हिंदी कविता

  • क्या कहना

    क्या कहना     सरस सरगम सुधा सी सुंगधित बयार क्या कहना। चलन चपला सी चंचल छन छनन झंकार क्या कहना।।   विकट लट की घटा की छटा न्यारी, कशिश ऐसी अनुचरी प्रकृति है सारी, घूंघट पट अपट अनुपम निष्कपट श्रृंगार क्या कहना।।   कमल दल विकल लखि अधरन की आभा, रंक जग है तुम्हारा…

  • मतदान जरूर करें

    मतदान जरूर करें ***** लोकतंत्र के महापर्व का मजा ले लो भैया, नियत तिथि को मतदान कर चुनो भविष्य भैया। अपनी ताकत-एकजुटता का दिखलाओ एहसास, जो काम न करे, कहें उसे नो बाॅस! अच्छे उम्मीदवार को कुर्सी पर बिठाएं, गर ना हो पसंद ‘नोटा विकल्प’ दबाएं। जांच परख कर किसी को दीजिए अपना मत, लालच…

  • विजय संकल्प

    विजय संकल्प     हार माने हार होत है जीत माने जीत, जीतने वाले के संग सब लोग लगावत प्रीत।   मन कचोटता रह जाता जब होता है हार, मन ही बढ़ाता है मनोबल जीवन सीख का सार।   जीत-हार का जीवन चक्र सदैव चलता रहता है, जीत-हार उसी की होती है जो खेल खेलता…

  • तस्वीरें भी कुछ कहती हैं

    तस्वीरें भी कुछ कहती हैं   आज मेरे सामने एक तस्वीर नहीं , अनेकों तस्वीरें पड़ी हैं  | अपनी – अपनी व्यथा , दुख और दर्द को लेकर खड़ी हैं | ? आज माँ की तस्वीर को देखा , जो नम आँखों से मुझे देख रहीं थीं , आपनी ममता और स्नेह से दुलार रहीं…

  • सफाई

    सफाई   आज तक ये बात मेरी समझ में न आई। तुम करो गन्दगी और मैं करूं सफाई।। मानवता खातिर काल ब्याल है यह, तृणवत न लेना बहुत विकराल है यह, अगर नहीं सम्भले पछताओगे भाई।।तुम करो० गांव गली कस्बा संसद तक फैली, स्वच्छ रखो चादर न होजाये मैली, तन और मन की अब रखो…

  • अब कलम लिखे किसकी जयगान

    अब कलम लिखे किसकी जयगान जब हुआ सबेरा खून खराबा इसी में रहता है जग सारा, वेद मंत्र सब धरे धरा पर नहीं करे कोई गुणगान | अब कलम लिखे ———–! रक्षक, भक्षक बनकर जीता अरमानों के अश्क़ को पीता, माली रौंदे अपनी बगिया गा गाकर पूरबी तान | अब कलम लिखे———! एक चमन है…

  • जागल बिहारी : निकलल नेताजी के होशियारी

    जागल बिहारी : निकलल नेताजी के होशियारी *********** बिहार के जनता- भूल गईल बा मंदिर मस्जिद, आ भूल गईल बा जाति मजहब; भैया हो ! अबकी चुनाव में- बिहारी कइले बा गजब! जनता के मांग अबकी नेता के नइखे पचत, जेने जाईं ओन्ने बेरोजगार बाड़े पूछत। कहां बा# रोजगार? हे सरकार! वोटवा लेवे खातिर बानी…

  • कृपा करो माँ पार्वती

    कृपा करो माँ पार्वती   (दुर्गा-अष्टमी पर विशेष)   कृपा करो माँ पार्वती। संहार , पालन, रचने वाली, तुम्ही तो हो आदिशक्ति।।   लाल चुनरिया ओढ सिंह पर, चढी भक्तों का मन हरती। खङग, चक्र , त्रिशूल, गदा ले, दुष्टों का मर्दन करती।।   सिद्धि मोक्ष-सुख देने वाली, भक्त-वत्सल ममता की मूर्ति। बिना तुम्हारे शिव…

  • ट्वीटर की धृष्टता

    ट्वीटर की धृष्टता ***** ट्वीटर वालों ने हमारे देश की आजादी, संप्रभुता, उदारता से खिलवाड़ किया है धृष्टता की है,मूर्खता की है इतना ही नहीं तकनीकी खामी बता- आरोपों से बचने की कोशिश की है। हमारी संप्रभुता से खिलवाड़ किया है, जम्मू एवं कश्मीर को- चीन में दिखाने का दुस्साहस किया है; लद्दाख को- जम्मू-कश्मीर…

  • अनोखा फैसला

    अनोखा फैसला **** सुन आई हंसी और हुआ आश्चर्य जब फैसला सुनाया गया भाई! मुझसे तो ना रहा गया दुनिया का अनोखा और संभवतः इकलौता है मामला पहले भी आपने बाबरी मस्जिद विध्वंस जेसिका हत्याकांड और न जाने कितने फैसले देखे सुने होंगे, आश्चर्यचकित भी हुए होंगे! एक और फैसला आया है- जिसमें इंसान हुआ…