नेत्र ज्योति ( Netra Jyoti ) पहला सुख निरोगी काया, वेद पुराण यश गाया। सेवा कर्म पावन जग में, नेत्र ज्योति जो दे सके। बुढ़े और बीमारी को, अंधों को लाचारों को। वक्त के मारो को, कोई सहारा जो दे सके। ऋषी मुनियों ने, साधु संतों और गुणियों ने। नेत्रदान महादान, जो दानवीर हो कर…