Poem in Hindi on nausena divas

नौसेना दिवस | Poem in Hindi on Nausena Divas

नौसेना दिवस !

( Nausena divas )

( 2 ) 

हिंद ह्रदय नित गर्वित,जांबाजों के शौर्य वंदन से

चार दिसंबर प्रेरणा पुंज,
सर्वत्र नौ सेना दिवस आह्लाद ।
नमन पाक युद्ध इकहत्तर उत्सर्ग,
अहम हिंद विजित संवाद ।
सप्तम सर्वश्रेष्ठ नौ सेना छवि,
परमता विजय भव मंत्र मंचन से ।
हिंद ह्रदय नित गर्वित,जांबाजों के शौर्य वंदन से ।।

तीन दिसंबर इकहत्तर पाक सेना,
भारत सीमा अकारण आक्रमण ।
रणनीतिक प्रत्युत्तर हिंद सेना,
धर ऑपरेशन ट्राइडेंट आवरण ।
सप्त दिन अनवरत संघर्ष,
अंत पाक फतह अभिनंदन से ।
हिंद ह्रदय नित गर्वित,जांबाजों के शौर्य वंदन से ।।

आई एन एस मिसाइल निरहाट,
वीर निपट शीर्ष योगदान ।
नेतृत्व एडमिरल एस एम नंदा,
अप्रतिम शूरता हिंदवी शान ।
अविस्मरणीय जीत राष्ट्र इतिहास,
वैश्विक छवि स्वर्णिम मंडन से ।
हिंद ह्रदय नित गर्वित,जांबाजों के शौर्य वंदन से ।

स्थापना कदम सत्रहवीं शताब्दी,
बिंब उन्नीस सौ चौंतीस रॉयल इंडियन ।
वर्तमान सामरिक श्रृंगार अनूप,
दक्षता तत्परता उपलब्धि उन्नयन ।
अनंत हार्दिक शुभकामनाएं नौ सेना,
उमंग उल्लास स्वाभिमान रक्षा स्पंदन से ।
हिंद ह्रदय नित गर्वित, जांबाजों के शौर्य वंदन से ।।

 

महेन्द्र कुमार

नवलगढ़ (राजस्थान)

 

( 1 ) 

नौसेना का गौरव हम गाएं रे! चलो झंडा फहरायें,

झंडा फहरायें और झंडा लहराएं,

माँ भारती की आरती उतारें रे! चलो झंडा फहरायें।

नौसेना का गौरव हम गाएं रे ! चलो झंडा फहरायें।

 

नेवी हमारी है प्राणों से प्यारी,

वीरता की सारी कहानी हमारी।

एक – एक करके बतायें रे! चलो, झंडा फहरायें।

नौसेना का गौरव हम गाएं रे! चलो झंडा फहरायें।

 

अमर शहीदों के पथ पे चलेंगे,

दुश्मन का सीना हम छलनी करेंगे।

इन लहरों का होंठ मुस्काये रे! चलो झंडा फहरायें।

नौसेना का गौरव हम गाएं रे! चलो झंडा फहरायें।

 

जागते रहेंगे, जगाते रहेंगे,

अरि के लहू से नहाते रहेंगे।

गुलशन की रौनक बढ़ायें रे! चलो झंडा फहरायें।

नौसेना का गौरव हम गाएं रे!चलो झंडा फहरायें।

 

हिन्द महासागर के हम रखवाले,

दुश्मन की लाशों पे हम चलनेवाले।

आन-बान-शान फिर दिखाएँ रे!चलो झंडा फहराये,

नौसेना का गौरव हम गाएं रे! चलो झंडा फहरायें।

 

 

रामकेश एम यादव (कवि, साहित्यकार)
( मुंबई )
यह भी पढ़ें:-

जिन्दगी का गुलिस्तां | Poem on zindagi in Hindi

Similar Posts

  • गांव री गुवाड़ आओ | राजस्थानी कविता

    गांव री गुवाड़ आओ ( राजस्थानी कविता )   गांव री गुवाड़ आओ, खेत हरसावै है। ठंडी ठंडी पून बहारां, गांव बुलावै है। काकड़ी मतीरा खाल्यो, चालो म्हारा खेत म। मीठी मीठी बातां करस्यां, ठंडी बालू रेत म। चौपालां अर पगडंडी, गीत सुरीला गावै है। गांव री महक माटी री, थानै गांव बुलावै है। हरया…

  • ढलने लगी धीरे-धीरे जवानी

    ढलने लगी धीरे-धीरे जवानी ढलने लगी धीरे-धीरे जवानीबदलने लगी धीरे-धीरे कहानीभरोसा दिलों का अब घटने लगापिघलने लगी धीरे-धीरे रवानी।। बुढ़ापा बदन पर छाने लगाचांद सा चेहरा मुरझाने लगाचेहरे पर दिखती नही कोई रौनकसचमुच बुढ़ापा अब आने लगा।। वो मौसम दिखे ना फिजाएं दिखेहरी भरी दिलकश हवाएं दिखेदिखता नहीं है जुनून दिल में कोईनजरों में अब…

  • मेरे भोले की महिमा | Poetry on Lord Shiva in Hindi

    मेरे भोले की महिमा ( Mere bhole ki mahima )   जो दाता हैं सब लोकों के, मैं क्या उनका गुणगान करूं। मैं तुच्छ जीव, में अभिमानी, मैं बस शिव का ही नाम जपूं। हे नीलकंठ ,हे विश्वेश्वर, तुम आदि ,अनंत अनंता हो। है आपसे ही सारी सृष्टि, प्रभू आप ही इसके रचयिता हो। हे…

  • मेरी प्रार्थना | Meri Prarthana

    प्रार्थना ( Prarthana )    पर्वत  घाटी  ऋतु  वसंत  में नभ थल जल में दिग्दिगंत में भक्ति  भाव  और अंतर्मन में सदा  निरंतर  आदि  अंत  में             युगों युगों तक तुम्हीं अजेय हो,           कण-कण में ही  तुम्हीं बसे हो।   सृष्टि  दृष्टि  हर  दिव्य  गुणों में स्वर  अक्षर  हर  शब्द धुनों में हम …

  • जीवन की शुरुआत | Jeevan ki Shuruaat

    जीवन की शुरुआत ( Jeevan ki Shuruaat ) हम हरदम ही हारे ज़माना हमेशा हमसे जीत गया, हार जीत के इस खेल को खेलते जीवन बीत गया, सारे दाव-ओ-पेंचों को समझने में उम्र निकल गया, खेल के इख़्तिताम पे तन्हा थे दूर हर मनमीत गया, रिश्तों की उलझी गिरहें सुलझाने में खुद यूँ टूट गए,…

  • चॉकलेट डे

    चॉकलेट डे तेरी यादों की मिठास से, हर लम्हा गुलजार है, तेरे बिना भी ये दिल तुझसे ही सरोकार है।हर एहसास, हर ख्वाब बस तुझसे है जुड़ा,जैसे चॉकलेट की खुशबू में लिपटा दिकुप्रेम का प्यार है। आज चॉकलेट डे पर तेरा एहसास पास लगे,तेरी मुस्कान ही मेरे प्यार की मिठास लगे।हर लफ़्ज़, हर धड़कन बस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *