Poem Motivational in Hindi

बाधाओं से डरता कौन है | Poem Motivational in Hindi

बाधाओं से डरता कौन है

( Badhaon se darta kon hai ) 

 

चाहे जितनी आंधी आए नभ, घनघोर घटाएं मेघ छाए।
कदम कदम तूफान आए, मुश्किलें जब घर कर जाए।
समस्या हल करता कौन है, बाधाओं से डरता कौन है।
हौसला जिसने है धारा, कह दो साहस भरता कौन है।
बाधाओं से डरता कौन है

जिसमें सीखा चलते जाना, आंधियों को मात खिलाना।
अपने दम पे बढ़ते जाना, व्योम तलक परचम लहराना।
श्रम साधक नित स्वेद बहाते, सर्दी गर्मी सहता कौन है।
हौसलों की जहां उड़ाने, शिखरों पर पग धरता कौन है।
बाधाओं से डरता कौन है

पर्वतों का सीना चीर दिखाते, सिंधु पार जो कर जाते।
महासमर में कूद पड़े जो, वीर शौर्य पराक्रम दिखलाते।
सिंह सूरमा जिधर निकले, बोलो हूंकार भरता कौन है।
देशभक्ति जज्बा दिखा, माटी का तिलक करता कौन है।
बाधाओं से डरता कौन है

 

कवि : रमाकांत सोनी

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

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