मिशन चंद्रयान | Mission Chandrayaan

मिशन चंद्रयान

( Mission Chandrayaan ) 

 

शुरू किया अभियान जो

चौदह जुलाई दो हजार तेईस  को

भेजा जो हमने चंद्रयान

जहां मैं हो रहा सम्मान

दिल प्रफुल्लित  हो गया

शंखनाद यह हो गया

तेईस सितंबर दो हजार तेईस

स्वर्णक्षर मे अंकित हो गया

जय घोष भारत का हुआ

जमीन से आसमान तक

चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर

राष्ट्रय ध्वज लहरा गया

अशोक चिन्ह छा गया

लैंडर और रोवर के द्वारा

शोध चंद्रमा की सतह पर

 चौदह करोड़  लोगो ने

ने खुशी को सांझा किया

विश्व को यह बता दिया

चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव

पर पहुंच कर सर्वप्रथम

 जय हिंद नाम छा गया

अनेकता में एकता का यह

मंजर देखना हो गर अगर

देखो भारत को एक नजर

बच्चे बूढ़े और जवानों में

चेहरे पर छाई एक मुस्कान

कहीं प्रार्थना में हाथ जुड़े

कहीं उठे हाथ दुआ को

मेहनत और मशक्कत ने

सफल अभियान बना दिया

 चंद्रयान तीन जमी से चांद

 पर ले जाके दिखा दिया

हौसले हिम्मत के दम पर

तिरंगा चांद पर फहरा दिया

 

डॉ प्रीति सुरेंद्र सिंह परमार
टीकमगढ़ ( मध्य प्रदेश )

यह भी पढ़ें :-

अपने हक को जाने | Apne Hak ko Jane

Similar Posts

  • क्या हम आजाद हैं | Kya Hum Azad Hain

    क्या हम आजाद हैं कहने को आज़ाद तो कहलाते हैं, पर आज़ाद रह नहीं पाते हैं। कोई गुलाम जातिवाद का, कोई राजनीति के गुलाम बन जाते हैं। साम्प्रदायिकता और दलों के फेर में, बंधकर हम रह जाते हैं। अन्याय और अत्याचार सह सहकर, यूं ही घुटकर रह जाते हैं। आज भी देश में दहेज प्रथा,…

  • Hindi Ghazal -मालिक का दरबार

    मालिक का दरबार ( Malik Ka Darbar )   यह सारी दुनिया ही उस मालिक का दरबार हो जाए, अगर आदमी को आदमी से सच्चा प्यार हो जाए ।   जाति-मज़हब के नाम पर और लड़ाइयाँ ना होंगी, अगर इंसानियत ही सबसे बड़ा व्यापार हो जाए ।   हरेक कामगार को मयस्सर हो उनके हक़ की रोटी, अगर मालिक-मज़दूर…

  • बच्चों तुम हो जान मेरी | Bachcho par kavita

    बच्चों तुम हो जान मेरी ( Bachcho tum ho jaan meri )    बच्चों तुम हो जान मेरी तुम में ही भारत बसता है खुशी बाँटते इन चेहरों से हर जर्रा जर्रा हँसता है देश के तुम हो प्रतिनिधि तुम में बसती हर निधि विधि बनोगे तुम भाल इस देश का अर्जित होगी कई नई…

  • एक मुहिम चलाएं | Positive kavita

    एक मुहिम चलाएं ( Ek muhim chalaye )      एक मुहिम चलाऐं सबको अपना मीत बनाने की। सब मिलकर शुरुआत करेंगे ऐसी रीत चलाने की।।   बदले वाली भावना सब को, मन से दूर भगानी है। प्रेम बढ़े जिसे आपस में, ऐसी अलख जगानी है।। चाहत मेरी है प्रेम जगाने वाला गीत सुनाने की।…

  • बचपना | बालगीत

    बचपना  ( Bachpana ) पुआल पर दौड़कर जीत जाते हैं, बारिश में भीगकर नाव चलाते हैं। बर्तनों से खेलकर खाना बनाते हैं-, चुपके से चलके याद, बचपन में चले जाते हैं । मुकुट मोर पंखों का लगाकर, कृष्ण बन जाते हैं, नीले आकाश को छूकर धरती पर इतराते हैं। कपड़ा ओढ़ मेढ़क बनकर, बारिश करवाते…

  • प्रेम की दहलीज से | Prem ki Dehleez

    प्रेम की दहलीज से ( Prem ki dehleez se )   प्रेम की दहलीज से,लौट रहीं वासनाएं *********** तन मन विमल मृदुल, मोहक अनुपम श्रृंगार । पूर्णता बन संपूर्णता , रिक्तियां सकल आकार । भोग पथ परित्याग पर, अभिस्वीकृत योग कामनाएं । प्रेम की दहलीज से, लौट रहीं वासनाएं ।। चाह दिग्भ्रमित राह पर, सघन…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *