उन्वान | Unwan
उन्वान
( Unwan )
वो पन्ना
किताब का
सोचा था
मुकम्मल
हो गया
चंद लफ्ज़ों की
कमी थी
उसकी बस
तकमील को
लम्हों की
स्याही ऐसी
कुछ बिखरी
पन्ना नया
अल्फाज़ वही
मगर
उन्वान ही
बदल गया..

लेखिका :- Suneet Sood Grover
अमृतसर ( पंजाब )


यह वक्त भी निकल जाएगा ( Ye waqt bhi nikal jayega ) समय भले हो कड़वा चाहे, मीठे अनुभव देकर जाएगा। जरा संभल के चलो प्यारे, यह वक्त भी निकल जाएगा। रख हौसला बढ़ता जा नर, हर तूफानों से टकराता जा। हर मुश्किल हर बाधा को, धीरज धर मात खिलाता जा। खिले चमन में…

मुहब्बत से मगर देखा नहीं था ( Muhabbat se magar dekha nahin tha ) मुहब्बत से मगर देखा नहीं था उसी ने ही मुझे समझा नहीं था गिले शिकवे करें है जब मिले वो लगे आकर कभी लगता नहीं था उसे आवाज़ दी है खूब मैंनें किया मेरे तरफ चेहरा नहीं था…

आओ मिलकर प्यार लिखें ( Aao milkar pyar likhen ) प्रेम और सद्भावों की मधुर मधुर बयार लिखे खुशियों भरा महकता सुंदर सा संसार लिखे मधुर गीतों की लड़ियां गा गुल गुलशन गुलजार लिखें अपनापन अनमोल जग में आओ मिलकर प्यार लिखें जहां नेह की बहती धारा पावन गंगा की धार लिखें जहां…

मीराबाई ( Meerabai ) कृष्ण भक्ति में मीरा नाची लेकर हाथों में इकतारा। मुरली मनोहर कृष्ण कन्हैया गिरधर लगता प्यारा। विष का प्याला राणा भेजा अमृत रस बन आया। सुंदर पुष्प माला सज गई विषधर जब भिजवाया। भक्ति में शक्ति भारी पावन मेवाड़ धरा हो गई सारी। मीरा माधव प्रेम पुजारी तान मुरलिया वो…


मन के नयन हजार ( Man ke nayan hajaar ) चंचल मन ले रहा हिलोरे, उमड़े भाव विचार। मन की अखियां खोलिए, मन के नयन हजार। मन के नयन हजार,मन के नयन हजार। निर्मल मन में बह रही, भाव भरी रसधार। चंचल चितवन उठ रही, उमंगों की भरमार। प्रेम भरे मोती लिए, मन…
