Laal Rang par Kavita

लाल रंग | Laal Rang par Kavita

लाल रंग

( Laal rang )

 

लाल रंग रक्त वर्ण होता वीरों की वीरता दर्शाता है
धन वैभव सम्मान दिलाता लक्ष्मीजी को भाता है

स्वाभिमान भाव दमके शौर्य पराक्रम रणवीरो का
लाल रंग साहस सूचक लाल ध्वजा धरें वीरों का

सौभाग्य सिंदूर से बढ़ता लाली बन मुस्काता है
रामभक्त हनुमान भाए तन पर सिंदूर लुभाता है

गजानंद गणेश से लगाए सिद्धियों के भंडार भरे
गालों पर लाली छा जाए तन निरोगी काया करे

लाल सिंदूर नारी सौंदर्य पिया की आयु बढ़ जाए
लाल टमाटर गाल गुलाबी लाली पिया मन भाए

लाल नयन अंगारे बरसे लाल समर लड़ते सीमा पे
लाल सपूत मां भारती प्राण न्योछावर करे धरा पे

 

रचनाकार : रमाकांत सोनी सुदर्शन

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

गुलाबी रंग | Gulabi Rang par Kavita

Similar Posts

  • मिशन चंद्रयान | Mission Chandrayaan

    मिशन चंद्रयान ( Mission Chandrayaan )    शुरू किया अभियान जो चौदह जुलाई दो हजार तेईस  को भेजा जो हमने चंद्रयान जहां मैं हो रहा सम्मान दिल प्रफुल्लित  हो गया शंखनाद यह हो गया तेईस सितंबर दो हजार तेईस स्वर्णक्षर मे अंकित हो गया जय घोष भारत का हुआ जमीन से आसमान तक चंद्रमा के…

  • दिल से आगाज़ | Poem on valentines day in Hindi

    दिल से आगाज़ ( Dil se aagaaz ) दिल से आगाज़ , रूह पर अंजाम हो ऐसा ‘फसाना लिख जाता है यह…. इश्क खुद ना मुक्कम्मल रहकर भी मुक्कम्मल कर जाता है यह….इश्क कभी दीदार-ए-चांद,कभी इक ‘ बूंद ‘की खातिर चकोर सा कभी, तो किसी को पपीहा सा तरसा जाता है यह… इश्क #HappyValentinesDay लेखिका…

  • बेजार | Kavita Bejaar

    बेजार ( Bejaar ) पढ़ लिखकर अब क्या करे, होना है बेजार। सौरभ डिग्री, नौकरी, बिकती जब बाजार।। अच्छा खासा आदमी, कागज़ पर विकलांग। धर्म कर्म ईमान का, ये कैसा है स्वांग।। हुई लापता नेकियां, चला धर्म वनवास। कहे भले को क्यों भला, मरे सभी अहसास।। गिरगिट निज अस्तित्व को, लेकर रहा उदास। रंग बदलने…

  • कोई प्रहरी | Geet Koi Prahari

    कोई प्रहरी ( Koi Prahari ) कोई प्रहरी काश लगा दे,ऐसा भी प्रतिबंध । किसी ओर से बिखर न पाये,धरती पर दुर्गंध ।। दिया हमीं ने नागफनी अरु,बबूल को अवसर क्यों बैठे हम शाँत रहे, सोचा कभी न इस पर कभी तो कारण खोजो आये,कैसे यहाँ सुगंध ।। गुलमोहर -कचनार-पकड़िया , आम -नीम-पीपल आज चलो…

  • मित्रता | Friendship poem in Hindi

    मित्रता ( Mitrata ) सभी को रहती है मित्रता की आस, मित्र बिन जीवन बनता अधूरी सांस; मित्रों के साथ मिलता सुखद एहसास, अनुभूतियां रहती है सदैव आसपास। लड़ते झगड़ते रहना फिर भी साथ-साथ, हर मुश्किल में मित्र आगे बढ़ाता है हाथ, कभी नहीं छोड़े श्रीकृष्ण सुदामा का साथ, हर मुसीबत में मिलती है तिनके…

  • बेजुबां परिवार | Bezubaan parivar

    बेजुबां परिवार ( Bezubaan parivar )    साथ में है सभी तो, लगता है परिवार एक। बिखर जाऐ अभी तो, पत्थर लगते है अनेंक।। विचलित करती है हमें, पत्थरो से बनी ये तस्वीर। जरा सोचिऐ तो सही, ध्यान लगाकर इस और।। पत्थर से बनें है ये इन्सान, परिवार है लेकिन बेजुबान। आईना अपनी कहानी कह…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *