शब्दों का सफर

शब्दों का सफर | अहमियत

शब्दों का सफर

( Shabdon ka safar )

 

अहमियत

अहमियत उनको दो जो सच खातिर लड़ सके
बात कहने का हौसला हो सच्चाई पे अड़ सके
सच कहता हूं साथ देकर कभी नहीं पछताओगे
जान की परवाह ना करें जो कीर्तिमान गढ़ सके

जवाब

ईट का जवाब हम पत्थर से देना जानते हैं।
मेहमां हो हमारा भगवान से ज्यादा मानते हैं।
देशप्रेम की धारा में बहते देशभक्त मतवाले।
स्वाभिमान से सर ऊंचा गर्व से सीना तानते हैं।

विधान

विधि का विधान हो या नियति का खेल हो प्यारे
संकट काल में सभी ग्रह नक्षत्र होते विपरीत हमारे
हे प्रभु सबकी रक्षा करना सारे जग के पालनहार
जीवन को सुख का सागर कर देना जग करतार

आईना

एक आईना है जो सच बोलता है
कलम का जादू जो पूरा तोलता है
देशभक्तों का खून खौल जाता है
जब देश का सिंहासन डोलता है

 ?

कवि : रमाकांत सोनी सुदर्शन

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

शब्दों का सफर | Poem shabdon ka safar

 

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