क्षणिक दुःख सुख ( Kshanik duhkh sukh ) दुःख कहें या सुख जिन्दगी का एक सिलसिला है, कहीं टपकता बूंद है,तो कहीं कहीं सुखा गिला है। अगर दुख न होता तो सुख को कहां से लाते हम, सब सुखी ही रहते तो भला देवालय क्यों जाते हम। कुछ उधार नहीं मिलता यहां…
माँ शैलपुत्री कृपा करो ( Maa shailputri kripa karo ) हे माँ शैलपुत्री कृपा करो, हमें अपनी शरण देकर माँ अपनी दया कर देना माँ ।। सत्य की राह चुने हम, ऐसी सुमति हमें देना , हम बालक नादान है तेरे, अपनी छाव मैं रखना माँ । हे माँ शैलपुत्री आ जाओ…
पावन हुई अयोध्या लौट राम घर आए ( Pawan hui Ayodhya laut ram ghar aaye ) पावन हुई अयोध्या प्रभु राम के मन भायी हुआ अवतरण श्रीराम का खुशियां मनाई दशरथ कौशल्या घर जन्मे प्रभु ने किया निहाल त्रिलोकी के नाथ आए जग में ऐसी नहीं मिसाल अमर हो…
कलम बोलती है ( Kalam bolti hai ) कलम बोलती है कलम बोलती है पूरा तोलती है पूरा तोलती है गूंज उठती है मंचों पर प्यारी सी रसधार बने गीत गजल छंद मधुर महकती बयार बने बुलंद होती मुखर वाणी कुर्सियां डोलती है कलम बोलती है कलम बोलती है कांपते हैं…
हम हंसते गाते छोटे छोटे नन्हे बच्चे हैं ( Bal Sahitya Rachna ) हम हंसते गाते छोटे छोटे नन्हे बच्चे हैं तुतलाती तुतलाती बोली मन के सच्चे हैं बढ़ जाएंगे कदम हमारे खुले आसमान में अच्छे काम करेंगे हम भी भारत मां की शान में तूफानों से टकराना तो खूब मन को…
अधरों पर मुस्कान है कविता ( Adharon par muskan hai kavita ) अधरों पर मुस्कान है कविता कवि ह्दय के भाव है कविता उर पटल पर छाप छोड़ती सप्त सुरों की शान है कविता वाणी का उद्गार है कविता वीणा की झंकार है कविता छू जाती मन के तारों को देशभक्ति का गान…