उन्वान | Unwan
उन्वान
( Unwan )
वो पन्ना
किताब का
सोचा था
मुकम्मल
हो गया
चंद लफ्ज़ों की
कमी थी
उसकी बस
तकमील को
लम्हों की
स्याही ऐसी
कुछ बिखरी
पन्ना नया
अल्फाज़ वही
मगर
उन्वान ही
बदल गया..

लेखिका :- Suneet Sood Grover
अमृतसर ( पंजाब )


शहरों की ओर ( Shahro ki or ) छोड़ दिया घर बार गांव चल पड़े शहर की ओर चकाचौंध के पीछे दौड़े भूल गए सुहानी भोर भागदौड़ भरी जिंदगी फुर्सत का कोई नाम नहीं शहरों का जीवन ऐसा अपनेपन का काम नहीं फैशन के दीवाने होकर लोग चले शहर की ओर…

राष्ट्रपति डॉ अब्दुल कलाम ( President Dr Abdul Kalam ) मानवता के आप मसीहा माननीय कलाम। शत शत वंदन आपको आदाब और सलाम। राष्ट्र हितेषी राष्ट्रपति रहे देश प्रेमी किरदार। युवाओं के प्रेरक आप नव ऊर्जा के भंडार। मिसाइल मैन कहलाते भारत रत्न महान। राष्ट्रपति पद को सुशोभित राष्ट्र की पहचान। …

सिन्दूर पर कविता ( Sindoor par kavita ) सिन्दूर के नाम पर क्यों? नारी बंध सी जाती है, अबला बन जाती है तड़प तड़प कर जिंदा ही, मर सी जाती है। सिन्दूर के लज्जा में सम्मान श्रद्धा में पति को भगवान ही समझती, फिर भी, न जाने क्यों! बार बार मन में प्रश्न उठता…

भोर होने तक ( Bhor Hone Tak ) भोर तक तो चलना होगा रुकना और ठहरना होगा सफर है हमारी जिंदगी का लडखडाना और संभलना होगा हर मौसम के साथ रहना होगा हर मोड़ से हमें गुजरना होगा होंगे कईयों से गिले शिकवे भी सब में समझाना और समझना होगा धूप और छांव जरूरी…

वो काले बादल ( Wo Kale Badal ) वो काले बादल वो गीली मिट्टी वो बरसती बूंदे वो लहराते आंचल वो थिरकते पैर वो भीगी आजादी वो खुशहाल चहरे वो मिठे गीत वो काले बादल वो गीली मिट्टी वो बरसती मोहब्बत वो बिखरी जुलफे वो शरारती बाते वो लहराते आंचल नाज़ अंसारी यह भी पढ़ें:-…

आओ प्यार करें ( Aao Pyaar Karen ) आओ प्यार करें,गुलों को हार करें,रूठें इक दूजे से,और मनुहार करें, बीते जो दिनमान,उनको याद करें,आने वाले पल का,स्वागत इंतजार करें,आओ प्यार करें। आभा गुप्ताइंदौर (म. प्र.) यह भी पढ़ें :-
