Poem phoolon se komal nari

फूलों सी कोमल नारी | Poem nari

फूलों सी कोमल नारी

( Phoolon se komal nari )

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की विशेष प्रस्तुति

 

 

सोनू!फूलों सी मासूम हो

फूलों में सिक्त शबनम की बूंदे हो

देखूँ तुम्हें जी भरके भी जी भरता नहीं

बस तेरी तस्वीरों को ही देखता रहता हूँ

 

 

पूरी कायनात जैसी हो तुम

तुम्हें देख खुदा भी रश्क करता होगा

ऐसी खूबसूरत सी कोई अप्सरा हो

बस तुम्हें ही निहारता रहता हूँ तस्वीरों में

 

 

चञ्चल हिरनी जैसी आँखे तुम्हारी

एक पूरी गजल की किताब लगती हो

झील से भी गहरी आँखों में डूब जाता हूँ

मानो सागर जैसी लहराती जीवन में छा जाती हो

 

 

गंगा जैसी पावन निर्मल भोलापन

झरनों की सी बलखाती बहती सी हो तुम

आंखों में ही दिल में बसी हसीन मुस्कान हो

लरजते हुए होंठो की सी महताब हो

 

 

नारी सौंदर्य में राधा सों सुन्दर हो

सरस्वती की साक्षात ज्ञान स्वरूपा हो

लब्जों में बयां नही हो सकती वो मिसाल हो तुम

रब में तुम जैसी कोई आफताब नहीं ऐसी हो तुम

 

🍂

कवि : राजेन्द्र कुमार पाण्डेय   “ राज 

प्राचार्य
सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय,
बागबाहरा, जिला-महासमुन्द ( छत्तीसगढ़ )
पिनकोड-496499

यह भी पढ़ें :- 

अमर प्रेम की अमर कहानी | Poem amar prem ki amar kahani

Similar Posts

  • ढलने लगी धीरे-धीरे जवानी

    ढलने लगी धीरे-धीरे जवानी ढलने लगी धीरे-धीरे जवानीबदलने लगी धीरे-धीरे कहानीभरोसा दिलों का अब घटने लगापिघलने लगी धीरे-धीरे रवानी।। बुढ़ापा बदन पर छाने लगाचांद सा चेहरा मुरझाने लगाचेहरे पर दिखती नही कोई रौनकसचमुच बुढ़ापा अब आने लगा।। वो मौसम दिखे ना फिजाएं दिखेहरी भरी दिलकश हवाएं दिखेदिखता नहीं है जुनून दिल में कोईनजरों में अब…

  • गाय | Gaay par Kavita

    गाय ( Gaay )    जहां नंदिनी वहां माधव को भी आना पड़ता है। गोमाता की रक्षा खातिर चक्र उठाना पड़ता है। धेनु भक्त ग्वालों की पीर दर्द हर जाना पड़ता है। खुशियों से झोली सबकी भर जाना पड़ता है। बजे चैन की मधुर मुरलिया गीत गाना पड़ता है। मुस्कानो के मोती मनमोहन बरसाना पड़ता…

  • आई लव यू | I Love You

    आई लव यू ( I love you )   आई लव यू के मर्म में, अपनत्व अमिय धार प्रेम जप तप लगन , तन मन मुदित भाव । निहार अक्स आकर्षण, जीवन सौम्य शीतल छांव । शब्द अर्थ अभिव्यंजना , हृदय श्रोत मधुरता अपार । आई लव यू के मर्म में,अपनत्व अमिय धार ।। अंतराल…

  • Poem On Time in Hindi | वक्त

    वक्त ( Waqt )  ( 2 )  वक्त सिखा हि देता है घरौंदे की कारीगरी झुक जाती है अकड़, भूल जाती है दादागिरी हो जाते हैं हौसले पस्त, रोज की बदनामी से टूट जाता है परिवार भी, रोज की मारामारी से उठता ही नहीं सर कभी, किसी भले के आगे पुरखे भी रहते सदमे में,…

  • मां पर कविता | Hindi me Maa par Kavita

      मां पर कविता ( Maa par kavita )    माता  सबकी जान है आन  बान  सम्मान है ईश्वर  सी   वरदान  है सारे गुण  की खान है और  कौन मां से बढ़कर है, जिसका हममें प्राण है। सबका पालनहार  है जीवन  तारणहार  है रग -रग की संचार है वर्षा  धूप   बयार  है झर झर झरते…

  • योग

    योग ( दोहा आधार छंदगीत ) श्वास और प्रश्वास से, समता भाव निखार।।योग मिलन है मुक्ति है, योग ही शाश्वत सार। समय निकालो योग का, करिए प्राणायाम।स्वस्थ्य शरीर रहे सदा, चित्त वृत्ति परिणाम।।ध्यान धारणा यम-नियम, आसन प्रत्याहार।योग मिलन है मुक्ति है, योग ही शाश्वत सार। चित्तवृत्ति को साधकर, स्थिर करता योग।आसन विविध प्रकार के, रखते…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *