आधार | Aadhaar

आधार

( Aadhaar ) 

 

मिले हुए संस्कार ही
करते हैं वैचारिक सृजन
सोच मे संगत का प्रभाव भी
संभावित है
किंतु ,यदि पृष्ठभूमि भी सुदृढ़ हो तो
बारिश की बूंदें गिरकर भी बह जाती हैं

जीवन की नींव मजबूत होनी चाहिए
तात्कालिक हवाएं
डालियों को झुका भले दें
दरख़्त को उखाड़ पाना सम्भव नही है

आवश्यक है समय की मांग भी
मांग के अनुसार परिवर्तन भी
पर,मांग और परिवर्तन के बीच
स्थायित्व का होना भी जरूरी है

लबादा ओढ़कर भले न चलें
पर ,नग्नता स्पष्ट झलकने लगे
ऐसे परिधान
आपकी निर्लज्जता को ही दर्शाते हैं

हमारे आज को देखकर ही
कल की पीढियां तैयार होती हैं
आधार का खोखलापन ही
महल को जल्द
खंडहर मे बदल देता है

 

मोहन तिवारी

( मुंबई )

यह भी पढ़ें :-

तपना होगा | Tapna Hoga

 

Similar Posts

  • दी ग्रेट कपिल शर्मा | Kapil Sharma par kavita

    दी ग्रेट कपिल शर्मा ( The great Kapil Sharma )   –> कपिल कपिल नहीं, हंसी का फब्बारा है |?| 1.दी कपिल शर्मा टी.वी.शो, लाफिंग गैस का गुब्बारा है | आता शनि रविबार रात सोनी पर, ठहाकों का फब्बारा है | हंसना-हांसना खुशियाँ फैलाना, सोनी टी.वी.की पहचान है | कपिल कपिल नहीं रहा अब, करोडों…

  • मिंतर चौक | Minter Chowk

    मिंतर चौक ( Minter Chowk )   आओ थानै आज घुमाल्यू, चालो मित्र चौक। जगदंबा दरबार सज्यो देओ माई शीतला धोक। सब्जी मंडी सारै लागै, विघ्नहर्ता गणपति राज। गोपीनाथ जी मंदिर साजै, सुधारै सगळा काज। नैणसुखा मोदी पंसारी, चिराणियां सर्राफ व्यापारी। सटोरिया को अड्डो ठाडो, चालै राजनीति बड़ी भारी। मंच सजा भाषण बाजी हो फेर…

  • पछतावा

    पछतावा *** नहीं हो सका तुझसे कुछ भी अच्छा! रहा बच्चा का बच्चा, दिल का सादा और सच्चा। ईर्ष्या द्वेष वैमनस्य न जाना, ज़माने की दस्तूर न माना; देते हैं लोग अब ताना। मूर्ख ! तू इतना भी न जाना? छल कपट का है जमाना। कुछ कराने को ‘कुछ’ करना पड़ता है, वरना फाइल ठंडे…

  • राम के नाम पे | Kavita Ram ke naam pe

    राम के नाम पे ( Ram ke naam pe )   राम के नाम पे न कीचड़ उछालो, बिगड़ी हुई तू अपनी बना लो। छोटे- बड़े का अदब जो सिखाया, अमन-ओ-अमन का बीड़ा उठाया। सफर जिन्दगानी सुहानी बना लो, बिगड़ी हुई तू अपनी बना लो। राम के नाम पे न कीचड़ उछालो, बिगड़ी हुई तू…

  • आओ सीखें | Kavita Aao Shikhe

    आओ सीखें ( Aao Shikhe ) आओ सीखे फूलो से काटों के संग भी रहना तोड़ अगर उसको ले कोई तो उसे कुछ न कहना आओ सीखे पेड़ो से दूसरो के लिए जीना दूसरों को जीवन दे कर के खुद जहर हवा का पीना आओ सीखे सूरज से सदा चमकते रहना चाहे जो हो परिस्थित…

  • अन्नपूर्णा हो तुम घर की | Kavita

    अन्नपूर्णा हो तुम घर की ( Annapurna ho tum ghar ki )   संस्कार संजोकर घर में खूब ख्याल रखे घर का अन्नपूर्णा हो तुम घर की घर लगता तुमसे स्वर्ग सा   मधुर विचारों से सुसज्जित महके घर का कोना कोना नारी कर कमलों से ही प्यारा लगे घर सलोना   स्वच्छ धुले हाथों…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *