सबको प्रेषित शुभकामना

सबको प्रेषित शुभकामना

न‌ए वर्ष पर सबको प्रेषित शुभकामना न‌ई
मृदुल हृदय की अर्पित मंजुल संवेदना न‌ई

सजे आपके अधरों पर नूतन मुस्कान सदा
भरे चित्त में चंदन सी निर्मल भावना नई

सुलग रही हर साँस यहाँ,मन में अवसाद भरा
हँसे सृष्टि, चँद्रिका खिले, हो‌ नित सर्जना नई

करें आज से चिर प्रशांत मंगल की अभिलाषा
मधुर भाव अंतर में छलके, हो कल्पना नई

रहें दूर संकुचित भाव मन से अहंता मिटे
बहे धार सलिला पावन, साधें साधना नई

बढ़ा हाथ देने के हित मानव- जीवन मिलता
जले दीप घर-घर में हो‌ मंगल कामना नई

प्रणय-किरण के कोमल बंधन में मन बँध जाएँ
करें प्रीति सब आपस में भर दो चेतना नई

Dr. Sunita Sharma Sudha
डा. सुनीता सिंह ‘सुधा’
( वाराणसी )
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