विश्वास की शक्ति | Vishwas ki Shakti

विश्वास की शक्ति

( Vishwas ki Shakti )

राहों में अंधेरा चाहे घना हो,
दिल में तेरा लौटने का यकीं बसा हो।
कितनी भी दूरियां क्यों न हों हमारे बीच,
ये विश्वास ही वो ताकत है, जो हमें पास लाएगा।

तेरी यादों का साया हर पल संग चलता है,
खामोश रातों में ये दिल तुझसे मिलने की बात करता है।
पर मैं जानता हूँ, कभी तो वो दिन आएगा,
जहाँ मेरी यादों की शक्ति का तेज,
हजारों दीपों सा जगमगाएगा।

हर आहट पर ये दिल आज भी धड़कता है,
हर पलछिन में तेरे स्वभाव की सरलता है।
इस इंतज़ार को भी उस दिन सुकून मिल जाएगा,
जिस दिन सबका रखवाला तेरे आने की खबर सुनाएगा।

तेरी यादों में जीते हुए मैंने हर लम्हा जिया है,
क्योंकि मेरे दिल ने कदम-कदम पर मुझे हौंसला और विश्वास दिया है।
छोटे-मोटे तूफानों से मेरा विश्वास नहीं डगमगाएगा,
ये विश्वास ही वो ताकत है, जो हमें फिर से पास लाएगा।

प्रेम ठक्कर “दिकुप्रेमी”

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