उन्वान | Unwan
उन्वान
( Unwan )
वो पन्ना
किताब का
सोचा था
मुकम्मल
हो गया
चंद लफ्ज़ों की
कमी थी
उसकी बस
तकमील को
लम्हों की
स्याही ऐसी
कुछ बिखरी
पन्ना नया
अल्फाज़ वही
मगर
उन्वान ही
बदल गया..

लेखिका :- Suneet Sood Grover
अमृतसर ( पंजाब )


जाड़ा आया ( Jada aaya ) आया जाड़ा की ऋतु प्यारा बदल गया है मौसम सारा फसल पाकि गय कटि गय धान ढोंइ अनाज लइ जाय किसान पड़य शीत खूब ठरै बयार कबहूं पाला कबहुं तुषार शीत ठरै कापैं पशु पक्षी धूप लगै तब तन को अच्छी जाड़े की हैं बात निराली धूप लगे…

2623 वां महावीर जन्म कल्याणक दिवस भगवान महावीर का ध्यान धरे । सुप्त चेतना को जगाये । आत्मा की उज्जवलता को पाये । भगवान महावीर का ध्यान धरे । अब भोर भई उठ जाग जाये । क्यों आँख मूंदकर सोये । आया है यह शुभ दिन । क्यों वक्त कीमती हम खोये । भगवान…

मेरे दिल की बस्ती मेरे दिल की बस्ती क्यों इतनी है सस्तीन कोई हलचल न कोई मस्तीलोग आकर चले जाते हैंनहीं रुकती कोई हस्ती।। मैं भी सोचता हूं कोई आकर गुलज़ार करेंथोड़ा रुक कर यहां इंतजार करेंकुछ बहार लाए जिन्दगी मेंहमसे भी कोई प्यार करें।। जिंदगी का मेरे कोई थोड़ा किनारा बनेसाथ साथ चलने का…

1. जो चला गया जो चला गया हैं छोड़ तुझे,उस मोह में अब क्या पड़ना हैं। जीवन सूखी बगिया में, सब रंग तुम्हे ही भरना हैं। आसूं का संचय करो हृदय में, जिष्णु सा सम्मान भरो, इतिहास अलग ही लिखना है, अवनि को तुमको छूना है। 2. हमीं से मोहब्बत हमीं से…

रंगों का त्यौहार है होली खुशियों का इजहार है होली ,रंगों का त्यौहार है होली ॥ जिसके प्रियतम पास नहीं हैं,उसके लिए अंगार है होली । सच हो जाते जिसके सपने ,उसके लिए बहार है होली । रंग रंगीला जीवन जिसका ,उसके लिए बहार है होली । जहाँ वक्त पर रोटी मुश्किल ,वहाँ पर खड़ी…

काहे कइलू माई एतनी बज्जर क छतिया ( Kahe Kailoo Mai Etni Bajjar Ka Chatiya ) काहे कइलू माई एतनी बज्जर क छतिया। पेटवा में मारऽजिन गिरइ द धरतिया।। कबहुं नाहीं धरती बोवल बीजवा के मारे। बाहर अंकुरवा करे पेंड़ बने सारे ।। जननी जीवदान तोहसे मांगे तो हरी बिटिया ।।पेटवा।। कामकाज…
