सुदामा | Kavita
सुदामा
( Sudama )

( Sudama )


मेरे प्यारे पापा ( Mere pyare papa ) अनुभवो भरा खजाना, वो स्नेह का सिंधु सारा। अपनापन अनमोल बांटते, सदा प्रेम की धारा। सबकी खुशियों में खुश रह, भूल जाते बुढ़ापा। मेरे प्यारे पापा, सबसे अच्छे, वो मेरे प्यारे पापा। जीवन में मुस्कुराते रहते, खिलते हुए चमन से। हंस-हंसकर हम से बतियाते, बड़े…

अस्तित्व वो कहते हैं ये मेरा प्रश्न है,हर उत्तर को निगलेगा,मैं कहता हूँ ये मेरी अनुभूति है,मौन में भी उगलेगा। वो कहते हैं ये मेरी रेखा है,किस्मत तक पहुँच जाएगी,मैं कहता हूँ ये मेरा पथ है,जो नियति को भी मोड़ लाएगी। वो कहते हैं ये मेरा काल है,सब कुछ ढहा जाएगा,मैं कहता हूँ ये मेरी…

कासे कहूँ मैं बात अपने जिया की ( Kaise kahoon main baat apne jiya ki ) कासे कहूं मैं बात अपने जिया की। कही न जाए बात सबसे पिया की। आके बसे हैं सनम लो मोरे हिया में। कोई खास बात होगी मोरे पिया में। छबीली अदाएं सब चाल मस्तानी है। घुंघराले केश काले…

कल गणतंत्र दिवस की भोर हैं कल गणतंत्र दिवस की भोर है,मेरा मन आत्म विभोर है।चारों ओर तिरंगे का शोर है,रंगोली लाइट द्वार सजे चारों ओर हैं।कल गणतंत्र दिवस की भोर हैं,मेरा मन आत्म विभोर है।। लहरा रहा तिरंगा देखो कैसी शान से,गूंजेगा कल देश गौरव गान से।सजा देश केसरिया श्वेत हरे रंग से,चारों ओर…

पापा तो पापा ही होते ( Papa to bus papa hi hote ) यह पापा तो हम सब के पापा ही होते, स्वयं से भी ज़्यादा हमारा ध्यान रखतें। हमें ज़िन्दगी जीने की यह कला बताते, कभी कोई बहाना किसी से ना बनाते।। सभी ज़रुरतों को यह पापा पूरी करतें, नौकरी कोई ऑटो…

मैं उसको ढूँढ रहा हूँ ( Main usko dhund raha hoon ) हम सबकी है वो जान, मेरे प्राणों का वो प्राण , मैं उसको ढूँढ रहा हूँ। वो देखो है दिन – रात, उसकी कोई नहीं है जाति। उसकी मुट्ठी में संसार, जरा वो रहता है उस पार, परिन्दे करते हैं गुणगान,…