दोस्त खोया है रविन्द्र गासो चला…

  • Kavita | प्यार

    प्यार  ( Pyar ) बड़ा-छोटा काला-गोरा मोटा-पतला अमीर-गरीब हर किसी को हो सकता है-किसी से प्यार , यह ना माने सरहदें, ना देखे दरो-दीवार, हसीं-बदसूरत,बुढ़ा-जवान,तंदरूस्त-बीमार, यहाँ सबके लिए खुले हैं – प्यार के किवार । मैं नहीं तुम नहीं आप नहीं हम नहीं एक है बंदा-संग लिए बैठा रिश्ते हज़ार, सिर्फ़ दिल की सुनो जब…

One Comment

Leave a Reply to Ram Krishan Rastogi Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *