Hindi Kavita

  • Kavita | गुनाह

    गुनाह ( Gunaah )   सद्भावों की पावन गंगा सबके   मन  को भाए वाणी के तीखे बाणों से कोई घायल ना हो जाए   प्रेम के मोती रहा लुटाता खता   यही    संसार  में कदम बढ़ाता फूंक फूंक कर कहीं  गुनाह  ना  हो जाए   कोई अपना रूठ ना जाए रिश्तो   के   बाजार   में घूम…

  • Kavita | दबे हुए अरमान

    दबे हुए अरमान ( Dabe hue armaan )   हर बार देख कर तुमकों क्यों,अरमान मचल जाते है। तब  भाव  मेरे  आँखों  मे आ, जज्बात मचल जाते है।   मन  कितना भी बाँधू लेकिन, मनभाव उभर जाते है, दिल की धडकन बढ जाती है,एहसास मचल जाते है।   क्या ये मेरा पागलपन है, या तेरे…

  • Vyang | इस भीड़ की सच्चाई ( व्यंग्य )

    इस भीड़ की सच्चाई ( व्यंग्य ) ( Is bheed ki sachai : Vyang )   ये कोरोना फैला नहीं रहे हैं भगा रहे हैं, देश को गंभीर बीमारी से बचा रहे हैं। देखते नहीं सब कितना जयघोष कर रहे हैं? समझो कोरोना को ही बेहोश कर रहे हैं? अजी आप लोग समझते देर से…

  • May Danava | मय दानव (महाभारत)

    मय दानव ( महाभारत ) ( May Danava  )   खाण्डव वन में मय दानव ने, इन्द्रप्रस्थ रच डाला। माया से उसने धरती पर,कुछ ऐसा महल बनाया।   अद्भुत उसकी वास्तु शिल्प थी,कुछ प्रतिशोध भरे थे, जिसके कारण ही भारत में, महाभारत युद्ध कराया।   कौरव ने जब खाण्डव वन को, पाण्डवों को दे डाला।…

  • Kavita | वह बचपन की याद पुरानी

    वह बचपन की याद पुरानी ( Woh bachpan ki yaad purani ) दही  बिलोती  दादी नानी नहीं रही वह कथा कहानी कहां  गई  पीपल की छांव वो बचपन की याद पुरानी   सावन  के  झूले  कहां  अब कहां बरसता टिप टिप पानी बहुत सुहानी लगती हमको वो  बचपन  की  याद पुरानी   निकर पहन स्कूल…

  • सनातन नववर्ष | Sanatan nav varsh par kavita

    सनातन नववर्ष ( Sanatan nav varsh )   वर्ष नया हो हर्ष नया हो घटा  प्रेम  की  छाई  हो जीवन का उत्कर्ष नववर्ष मधुर  बजे  शहनाई  हो   सनातन संस्कृति हमारी केसरिया  बाना  लहराये राज तिलक राम का हुआ राममय  माहौल  हो जाए   मां दुर्गा शक्ति स्वरूपा आकर हर ले कष्ट सारे चैत्र नवमी…

  • Kavita | दुनिया

    दुनिया ( Duniya )   रात  मे  चाँद को , जिसने  चमकना  सिखाया । सूरज की किरणों को ,आलोक फैलाना बताया ।। ग्रीष्म ,वर्षा ,शीत ,बसंत ,होती अजीब घटनाएं है । वंदन  है  प्रभु ! उन्हें , जिसने  ये दुनिया बनाया ।। उफनती  नदियों  को , जिसने  बहना  सिखाया । गहरी  काली  झीलो  को ,…

  • Romantic Kavita | दरकार

    दरकार ( Darkar )   हमको  है  दरकार  तुम्हारी हर  शर्त  स्वीकार  तुम्हारी हमसफर हो जीवन पथ की तुझ पर हम तो है बलिहारी   एक जरूरी किस्सा हो तुम दिल की धड़कन हो प्यारी मेरे  जीवन का हिस्सा हो हमसफर  हो  तुम  हमारी   प्रेम   भरी   पुरवाई   हो झोंका मस्त  बहार  का सजा हुआ…

  • Kavita | भारत रत्न भीमराव अंबेडकर

    भारत रत्न भीमराव अंबेडकर ( Bharat Ratna Bhimrao Ambedkar ) भारत के पावन भूमि में जन्मे, भीमराव अंबेडकर शत शत तुम्हें प्रणाम| भारत का इतिहास में रहेगा सदैव तुम्हारा नाम| पिता राम मालो सकपाल माता श्रीमती भीमाबाई, 14 अप्रैल को आया था भारत का लाल| महू छावनी में जन्म स्थल  अंबाबाड़े ग्राम| छुआछूत की लड़ाई…

  • Kavita Chandrawar | चंद्रवार का गृहकार्य

    चंद्रवार का गृहकार्य ( एक विलोमपदी )   टेक धन लोलुप भेड़ियों के झुंड में प्रजातंत्र, अकेली भेड़ सा घिर गया है। आदर्शवाद की टेक पर, चलते – चलते, कटे पेड़ सा गिर गया है। मुट्ठी भर सत्पुरुष लजा- लजा कर सिर धुन रहे हैं, और अनगिनत कापुरुष राजा, नित नया जाल बुन रहे हैं।…