Hindi Poem

  • Hindi kavita | Hindi Diwas Poem -और हिन्दी

    और हिन्दी ( Aur Hindi )     संस्कृत प्राकृत से पाली स्वरूप धरि, अब देवनागरी कहावति है हिंदी। छत्तीस रागिनियों के बारह सुर गाइ गाइ, चारि मिश्रित वर्ण सुहावति है हिन्दी।।   आगम -निगम के गूढ़ तत्व कहि कहि, ब्रह्म  से जीव को मिलावति है हिंदी। भारत महान की आन बान शान बनि, नभ…

  • Hindi kavita | Hindi Diwas Poem -हिंदी हमारी

    हिंदी हमारी ( Hindi Hamari )     तुलसी की वाणी रामायण हैं हिंदी रसखान जी के  दोहे है हिंदी मीरा सा प्रेम कृष्ण नाम है हिंदी भारतेंदु की आत्मा है हिंदी दिनकर जी की शब्दों की ज्वाला है सुमित्रानंदन की वाणी है हिंदी जो शब्द दिलों को छूती है वो मृदुभाषी है हिंदी संस्कार…

  • नई शुरुआत

    नई शुरुआत ( Nayi Shuruaat ) ***** सदैव कठिनाइयों से भरी होती है, शनै: शनै: सहज होती जाती है। फिर एक दिन- कली, फूल बन खिल जाती है, बाग बगिया को महकाती है; सुरभि फिजाओं में दूर तक बिखर जाती है। आकर्षित हो लोग खिंचे चले आते हैं, सौंदर्य/सफलता देख मंत्र मुग्ध हो जाते हैं।…

  • स्व. अटल बिहारी वाजपेयी

    स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ( late Atal Bihari Vajpayee )     मुल्क में होगा अटल जैसा न नेता कोई देखिए ए लोगो मुहब्बत एकता से ही भरा   नाम जिसका ही जहां में है सारे  रोशन लोगों सच कहूँ मैं मुल्क का है रहनुमा लोगों अटल   हर किसी को ही दिया है हक वतन…

  • सुनहरी सुबह  | Kavita

        सुनहरी सुबह   ( Sunahri subah )      सुनहरी सुबह नि:स्वार्थ भाव से प्रतिदिन सुबह आती है || आँख बंद थी अभी, खोए थे मीठे सपनों में | कुछ हंसीन प्यारे पल थे, हमारे अपनों में | तभी सुनहरी धूप ने दस्तक दी, नींद टूट गई | अंगडाई ले कर उठ गए, और…

  • तुम्हे रुलाने आया हूँ | Marmik kavita

     तुम्हे रुलाने आया हूँ  ( Tumhe rulane aya hun )   हंसने वालो सुनो जरा तुम तुम्हे रुलाने आया हूँ। अश्कों की बरसातों मे आज तुम्हे नहलाने आया हूँ।। जिसको सुनकर झुम उठो तुम ऐसा न संगीत मेरा। अन्तर्मन तक कांप उठेगा दर्द भरा सुन गीत मेरा।। न चाहिये कोई ताली मुझको न अभिनंदन चाहता…

  • काश कि तुमने ये बताया होता | Prem ras kavita

     काश कि तुमने ये बताया होता  ( Kash ki tumne ye bataya hota )   काश कि तुमने ये बताया होता कि मैं क्यों दूर होता जा रहा हूँ तुमसे न कोई गिला-शिकवा फिर भी बातों का सिलसिला शुरू नहीं एक दिन, दो दिन,पाँच दिन,बीस दिन आखिर कब तक? ये तो बताया होता । हौले-हौले…

  • धरोहर | Dhrohar kavita

     धरोहर  ( Dhrohar :  Kavita )   ->बड़ी सुरक्षित हैं मेरे पास , तेरी धरोहर . . . . ॥ 1 .समेटकर रखी है मैंने , तेरी सारी यादों को ।  ये अक्सर आती हैं,और रूला देती हैं मुझे । नम हो जाती हैं मेरी आँखें , झरने सी बहती हैं । सजाकर रखी हैं…

  • या खुदा कर दे रिहा

      या खुदा कर दे रिहा ( Ya khuda kar de riha )   हर पल यूँ ही आँखे भर जाना उदासी को दर्शाती है, खामोश रह, सब कुछ बर्दाश करना घुटन को बतलाती है ।। ये खुदा मुझे बहरा बना दे, कि कुछ सुन न सकूँ । या खुदा पत्थर दिल बना दे कि…

  • तस्वीरें | Kavita

    हर पल की यादें होती हैं “तस्बीरें” || १. हर तस्बीर कुछ कहती है ,हर तस्बीर की एक कहानी है | हर पल थमा सा लगता है ,तस्बीर उस वक्त की निसानी है | कुछ धुंधली कुछ नई सी हैं , मानो यादों की जवानी है | हर तस्बीर की अपनी अदा है , हर…