प्यार की हाँ गुफ़्तगू दिल में हुई
प्यार की हाँ गुफ़्तगू दिल में हुई

प्यार की हाँ गुफ़्तगू दिल में हुई

 

 

प्यार की हाँ गुफ़्तगू दिल में हुई!

एक मेरे आरजू दिल में हुई

 

चैन दिल को एक पल भी तो नहीं

आशिक़ी जब से शुरु दिल में हुई

 

जो महके है प्यार बनके जीस्त में

पाने को ही उस गुलू दिल में हुई

 

और कोई  भी नहीं भाती सूरत

क़ैद जब से ही तू दिल में हुई

 

दोस्ती सच्ची नहीं आज़म मिली

की यहां हर जुस्तजू दिल में हुई

 

 

✏शायर: आज़म नैय्यर

(सहारनपुर )

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