Poem on anger in Hindi

क्रोध | Poem on Anger in Hindi

क्रोध

( Krodh )

 

क्रोध की अपनी सीमा है और, क्रोध की भी मर्यादा है।
सही समय पर किया क्रोध, परिणाम बदलता जाता है।

 

राघव ने जब क्रोध किया तब, सागर भय से कांप उठा,
स्वर्ग पधारे जटायु जब, क्रोधित हो रावण से युद्ध किया।

 

समय पे क्रोधित ना होने का, दण्ड भीष्म ने सहा बहुत।
द्रौपदी का अपमान देखकर, क्रोध ना आया उनको जब।

 

हर बातों को अनदेखा कर, चुप हो जाना सही नही।
बिगड़ी बात सही होती तब, समय पर क्रोध अगर आती।

 

 

कवि शेर सिंह हुंकार

देवरिया ( उत्तर प्रदेश )

यह भी पढ़ें :- 

शकुंतला | Poem on shakuntala

 

 

Similar Posts

  • जस्टिस फॉर गुलनाज

    जस्टिस फॉर गुलनाज ****** #justice_for_Gulnaz चाहे सरकारें बदलती रहें राज जंगलवाली ही रहे ऐसे में हम कहें तो क्या कहें? जब प्रशासन ही अपना चेहरा उजागर करे! कौन जीये/मरे फर्क जरा नहीं पड़े सिस्टम हैं सड़े आम आदमी है डरे अपराधी मजे ले अफसर चलें सियासी चाल सरकारों की रखें भरपूर ख्याल होते मालामाल ठोकते…

  • राह-ए-इश्क | Poem Rah-E-Ishq

    राह-ए-इश्क ( Rah-E-Ishq )    उसकी पलकों के ओट से हया टपकती है, फिर भी देखो वो मौज-ए-बहार रखती है। दाना चुगने वाले उड़ते रहते हैं परिन्दे, क्या करे वो बेचारी तीर-कमान रखती है। शाही घरानों से नहीं हैं ताल्लुकात उसके, आसमां कीे छोड़, जमीं भी महकती है। दोष उसका नहीं, ये दोष है जवानी…

  • वोट देना जरा संभाल के | Vote Dena

    वोट देना जरा संभाल के ( Vote dena jara sambhal ke )    नए-नए नेता ले टोली, धवल वेश और मीठी बोली। उमड़ पड़ा हुजुम यहां, बंद तिजोरी नेताजी खोली। वादे मधुर बड़े कमाल के, बदल देंगे ढंग हाल के। नेता फिर भी सशक्त चुने, वोट देना जरा संभाल के। वोट देना जरा संभाल के…

  • गुरु नाम अधारा | Guru Nam Adhara

    गुरु नाम अधारा ( Guru Nam Adhara ) जनम जनम का साथ है तुम्हारा हमारा हमारा तुम्हारा l एक गुरु नाम अधारा एक गुरु नाम सहारा l जब जब भटकी राहें गही कर तूने उबरा l एक गुरु नाम अधारा एक गुरु तू ही सहारा l चरण वंदन, पूजन करूं मैं तेरा l ज्ञान की…

  • दीपावली पर कविता | Diwali Kavita in Hindi

    दीपावली पर कविता ( Diwali par kavita ) ( 2 ) आने वाला एक त्योहार, दिया जले उसमें दो चार। कुछ थे रंग बिरंगे वाले, कुछ थे कच्ची मिट्टी वाले। कुछ में घी और कुछ में धागे। बच्चे भी थे रात को जागे, दीपावली के जगमग रात में ।खुशियों का संचार है,एक दूसरे को सब…

  • मोबाईल की महिमा | Kavita Mobile ki Mahima

    मोबाईल की महिमा ( Mobile ki Mahima )   कितना प्यारा है कितना न्यारा है सबके आंखों का तारा है तू! क्या बच्चे क्या व्यस्क क्या बालायें क्या बूढे उंगलियां उनके नीचे सदा दिन-रात घनघनाती बच्चे गेम्स में व्यस्क चैट कर वूढें यूट्यूब पर झूमते-गाते रहते! वनिता ओं के कहने शरमों-हया को धता बता कर…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *