Tag: साहित्य

  • ईश प्रार्थना बल देती है

    ईश प्रार्थना बल देती है ( Eesh prarthana bal deti hai )   ईश प्रार्थना बल देती, हिम्मत और संबल देती है। आस्था विश्वास प्रेम से, उर में शक्ति भर देती है।   मनोकामना पूरी करके, खाली झोली भर देती है। आशाओं के दीप जला,ईश प्रार्थना बल देती है।   हर लेते प्रभु संकट सारे,…

  • भाग कर प्रेम और विवाह | डॉ.कौशल किशोर श्रीवास्तव की कलम से

    भाग कर प्रेम और विवाह ( Bhag kar prem aur vivah )   पत्नि ने मुझसे चिरोरी करते हुए कहा “चलो हम भाग कर शादी कर ले। ” हरेक पत्नि की तरह मेरी पत्नी भी एक ऐसा बिजली का तार है जो दूर से भी झटके मारती है। इस बार चिरोरी कर रही थी। लगता…

  • “कुर्बानियां आंदोलन के चक्रव्यूह में मिली हमें आजादी थी”

    “कुर्बानियां आंदोलन के चक्रव्यूह में मिली हमें आजादी थी” क्रांतिकारियों के हृदय में भड़की आजादी की चिंगारी थी। गुलामी के प्रांगण में, रची आजादी की कहानी थी। वह तो स्वतंत्रता सेनानी की कुर्बानी थी। वह तो स्वतंत्रता सेनानी की कुर्बानी थी। लाल कुर्ती में बजाया आजादी का था बिगुल। छेड़ कर महासंग्राम चटाई अंग्रेजों को…

  • मानवता पर निबंध | Essay In Hindi

     मानवता  पर निबंध ( Essay in Hindi on humanity )   प्रस्तवना – मानवता को मानव होने के गुण के रूप में परिभाषित किया जा सकता है – मनुष्य का विशिष्ट स्वभाव जिसके द्वारा वह अन्य प्राणियों से अलग है। मानव होने का अर्थ यह नहीं है कि व्यक्ति के पास मानवता है। यदि आप…

  • यह मेरा हिंदुस्तान है | Hindi Poetry

    यह मेरा हिंदुस्तान है ( Yah mera hindustan hai )   यह मेरा हिंदुस्तान है, यह मेरा हिंदुस्तान है। ध्वज तिरंगा हाथों में, ले राष्ट्रगीत गाते हैं।   सरहद के सिपाही, सीमा के सभी जवान। आंधी तूफानों से भिड़, आगे बढ़ते जाते हैं।   कूद पड़े मैदानों में, धरती मां के लाडले। बलिदानी राहों पर,…

  • प्यार की मेरे अधूरी सी कहानी रह गयी | Love Shayari

    प्यार की मेरे अधूरी सी कहानी रह गयी ( Pyar ki meri adhuri si kahani rah gai )     प्यार  की  मेरे  अधूरी  सी  कहानी  रह  गयी! आँखों में आंसू दिल में ग़म की रवानी रह गयी   आज दिल से लुट गयी है वो मुहब्बत की ख़ुशी ग़म भरी ही रोज़ अपनी जिंदगानी…

  • हृदय मेरा पढ़ पाए | kavita

    हृदय मेरा पढ़ पाए ( Hriday mera padh paye )   अन्तर्मन में द्वंद बहुत है, जाकर किसे दिखाए। ढूंढ रहा हूँ ऐसा मन जो, हृदय मेरा पढ़ पाए।   मन की व्याकुलता को समझे,और मुझे समझाए। राह दिखे ना प्रतिद्वंदों से, तब मुझे राह दिखाए।   बोझिल मन पर मन रख करके,हल्के से मुस्काए।…

  • कजरी सावन | Sawn Par Kavita

    कजरी ‘सावन’ ( Kajari savan )   अबकी सावन में हमै चाही चीज मनमानी सैंया। बरसइ रिमझिम पानी सैया, सबदिन कहां जवानी सैंया ना।। सासु ससुर तीरथ यात्रा पर चार महीने डटे रहें। ननद रहे ससुराल में अपने जेठ भी घर से हटे रहें। पास पड़ोसी घर न आवै दूर-दूर ही कटे रहें। नदी नार…

  • श्याम रंग में | Hindi Poetry

    श्याम रंग में ( Shyaam rang me )   मोरी रंग दे ओ रंगरेज चुनरिया श्याम रंग में। मेरी वाणी को अविराम सुनो मोहन के रंग में। जिसके रंग में राधा रंग गई, लोक लाज को भी जो तंज गई। ऐसा ही रंग डाल चुनरिया श्याम रंग में…   मोरी रंग दे ओ रंगरेज चुनरिया…

  • कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद

    कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद (Katha samrat munshi premchand )   उपन्यास और कहानियों का जब भी जिक्र आता है तो सिर्फ एक नाम ही सामने नजर आता है। “सम्राट मुंशी प्रेमचंद जी” उनकी कहानियां पढ़कर हम बड़े हुए हैं हिंदी उपन्यास में हिंदी में, प्रेमचंद जी का पहला उपन्यास सेवासदन था। इससे पूर्व भी उनके…