Poem in Hindi on Dr. A.P.J. Abdul Kalam

महामहिम डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम | Poem in Hindi on Dr. A.P.J. Abdul Kalam

महामहिम डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम

( Mahamahim Dr. A.P.J. Abdul Kalam ) 

 

 

देश-विदेश और गाॅंव शहर मे बनाई ऐसी पहचान,

देश मे वैज्ञानिक अनुसंधानों मे आपका योगदान।

डाॅ. एपीजे अब्दुल कलाम आपको हमारा सलाम,

एक ग़रीब अल्प घर से शिक्षित होकर बनें महान।।

 

दुनिया देश से हासिल की उपलब्धियाॅं आपने ढ़ेर,

बनना चाहते थे पायलेट लेकिन बने हो कोहिनूर।

बुलॅंद हौंसला रखने वाले हेलिकॉप्टर किये तैयार,

मिसाइल‌ मैन के नाम से आप हुऍं है ऐसे मशहूर।।

 

बचपन से ही मेंहनती एवं चुस्ती फुर्ती थी भरमार,

अखबार लेकर बिक्री करते दौड़-दौड़कर वे रोड़।

पाॅंच भाई व पाॅंच बहिने बड़ा था जिनका परिवार,

वक्त पलटते देर ना लगती कई देखे इन्होंने मोड़।।

 

सर्वोच्च पदवी के ग्यारवें ये महामहिम कलाम रहे,

भारतीय मिसाइल प्रोग्राम के दुनिया जनक कहे।

युवाओं को सच्ची पूॅंजी माने सरल व्यक्तित्व वाले,

प्रथम वैज्ञानिक राष्ट्रपति व अविवाहित आप रहे।।

 

सर्वोच्च पुरस्कार अपने नाम किये ऐसे थे कलाम,

जैनुल्लाब्दीन नाविक पिता असिम्मा माॅं का नाम।

अदम्य साहस एवं प्रेरणादायक जिनके थे विचार,

पद्म-भूषण पद्मविभूषण व भारत रत्न किऍं नाम।‌।

 

 

रचनाकार : गणपत लाल उदय
अजमेर ( राजस्थान )

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