वृद्धाश्रम

वृद्धाश्रम | Bridhashram Chhand

वृद्धाश्रम

( Bridhashram )

 

मनहरण घनाक्षरी

 

पावन सा तीर्थ स्थल,
अनुभवों का खजाना।
बुजुर्गों का आश्रय है,
वृद्धाश्रम आइए।

 

बुजुर्ग माता-पिता को,
सुत दिखाते नयन।
वटवृक्ष सी वो छाया,
कभी ना सताइए।

 

हिल मिलकर सभी,
करें सबका सम्मान।
वृद्धाश्रम में प्रेम के,
प्रसून खिलाइए।

 

जीवन के अनुभव,
ज्ञान का सागर भरा।
बुजुर्गों का आशीष ले,
वृद्धाश्रम जाइए।

 

कवि : रमाकांत सोनी सुदर्शन

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :- 

बादल | Badal par chhand

Similar Posts

  • बुढ़ापे की देहरी | Budhape ki dehri | Chhand

    बुढ़ापे की देहरी ( Budhape ki dehri ) मनहरण घनाक्षरी बुढ़ापे की देहरी पे, पग जब रख दिया। हाथों में लकड़ी आई, समय का खेल है।   बचपन याद आया, गुजरा जमाना सारा। बालपन की वो यादे, सुहानी सी रेल है।   भागदौड़ जिंदगी की, वक्त की मार सहते। लो आया बुढ़ापा देखो, नज़रो का…

  • तुलसीदास जी | Chhand Tulsidas Ji

    तुलसीदास जी ( Tulsidas Ji ) मनहरण घनाक्षरी   तुलसी प्यारे रामजी, राम की कथा प्यारी थी। प्यारा राम रूप अति, रामलीला न्यारी थी।   राम काव्य राम छवि, नैनों में तुलसीदास। रामचरितमानस, राम कृपा भारी थी।   चित्रकूट चले संत, दर्शन को रघुनाथ। रामघाट तुलसी ने, छवि यूं निहारी थी।   राम नाम रत…

  • सीमा | Seema par Chhand

    सीमा ( Seema )  मनहरण घनाक्षरी   सरहद पे जवान, चलते सीना तान। देश का सम्मान वीर, रखते संभाल के। लड़ते वीर सीमा पे, गोलाबारी गोली से। दुश्मन को मात देते, तिलक है भाल के। अटल सेनानी वीर, महा योद्धा रणवीर। पराक्रम दिखाते वो, तेवर कमाल के। भारतमाता के लाल, शूरवीर है कमाल। बुलंद हौसले…

  • बेटी | Chhand

    बेटी ( Beti ) (  मनहरण घनाक्षरी छंद ) लक्ष्मी अवतार बेटी घर का संस्कार बेटी देश का सम्मान होती दो दो वंश तारती   शिक्षा की जोत जलाती घर में रौनक लाती हुनर कौशल दिखा घर को संवारती   मां का अरमान बेटी पिता का सम्मान बेटी वतन की बागडोर कमान संभालती   गुणों…

  • दया | Daya

    दया ( Daya ) रूप घनाक्षरी   जीवों पर दया करें, औरों पर उपकार। साथ देता भगवन, दुनिया का करतार। हर्ष खुशी प्रेम भरा, सुंदर सा ये संसार। दया नहीं मन माहीं, समझो जीना बेकार। श्रीराम है दयासिंधु, भक्तों के तारणहार। दयानिधि दीनबंधु, कर देते बेड़ा पार। दीनन पे दया करें, आदर और सत्कार। सुख…

  • नसीहतें | Nasihaten Chhand

    नसीहतें ( Nasihaten )     नसीहतें मां-बाप की सुन लेना एक बार जिंदगी सुधर जाए एतबार कीजिए   भला चाहते आपका अपने ही देते सीख बड़ों की नसीहतों को सम्मान दीजिए   नसीहतें ना दीजिए कर्म भी जग में करे हुनर दिखला कर खूब यश लीजिए   जिंदगी की जंग में भी हौसला रखना…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *