सुन्दर श्याम | Sundar Shyam

सुन्दर श्याम

( Sundar Shyam ) 

 

शांत सौम्य सुन्दर श्याम
जन्म पर जिनके क्या खूब बरसे घनश्याम
पहुँचे फिर भी गोकुल धाम
बंसी की धुन पर नाचे गैया
नचाते राधा को भी श्याम
ध्यान में जिनके जग सारा,
उनको राग सिखाते श्याम
खेल है जिनका सृष्टि रचना
उस सृष्टि का हिस्सा श्याम
करने नए युग का निर्माण
निर्वाण पथ अपनाते श्याम
निराधार है जीवन का कर्म
कर्म का मर्म समझाते श्याम
समर्पित है जीवन जिनका
समर का तर्पण बताते श्याम
कली की खिलती कली को
द्वापर के द्वार सजाते श्याम
भ्रमित कर रही माया मन को
मन को सांख्य सिखाते श्याम
पथ ना सूझे अज्ञानी जग को
कर्मयोग दिखलाते श्याम
नश्वर तन के चंचल मन को
स्थितप्रज्ञ बनाते श्याम।

 

Dr. Priyanka Mishra
( IELTS Trainer )

यह भी पढ़ें :-

अक्सर छूट जाता है | Aksar Chhoot Jata hai

Similar Posts

  • कोरोना मरा ना | Kavita Corona Mara na

    कोरोना मरा ना ( Corona mara na )    मैं हूँ कोरोना, मुझ से डरो ना। अभी मैं मरा नही, लापरवाही करों नही।। धीरे-धीरे आ रहा में वापस, रहना भीड़ से तुम दूरी बनाकर। मास्क सदैव लगाकर के सब रहना, बाहर से आतें ही हाथ साबुन से धोना ।। मुझे ना लेना आज कोई हल्के,…

  • रिश्तों का फर्ज | Rishton ka Farz

    रिश्तों का फर्ज ( Rishton ka farz )   जिंदगी के हर रास्ते संग संग पार करेंगे अपने हर फर्ज को निभाते रहेंगे जिंदगी के हर रंग में रंग जायेंगे हम जिंदगी का हर सफर साथ में ही तय कर रिश्तों में आई खटास भी अगर कभी मिठास उनमे हमेशा हम भरेंगे निभायेंगे हर जिम्मेदारियां…

  • हमारे वृद्ध | Hamare Briddh

    हमारे वृद्ध ( Hamare Briddh )    बुजुर्गों के हाथ आशीर्वाद के लिए उठे तो अच्छे लगे यह दौलत, शोहरत ,नाम यही छूट जाना है रहना है सिर्फ इंसानियत और इंसान यह चिंतन मनन और मंथन अनुभव, तजुर्बा, गहनता वृद्ध फलदार वृक्ष की तरह हंसते, मुस्कुराते आशीष देते तटस्थता, सहजता, सरलता प्रकृति से सब कुछ…

  • युग मनीषी श्री अटल बिहारी वाजपेयी

    युग मनीषी श्री अटल बिहारी वाजपेयी राष्ट्र हित के नाम कर दिया आपने जीवन साराआप झूठ से दूर रहे लिया सच का सदा सहारा ।। सादा जीवन जिया आपने रख्खे उच्च विचारराजनीति में रहकर भी बेदाग़ रहा किरदार ।। उनके नेतृत्व में देश का खूब हुआ उत्थानदुनिया के नक्शे पर उभर कर आया हिन्दोस्तान ।।…

  • व्याकुलता | Vyakulta

    व्याकुलता ( Vyakulta )   खोज लेती है धारा प्रवाह अपना आपसे सलाह लेती नहीं निगाहों में जिनके बसता हो सागर वो नदी नालों में कभी रुकते नहीं आदि से अनंत तक की यात्रा रहती है गतिमान सदैव ही ठहर सकते हैं भले मन या तन से आप आपकी कहानी कभी रुकती नहीं अन गिनत…

  • टिकने नहीं देते चोटी पर | Tikne Nahi Dete

    टिकने नहीं देते चोटी पर ( Tikne nahi dete choti par )    मेहनत लगन हौसला ही प्रगति का आधार मिला। बुलंदियों का आसमां हसीं उन्नति का सिलसिला। काबिलियत हूनर हारे सवाल खड़ा हो रोटी पर। घात लगाए बैठे लोग टिकने नहीं देते चोटी पर। शब्दों का जादू चल जाए कीर्ति पताका जग लहराए। कलमकार…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *