Yoga par kavita
Yoga par kavita

योग विश्व को भारत की देन

( Yoga vishwa ko bharat ki den )

 

योगी ऋषि-मुनियों ने,
जग को योग सिखाया।
तपस्या के दम पर,
योग शिक्षा दे गए।

 

अपना भारत देश,
दुनिया में है विशेष।
संसार को योग शिक्षा,
योगी संत दे गए।

 

अनुलोम विलोम हो,
प्राणायाम आसन हो।
स्वस्थ तन मन हो,
सीखा जग को गए।

 

शीर्षासन ताड़ासन,
वज्रासन योग करो।
भुजंगासन शक्ति का,
भंडार वो दे गए।

 

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कवि : रमाकांत सोनी सुदर्शन

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

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